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इमरान खान बोले- हमारे पास सिखों का मक्का-मदीना, खोल रहे हैं रास्ता

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान में सिखों का मक्का और मदीना है. हम कॉरिडोर बनाकर सिख तीर्थयात्रियों को करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब के दर्शन के लिए सुविधा मुहैया करा रहे हैं.

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aajtak.in [Edited by: विशाल कसौधन]नई दिल्ली, 10 February 2019
इमरान खान बोले- हमारे पास सिखों का मक्का-मदीना, खोल रहे हैं रास्ता पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (फाइल फोटो)

पाकिस्तान में सिखों का मक्का और मदीना है. पाकिस्तान, अल्पसंख्यक सिख समुदाय के लिए उनके पवित्र स्थानों के रास्तों को खोल रहा है. यह बातें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने रविवार को संयुक्त अरब अमीरात में कही. इमरान खान ने पिछले साल नवंबर में पाकिस्तान के करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब को जोड़ने वाले गलियारे की आधारशिला रखी थी. यह कॉरिडोर सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव का अंतिम विश्राम स्थल से भारत के गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक मंदिर तक होगा. इस कॉरिडोर में बिना वीजा के तीर्थयात्री आ जा सकेंगे.

यूएई के उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन राशिद अल-मकतूम के निमंत्रण पर वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट के 7वें संस्करण में हिस्सा लेने के लिए इमरान खान यूएई की एक दिन की यात्रा पर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कहा कि मक्का और मदीना इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थल हैं. हमारे पास सिखों का मक्का और मदीना है और हम सिखों के लिए उन साइटों को खोल रहे हैं.

खान ने कहा कि पाकिस्तान ने पहली बार 70 देशों के लिए ऑन अराईवल वीजा सुविधा की है. जहां से लोग आकर हवाई अड्डे पर वीजा प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि दुनिया की आधी सबसे ऊंची चोटियां पाकिस्तान में हैं. पाकिस्तान में सबसे पुराने ऐतिहासिक स्मारक हैं. हमारे पास सिंधु घाटी सभ्यता है, जो 5,000 साल पुरानी है. हमारे पास पेशावर है, जो दुनिया का सबसे पुराना जीवित शहर है और 2,500 साल पुराना है. लाहौर और मुल्तान प्राचीन शहर हैं. हमारे पास गांधार सभ्यता है, जो बौद्ध सभ्यता का उद्गम स्थल था.

खान ने कहा कि वे देश को पर्यटन के लिए खोल रहे हैं. पाकिस्तान में करतारपुर साहिब में सिखों का पवित्र गुरुद्वारा है. यह सिख गुरु द्वारा 1522 में स्थापित किया गया था. यह सिखों का पहला गुरुद्वारा था. यहीं सिखों के गुरु नानक की मृत्यु हुई थी. करतारपुर कॉरिडोर, जो भारतीय सिख तीर्थयात्रियों की वीजा-मुक्त यात्रा की सुविधा प्रदान करेगा. करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब का कॉरिडोर जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है. गुरु नानक की जयंती मनाने के लिए भारत से हर साल हजारों सिख श्रद्धालु पाकिस्तान आते हैं. भारत ने लगभग 20 साल पहले पाकिस्तान को गलियारे का प्रस्ताव दिया था.

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