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UAE ने कहा OIC में भारत को 'गेस्ट ऑफ ऑनर' बनाया जाना ऐतिहासिक घटना

प्रस्ताव के बारे में भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि 'जम्मू एवं कश्मीर को लेकर प्रस्ताव की जहां तक बात है तो हमारा स्टैंड बिल्कुल स्पष्ट है.

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aajtak.in/ गीता मोहन नई दिल्ली, 03 March 2019
UAE ने कहा OIC में भारत को 'गेस्ट ऑफ ऑनर' बनाया जाना ऐतिहासिक घटना ओआईसी की बैठक में सुषमा स्वराज (टि्वटर/एमईए)

इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) का 46वां सत्र शनिवार को अबु धाबी डिक्लेरेशन के साथ संपन्न हो गया. भारत और पाकिस्तान में जारी विवादों के बीच ओआईसी ने इस सत्र में काफी संतुलित नजरिया पेश किया. एक तरफ यूएई और कुछ इस्लामिक संगठनों ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री के घोर विरोध के बावजूद भारत को बतौर 'गेस्ट ऑफ ऑनर' आमंत्रित किया तो दूसरी ओर कुछ देशों ने भारत के खिलाफ अलग अलग प्रस्तावों के तहत पाकिस्तान को राजनयिक स्तर पर विरोध दर्ज कराने का मौका दिया.

ओआईसी ने अपने संदेश में इमरान खान के उस कदम को 'गुडविल जेस्चर' का नाम देते हुए तारीफ की जिसमें भारतीय पायलट विंग कमांडर अभिनंदन को शुक्रवार को भारत को सौंप दिया गया. अबु धाबी डिक्लेरेशन में कहा गया, 'हम प्रधानमंत्री इमरान खान के उस गुडविल जेस्चर की तारीफ करते हैं जिसमें उन्होंने क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए भारतीय पायलट की रिहाई का आदेश दिया.'

ओआईसी की बैठक में पाकिस्तान ने दो रिजोल्यूशन प्रस्तावित किए जिनमें एक 'रिजोल्यूशन ऑन पॉलिटिकल अफेयर्स: जम्मू एंड कश्मीर अफेयर्स' और दूसरा-द पिस प्रोसेस बिट्विन इंडिया एंड पाकिस्तान है. ओआईसी ने इन दोनों रिजोल्यूशन को मंजूर कर लिया. कश्मीर रिजोल्यूशन में पाकिस्तान ने जम्मू एवं कश्मीर में भारतीय प्रशासन के कामकाज की आलोचना की गई है. प्रस्ताव में जम्मू एवं कश्मीर राज्य को 'भारत अधिकृत जम्मू एवं कश्मीर' कहा गया है और यहां कथित तौर पर 'मानवाधिकार उल्लंघन' के आरोप लगाए गए हैं. इसी प्रस्ताव में भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे विवादों के समाधान के लिए जम्मू एवं कश्मीर में 'जनमत संग्रह' की मांग उठाई गई है.

इस प्रस्ताव के बारे में भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि 'जम्मू एवं कश्मीर को लेकर प्रस्ताव की जहां तक बात है तो हमारा स्टैंड बिल्कुल स्पष्ट है. जम्मू एवं कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और यह पूरा मामला निहायती तौर पर हमारा आंतरिक है.' भारत ने किसी 'तीसरे पक्ष की दखलंदाजी' को भी सिरे से खारिज करते हुए इससे जुड़े मानवाधिकार उच्चायुक्त (ओएचसीएचआर) के रिपोर्ट को भी दरकिनार कर दिया.

सत्र के समापन पर यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जाएद बिन सुल्तान अल नाह्यान ने कहा कि ओआईसी ने भारत और वहां के लोगों को काफी सकारात्मक संदेश दिया है इस्लामिक संगठन भारत के साथ रिश्ते को काफी गर्मजोशी से लेता है और इसे और मजबूत करने का इरादा रखता है, उम्मीद है कि भारत एक दिन ओआईसी का पूर्णकालिक सदस्य बनेगा. विदेश मंत्री ने कहा कि हमें पता है कि भारत किसी कारणवश अभी सदस्य नहीं है लेकिन उसे गेस्ट ऑफ ऑनर बनाया जाना अपने आप में ऐतिहासिक घटना है.

दूसरे प्रस्ताव 'मुस्लिम कम्युनिटीज एंड मुस्लिम माइनॉरिटीज इन द नॉन ओआईसी मेंबर स्टेट' में ओआईसी ने भारत में 'बाबरी मस्जिद' विध्वंस पर गंभीर चिंता जताई है और इसे पुनः बनाए जाने की मांग की गई है. प्रस्ताव में 'घर वापसी' के द्वारा 'अल्पसंख्यकों के धर्मांतरण' पर भी चिंता प्रकट की गई है. सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि ओआईसी की बैठक भारत के लिए काफी अच्छी रही क्योंकि उसे ऊंचा स्थान दिया गया और फोरम के अंतिम बयानों में भारत के बारे में कोई नकारात्मक बात नहीं कही गई.

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