एडवांस्ड सर्च

करतारपुर कॉरिडोर पर पाकिस्तान साजिश, खालिस्तान समर्थकों को बुलाने के लिए दे रहा न्योता

खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान करतारपुर कॉरिडोर को लेकर साजिश रच रहा है. सूत्रों ने आजतक को जानकारी दी है कि पाकिस्तान गुरुनानक देव के 550वें प्रकाशपर्व के मौके पर विदेशों में मौजूद खालिस्तानी समर्थकों को आने का न्योता दे रहा है.

Advertisement
aajtak.in
जितेंद्र बहादुर सिंह नई दिल्ली, 23 October 2019
करतारपुर कॉरिडोर पर पाकिस्तान साजिश, खालिस्तान समर्थकों को बुलाने के लिए दे रहा न्योता करतारपुर कॉरिडोर (Photo- IANS)

  • करतारपुर कॉरिडोर पर पाक की नापाक चाल
  • खालिस्तान समर्थकों के बुलाने पर दे रहा जोर
  • खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट से हुआ खुलासा

आतंकियों की शरणस्थली बना पाकिस्तान बेशक दुनिया के सामने आतंकवाद पर कार्रवाई के दावे कर रहा हो, लेकिन हकीकत में वह अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. 'आजतक' के हाथ लगी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान करतारपुर कॉरिडोर को लेकर साजिश रच रहा है.

सूत्रों ने 'आजतक' को जानकारी दी है कि पाकिस्तान गुरुनानक देव के 550वें प्रकाशपर्व के मौके पर विदेशों में मौजूद खालिस्तानी समर्थकों को आने का न्योता दे रहा है. 'आजतक' को मिली जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान, गुरुनानक देव के 550वें जन्म दिवस के मौके पर यूएस, यूरोप और कनाडा में मौजूद खालिस्तानी समर्थक के आने को तरजीह दे रहा है.

पाकिस्तान की इन्हीं हरकतों को भारत कई बार मीटिंग में उठा चुका है. यहां तक भारत, करतारपुर में खालिस्तानी गतिविधियों का एक डॉजियर भी पाकिस्तान को दे चुका है, लेकिन पाक है कि मानता नहीं.

खालिस्तानी समर्थकों को तरजीह

हाल ही में पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख राशीद अहमद ने एक सार्वजनिक मंच से करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह में खालिस्तान समर्थकों को न्यौता देते हुए उनके आने पर खुले दिल से स्वागत की बात कही थी. इससे पहले भी एक इंटरव्यू में शेख रशीद ने कहा था कि करतारपुर का नाम खालिस्तान होना चाहिए.

करतारपुर कॉरिडोर के बारे में-

करतारपुर कॉरिडोर सिखों के लिए सबसे पवित्र जगहों में से एक है. करतारपुर साहिब सिखों के प्रथम गुरु, गुरुनानक देव जी का निवास स्‍थान था. गुरु नानक ने अपनी जिंदगी के आखिरी 17 साल 5 महीने 9 दिन यहीं गुजारे थे. उनका सारा परिवार यहीं आकर बस गया था. उनके माता-पिता और उनका देहांत भी यहीं पर हुआ था. इस लिहाज से यह पवित्र स्थल सिखों के मन से जुड़ा धार्मिक स्थान है.

करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन

वहीं, भारत अपनी तरफ बन रहे यात्री टर्मिनल का काम लगभग पूरा करने वाला है. 9 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे और सिख श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को इसी दिन रवाना भी करेंगे. उससे पहले बुधवार को भारत ने पाक को समझौते पर हस्ताक्षर करने का प्रस्ताव भेजा था. हालांकि, विदेश मंत्रालय की ओर से मंगलवार को कहा गया कि गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी गुरुवार को जीरो प्वॉइंट पर पाकिस्तानी अधिकारियों से मिलेंगे और भारत की ओर से फाइनल मसौदे पर हस्ताक्षर करेंगे.

करतारपुर गलियारा, अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग चार किमी दूर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नरोवाल जिले के करतारपुर में स्थित गुरुद्वारे को भारत के पंजाब में स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारा से जोड़ेगा.

पाकिस्तान का सख्त रवैया

भारत ने श्रद्धालुओं से 20 डॉलर शुल्क वसूले जाने को लेकर पाकिस्तान के अड़ियल रवैये के बावजूद समझौते पर हस्ताक्षर करने पर हामी भरी थी. दोनों ही देश करतारपुर कॉरिडोर को गुरू नानक देव की 550वीं जयंती से 9 नवंबर की शुरुआत में खोलने की तैयारी कर रहे हैं. मालूम हो कि भारत प्रत्येक तीर्थयात्रियों पर 20 अमेरिकी डॉलर का सेवा शुल्क लगाने के पाकिस्तान के फैसले का कड़ा विरोध कर रहा है और आज संयुक्त सचिव स्तर की वार्ता में भारत 20 डॉलर शुल्क हटाने को लेकर अपनी मांग एक बार फिर रखेगा.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay