एडवांस्ड सर्च

मुस्लिम महिलाओं ने भरी हुंकार, 2017 में इन बंदिशों से मिली आज़ादी

महिलाओं को कोई अधिकार इस्लाम परस्त सरकार द्वारा मिला तो कुछ अधिकार कोर्ट और कानून की लंबी लड़ाई लड़ने के बाद मिले. जानिए इस साल देश-दुनिया में मुस्लिम महिलाओं को किन पाबंदियों से निजात मिली.

Advertisement
सना जैदीनई दिल्ली, 29 December 2017
मुस्लिम महिलाओं ने भरी हुंकार, 2017 में इन बंदिशों से मिली आज़ादी प्रतीकात्मक तस्वीर

देश-दुनिया में साल 2017 में महिलाओं को समानता का अधिकार और महिलाओं की स्थिति में सुधार लाने की दिशा में कई अहम फैसले किए गए. ऐसे फैसले जिनसे महिलाओं को राहत मिली और उनके हक में किए गए सुधारों की दुनियाभर में तारीफ हुई. साथ ही ये फैसले इतिहास के गवाह भी बने. महिलाओं को कोई अधिकार इस्लाम परस्त सरकार द्वारा मिला तो कुछ अधिकार कोर्ट और कानून की लंबी लड़ाई लड़ने के बाद मिले. जानिए इस साल देश-दुनिया में मुस्लिम महिलाओं को किन पाबंदियों से निजात मिली.

ट्रिपल तलाक से मिली आजादी

भारत में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिपल तलाक पर ऐतिहासिक फैसला देते हुए एक बार में तीन तलाक को बैन कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट के तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिए जाने का मुस्लिम महिलाओं ने दिल से स्वागत किया और जश्न मनाया. दरअसल ट्रिपल तलाक को खत्म करने को लेकर मुस्लिम महिलाएं आंदोलन करती रही हैं. एक बार में तीन तलाक को सुप्रीम कोर्ट द्वारा अवैध मानने के बाद अब केंद्र की मोदी सरकार इस मसले पर कानून लाने जा रही है. जिसमें तीन तलाक देने वाले को तीन साल की सज़ा देने का प्रावधान है. जल्द ही ट्रिपल तलाक पर बिल पेश किया जाएगा.

मुस्लिम संगठनों में बढ़ी महिलाओं की भागीदारी

एक समय था कि देश के तमाम मुस्लिम संगठन महिलाओं को शामिल करने से कतराते थे, लेकिन 2017 में उठे मुद्दों की वजह से कई संगठनों को महिलाओं को शामिल करने के लिए मजबूर होना पड़ा. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से लेकर जमात-ए-इस्लामी हिंद तक के संगठनों में अब महिलाओं की तादाद बढ़ी है. साथ ही महिलाओं में खुलकर बोलने की हिम्मत भी बढ़ी है. तीन तलाक के मुद्दे पर महिलाएं मीडिया से मुखातिब हुईं और प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की.

हज के लिए अब किसी पुरुष के सहारे की जरूरत नहीं

देश में ऐसा पहली बार होगा जब महिलाएं बिना पुरुष को साथ लिए हज पर जाएंगी. इसी साल सरकार ने हज यात्रा के नियमों में बदलाव करते हुए महिलाओं के अकेले हज पर जाने से पाबंदी हटा दी है. बिना पुरुष के साथ के हज पर जाने के लिए बस दो शर्तें हैं. पहली ये कि कम से कम चार महिलाओं को एक ग्रुप में जाना होगा और दूसरा ये कि ग्रुप में सभी महिलाओं की उम्र 45 साल से अधिक होनी चाहिए. मोदी सरकार ने ये कदम इसलिए उठाया क्योंकि कई महिलाएं चाहकर भी इस पाबंदी की वजह से हज पर नहीं जा पाती थीं. बता दें कि सउदी अरब समेत कई देशों में महिलाओं को पुरुषों के बिना हज पर जाने की पहले से ही इजाजत है.

महिलाओं को गाड़ी चलाने की इजाजत

सऊदी अरब ने इस साल सितंबर में एक आदेश जारी कर महिलाओं को पहली बार गाड़ी चलाने की अनुमति दी. बता दें कि सऊदी अरब दुनिया का एकमात्र ऐसा देश था जहां महिलाओं के ड्राइविंग पर बैन था. अब इस बैन के हटते ही महिलाएं सड़क पर गाड़ी चला सकेंगी. बैन खत्म करने के फैसले का देश ही नहीं पूरी दुनिया में स्वागत किया गया. हालांकि महिलाओं को ड्राइविंग की अनुमति इतनी आसानी से नहीं मिली. महिलाओं को ड्राइविंग का अधिकार दिलाने के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया. कई महिलाओं को बैन के खिलाफ गाड़ी चलाने पर सजा भी दी गई. जून 2018 से ये महिलाएं गाड़ी चला सकेंगी. महिलाओं और पुरुषों के लिए एक जैसे ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जाएंगे.

स्टेडियम में मैच देखने की आजादी

गाड़ी चलाने की आजादी के बाद सऊदी अरब में महिलाओं को अब स्टेडियम में मैच दिखने की भी इजाजत मिल गई है. महिलाएं अब स्टेडियम में जाकर मैच का मजा ले सकती हैं. हालांकि इसकी शुरुआत भी 2018 से ही हो सकेगी. देश के तीन बड़े शहरों रियाद, जेद्दा और दम्माम में लोग महिलाओं के साथ स्टेडियम में मैच देखने जा सकेंगे. बता दें कि इससे पहले वहां पर सिर्फ पुरुष ही स्टेडियम में जा सकते थे. गौरतलब है कि क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान सऊदी समाज के आधुनिकीकरण और अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के लिए लगातार सुधार कर रहे हैं.

स्टॉक बाजार में भी महिलाओं की भागीदारी

महिलाओं के सशक्त बनाने और समानता का अधिकार दिलाने में सऊदी अरब की सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है. इसी साल सऊदी अरब के स्टॉक बाजार को भी महिलाओं की मौजूदगी का एहसास हुआ. फरवरी, 2017 में साराह अल-सुहैमी को सऊदी स्टॉक एक्सचेंज ताडावुल ने पहली महिला चेयरपर्सन बनाया है. तडावुल अपने क्षेत्र का सबसे बड़ा और दुनिया में 26वें नंबर का स्टॉक बाजार है.

सऊदी अरब में सिनेमाघरों से हटा बैन

मुस्लिम देश सऊदी अरब तेजी से सामाजिक बदलाव की ओर बढ़ रहा है. इस बदलाव की में अब सिनेमाघरों पर लगे बैन को हटाया गया है. वहां के 32 वर्षीय शहजादे मोहम्मद बिन सलमान के नेतृत्व में कई उदारवादी कदम उठाए जा रहे हैं, सऊदी अरब ने साढ़े तीन दशक से अधिक समय से सिनेमाघरों पर लगा बैन हटा लिया है. बता दें कि तीन दशक पहले सिनेमाघरों पर मौलवियों ने मजहब का हवाला देते हुए बंद करवा दिया था. वहां के संस्कृति और सूचना मंत्रालय ने कहा कि विभाग तत्काल प्रभाव से सिनेमाघरों को लाइसेंस जारी करना शुरू कर देगा और साल 2018 मार्च तक सिनेमाघर शुरू हो जाएंगे.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
पाएं आजतक की ताज़ा खबरें! news लिखकर 52424 पर SMS करें. एयरटेल, वोडाफ़ोन और आइडिया यूज़र्स. शर्तें लागू
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay