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वीजा फ्रॉडः भारतीय डिप्लोमैट जमानत पर रिहा

कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने न्यूयार्क में भारत की उप महावाणिज्यदूत देवयानी खोबराडगे को वीजा संबंधी धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार करने के बाद दो लाख 50 हजार डॉलर की जमानत पर रिहा कर दिया है.

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aajtak.in
भाषा [Edited By: अभिजीत श्रीवास्तव]न्यूयॉर्क, 13 December 2013
वीजा फ्रॉडः भारतीय डिप्लोमैट जमानत पर रिहा भारत की उप महावाणिज्यदूत देवयानी खोबराडगे

कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने न्यूयार्क में भारत की उप महावाणिज्यदूत देवयानी खोबराडगे को वीजा संबंधी धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार करने के बाद दो लाख 50 हजार डॉलर की जमानत पर रिहा कर दिया है. देवयानी ने खुद को अदालत में निर्दोष बताया जिसके बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया. सदर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयार्क के लिए अमेरिकी अटॉर्नी भारत में जन्मे प्रीत बराड़ा ने 39 वर्षीय देवयानी के खिलाफ आरोपों की घोषणा की जिसके बाद उन्हें उस समय हिरासत में लिया गया जब वह सुबह करीब नौ बजे अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने जा रही थी. देवयानी को न्यूयार्क में उसके घर और बच्चे की देखभाल करने वाली एक भारतीय नागरिक के वीजा आवेदन के संदर्भ में झूठे बयान देने के आरोप में हिरासत में लिया गया था.

देवयानी यहां भारत के महावाणिज्य दूतावास में उप महावाणिज्यदूत हैं, लेकिन जब उन्हें गिरफ्तार किया गया, उस समय वह कार्यकारी महावाणिज्यदूत के तौर पर कार्यरत थीं. देवयानी के खिलाफ वीजा संबंधी धोखाधड़ी के अलावा झूठे बयान देने का भी एक आरोप लगाया गया है जिसके लिए उन्हें क्रमश: 10 और पांच वर्ष कारावास की सजा हो सकती है. वाशिंगटन में भारतीय दूतावास ने एक बयान जारी करके कहा कि उसने देवयानी के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर अमेरिकी सरकार के सामने अपनी गंभीर चिंताओं को तत्काल जाहिर किया है. दूतावास ने एक बयान में कहा, अमेरिकी पक्ष से उपयुक्त संवदेनशीलता के साथ और संबंधित अधिकारी के राजनयिक दर्जे को ध्यान में रखते हुए मामले को सुलझाने की अपील की गई है. दो बेटियों की मां देवयानी को हिरासत में लेने के बाद दोपहर में अमेरिकी मजिस्ट्रेट जज डेब्रा फ्रीमैन के सामने पेश किया गया. सुनवाई के दौरान देवयानी शांत नजर आ रही थीं लेकिन उसके चेहरे पर तनाव था. उन्होंने सुनवाई के दौरान कहा कि वह जमानत के नियम एवं शर्तों से सहमत हैं. मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 जनवरी की तारीख तय की गई है. देवयानी ने पिछले वर्ष दूतावास में कार्यभार संभाला था और इससे पहले उन्होंने जर्मनी, इटली और पाकिस्तान में अपनी सेवाएं दी हैं. देवयानी की गिरफ्तारी से भारतीय राजनयिक बिरादरी सकते में है और कुछ अधिकारियों का कहना है कि किसी राजनयिक को इस प्रकार गिरफ्तार किया जाना अनुचित है.

