एडवांस्ड सर्च

कोरियाई मिसाइल से अब एंथ्रेक्स का टेस्ट, जान भी ले सकता है यह बैक्टीरिया

खबरें आ रही हैं कि उत्तर कोरिया ने एक ऐसे मिसाइल का टेस्ट किया है जिसमें बेहद खतरनाक एंथ्रेक्स भी लगा हुआ था, जो जान भी ले सकता है.

Advertisement
aajtak.in [Edited By: सुरेंद्र कुमार वर्मा]दिल्ली, 21 December 2017
कोरियाई मिसाइल से अब एंथ्रेक्स का टेस्ट, जान भी ले सकता है यह बैक्टीरिया उत्तर कोरिया ने किया मिसाइल परीक्षण (फाइल फोटो)

एक के बाद एक परीक्षण कर अमेरिका को लगातार परेशान करने वाले उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने ऐसे नए मिसाइल परीक्षण किया है जिसमें खतरनाक एंथ्रेक्स मिला हो सकता है.

दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी का दावा है कि उसके पड़ोसी मुल्क ने इंटरकॉन्टिनेन्टल बैलेस्टक मिसाइल का परीक्षण किया है जिसके मुखास्त्र पर खतरनाक एथ्रेक्स लगा हो सकता है. माना जा रहा है कि इस मिसाइल की जद अमेरिका के पूर्वी हिस्से तक है.

मिसाइल टेस्ट में हुई देरी, तो तानाशाह किम ने 2 अफसरों की ले ली जान

दूसरी ओर, जापानी अखबार का दावा है कि अमेरिकी सरकार को इस परीक्षण के बारे में जानकारी थी, और उसकी यह जानने की कोशिश थी कि उच्च तापमान की स्थिति में एंथ्रेक्स बैक्टीरिया सक्रिय रहता है या नहीं. वहीं उत्तरी कोरिया ने इस आरोप का पूरजोर खंडन करते हुए कहा कि वह अमेरिका से बदला जरूर लेगा.

आखिर कितना खतरनाक हैं एंथ्रेक्स?

एंथ्रेक्स एक खतरनाक और जानलेवा रोग है और यह बैसिलस एंथ्रैंकिस नामक जीवाणु के कारण फैलता है. इसे सैन्य हथियार के रूप में प्रयोग में लाया जा सकता है और इसे मिसाइल, रॉकेट या बम के सहारे छोड़ा जा सकता है. एंथ्रेक्स को जहाज के जरिए छोड़ा जा सकता है. साथ ही इसे बड़े एरिया में फैलाने के लिए हवाई स्तर पर स्प्रे किया जा सकता है.

केरल में CPM के पोस्टर पर किम, BJP का तंज- हमारे दफ्तर पर मिसाइल ना छोड़ दें?

एक बार जहां इसके बीजाणु फैल जाते हैं तो यह कई दशकों तक बने रहते हैं. शुरुआत में 2-3 दिन तक बुखार या जुकाम जैसे लक्षण दिखते हैं, इसके बाद दूसरे चरण में रोगी को तेज बुखार, सीने में दर्द, सांस लेने में दिक्कत या झटके लगने जैसी दिक्कतें आती हैं. बीमारी बढ़ने पर रोगी की 2 दिन के अंदर मौत भी हो सकती है.

पहले भी युद्ध में इस्तेमाल हुआ एथ्रेंक्स

2001 के अंत में अमेरिका में एथ्रेंक्स का मामला सुर्खियों में आया था, जब लिफाफा के जरिए एथ्रेंक्स के बैक्टिरिया को फैलाने की कोशिश की गई और उस दौरान इससे 5 लोग मारे गए थे.

नार्थ कोरिया के लिए ही 'खतरा' बना किम का पागलपन!

हथियार के रूप में पहली बार किसी लड़ाई में एंथ्रेक्स का इस्तेमाल 1932 से 1945 के बीच माना जाता है, जब जापान और चीन के बीच युद्ध लड़ा जा रहा था. तब जापान पर यह आरोप लगा कि उसने मंचुरिया में लड़ाई के दौरान एंथ्रेक्स और अन्य बॉयोलॉजिकल हथियारों का प्रयोगात्मक इस्तेमाल किया था. इस कारण 10,000 लोग प्रभावित हुए थे, और अपनी जान गंवाई थी.

ब्रिटेन ने भी 1940 के दशक में एंथ्रेक्स को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जबकि खुद अमेरिका ने 50 और 60 के दशक में सैन्य इस्तेमाल के लिए एंथ्रेक्स का प्रयोग किया था. सोवियत रूस और 1995 में इराक ने भी इसे आजमाया था.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)  के अनुसार, 50 किलो एंथ्रेक्स को अगर हवाई जहाज से 50 लाख की आबादी वाले शहरी क्षेत्र में छोडा जाए तो इससे करीब 2.50 लाख लोग बीमार हो सकते हैं.

Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay