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हम भी इंसान हैं

हम भी इंसान हैं
aajtak.inनई दिल्ली, 04 February 2015

एक रोमांटिक फिल्म जहां पैसा, स्थिति और प्रसिद्धि सच्चे प्यार के आगे झुकते हैं. प्रेमियों का साहस बेरहम आदमी को भी हिला देता है. सेठ धरमपाल अपने महलनुमा घर में अपने परिवार के साथ रहते हैं. जहां वह अपनी तानाशाही चलाते हैं. जब उनकी बेटी रेखा को एक मजदूर भोला से प्रेम हो जाता है, तो सेठ को इतना गुस्सा आता है की वह भोला पर अपनी बेटी के साथ रेप और उसके अपहरण का आरोप लगाता है. इतना ही नहीं वह अपनी बेटी से जबरदस्ती कोर्ट में भोला के खिलाफ गवाही भी दिलवा देता है. धरमपाल के खिलाफ इस लड़ाई में सिर्फ किशनलाल ही खड़ा हो सकता है, किशनलाल धर्मपाल की बहन का पुराना प्यार है. लेकिन धरमपाल उसे कब तक बर्दाश्त करेगा?

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