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पाकिस्तानी जुल्म से परेशान 78 हिंदू आए भारत, नहीं लौटना चाहते PAK

पाकिस्तान दुनिया भर के मंचों पर जम्मू कश्मीर में मानवाधिकार हनन का मुद्दा उठा रहा है लेकिन उसके जुल्मों-सितम की कहानियां वहां से भागकर भारत आए पाकिस्तान के नागरिक ही सुना रहे हैं.

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aajtak.in
शरत कुमार जयपुर, 12 September 2019
पाकिस्तानी जुल्म से परेशान 78 हिंदू आए भारत, नहीं लौटना चाहते PAK भारत आए 78 पाकिस्तानी हिंदू नागरिक अब पाकिस्तान नहीं लौटना चाहते

  • भारत आए 78 पाकिस्तानी हिंदू नागरिक अब पाक नहीं लौटना चाहते
  • पाकिस्तान में रहने वाले ये हिंदू जान बचाकर आए हैं भारत

पाकिस्तान दुनिया भर के मंचों पर जम्मू कश्मीर में मानवाधिकार हनन का मुद्दा उठा रहा है लेकिन उसके जुल्मों-सितम की कहानियां वहां से भागकर भारत आए पाकिस्तान के नागरिक ही सुना रहे हैं. अपनी बहन-बेटियों को बचाने के लिए पाकिस्तान से भागे हिंदू कह रहे हैं कि वहां पर उन पर जुल्म ढाया जाता है और भले ही जान चली जाए लेकिन वह पाकिस्तान नहीं जाएंगे. भारत आए 78 पाकिस्तानी हिंदू नागरिक अब पाकिस्तान नहीं लौटना चाहते.

ये लोग कहीं पत्थरों को जोड़कर झोपड़ी बनाकर तो कहीं खुले आसमान के नीचे अपनी जिंदगी बसर कर रहे हैं. पाकिस्तान में रहने वाले ये हिंदू जान बचाकर भारत आए हैं. भारत-पाकिस्तान के बीच चलने वाली थार एक्सप्रेस से ये लोग भारत पहुंचे थे. अब ये वापस पाकिस्तान नहीं जाना चाहते. हर शख्स के पास अपनी दर्दनाक कहानी है.

कोई कहता है कि वहां पर मुस्लिम जमींदार अपने खेतों में काम करवा कर पैसे नहीं देते हैं और बंधुआ मजदूर बनाकर रखते हैं तो कोई कहता है कि गांव में सुंदर बहू-बेटी है तो लोग उसे जबरन उठाकर ले जाते हैं. ऐसे ही पांच बेटियों के पिता तमाल मेघवाल हैं.

तमाल वहां पर डॉक्टर थे और अच्छी प्रैक्टिस चल रही थी लेकिन लोगों से तंग होकर वह भारत आ गए. डॉ. तमाल अब यहां पर 50 पैसे की टॉफी बेचकर अपना गुजारा कर रहे हैं. कश्मीर से धारा 370 के खत्म होने के बाद पाकिस्तान में हिंदुओं के प्रति नफरत के बाद घोटकी से जबीर मेघवाल का परिवार आया है. पांच बेटियों के पिता जबीर मेघवाल का कहना है कि उनके यहां घोटकी के पास रोहड़ी में रीना मेघवाल को वहां का जमींदार का लड़का घर से उठा ले गया था.

ये लोग पाकिस्तान से परेशान होकर भारत चले आए हैं. यहां से किसी भी कीमत पर वापस लौटना नहीं चाहते हैं. ज्यादातर लोगों का वीजा भी खत्म होने जा रहा है जिसकी वजह से अब वह ज्यादा दिन भारत में रह नहीं सकते. भारत सरकार का नियम है कि नागरिकता के लिए 7 साल भारत में रहना अनिवार्य है लेकिन जो लोग अभी आए हैं उनके पास किसी भी तरह का ना तो कोई रोजगार है और ना घर है. लिहाजा इनकी जिंदगी बदहाल है.

दरअसल यह लोग थार एक्सप्रेस से भारत आ जाते हैं लेकिन सीमावर्ती इलाकों में अपने रिश्तेदारों के यहां चले जाते हैं. हाल फिलहाल में धारा 370 खत्म होने के बाद पाकिस्तान से आए 78 नागरिक वापस पाकिस्तान नहीं लौटे हैं. इनकी खोजबीन के लिए खुफिया विभाग को लिखा गया है.

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