देवयानी को दो लाख 50000 डॉलर की जमानत पर रिहा किया गया है और उन्होंने अदालत में अपना राजनयिक पासपोर्ट जमा कर दिया है. न्यायाधीश ने आदेश दिया कि देवयानी देश छोड़कर नहीं जा सकती लेकिन अपनी यात्रा के बारे में पूर्व सूचना देने पर वह अमेरिका में घूम सकती हैं. देवयानी के वकील ने न्यायाधीश से कहा कि उनकी मुवक्किल के खिलाफ अभियोग नहीं चलाया जा सकता क्योंकि रायनयिक अधिकारी के तौर पर उन्हें छूट मिली हुई है. उनके वकील अदालत में राजनयिक छूट का दावा और संबंधित दस्तावेज दायर करेंगे. सुनवाई के दौरान दूतावास के दो अधिकारी भी मौजूद थे. सुनवाई के पश्चात अदालत से बाहर आने के बाद देवयानी मुस्कुराई और उन्होंने वहां मौजूद अपने कुछ मित्रों को गले लगाया. देवयानी ने कहा कि वह अभी प्रेस से बात नहीं कर सकती क्योंकि मामला अभी विचाराधीन है. दूतावास ने बताया कि उसे सूचित किया गया था कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने देवयानी को हिरासत में लिया है. उसने बताया कि देवयानी के खिलाफ उनकी पूर्व भारतीय घरेलू सहायिका संगीता रिचर्ड ने आरोप लगाए थे जिसके आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई. संगीता इस वर्ष जून से फरार हैं.

इस संदर्भ में दिल्ली उच्च न्यायालय ने सितंबर में एक अंतरिम आदेश जारी किया था जिसके जरिए संगीता पर रोजगार के नियम एवं शर्तों के आधार पर भारत के बाहर देवयानी के खिलाफ कोई कार्रवाई शुरू करने पर रोक लगाई गई थी.

दूतावास ने कहा कि भारत में संगीता के खिलाफ मौजूदा मामले के बारे में पहले ही अमेरिकी सरकार को बता दिया गया है. बराड़ा ने देवयानी के खिलाफ आरोपों की घोषणा करते हुए कहा, घरेलू सहायक के रूप में काम के लिए अमेरिका लाए जाने वाले विदेशी नागरिकों को शोषण के विरूद्ध वही सुरक्षा प्राप्त है जो अमेरिका के नागरिकों को प्राप्त है. उन्होंने कहा, झूठा बयान और फर्जीवाड़ा इसलिए किया गया ताकि घरेलू सहायिका के लिए वीजा जारी किया जाए जिसे उचित तनख्वाह से कम का वादा किया गया. अमेरिका में इस तरह का फर्जीवाड़ा और व्यक्ति का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. देवयानी के खिलाफ 11 पेजों की आपराधिक शिकायत में संगीता के नाम का जिक्र नहीं किया गया है.

मैनहट्टन संघीय अदालत में आपराधिक शिकायत के आरोपों के मुताबिक देवयानी ने अमेरिकी सरकार के स्टेट्स कौंसुलर इलेक्ट्रॉनिक एप्लीकेशन सेंटर में ऑनलाइन ए-3 वीजा के लिए एक आवेदन किया. यह अमेरिकी वीजा घरेलू कामगारों और सहायकों के लिए है. न्यूयार्क में नवंबर 2012 में देवयानी एक भारतीय को अपने यहां काम पर रखना चाहती थीं. शिकायतकर्ता के अनुसार वीजा आवेदन में उल्लेख किया गया था कि देवयानी भारतीय सहायक प्रति माह 4,500 डॉलर वेतन देंगी. रोजगार अनुबंध के मुताबिक देवयानी को घरेलू सहायक को मौजूदा अथवा न्यूनतम वेतन अदा करना होता यानि देवयानी को सहायक को प्रति घंटा 9.75 डॉलर वेतन देना था. शिकायत के अनुसार घरेलू सहायिका ने नवंबर 2012 से जून 2013 तक देवयानी के यहां काम किया. वह प्रति सप्ताह 40 घंटे से ज्यादा काम करती थी और इसके लिए उसे प्रति घंटे 3.31 डॉलर वेतन दिया जाता था.

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