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चीन पर भारत का पलटवार- सीमा पर शांति के बिना नहीं होगा रिश्तों में सुधार

चीन का मानना है कि ये विवाद चीन और भूटान के बीच का है और भारत में इसमें तीसरी पार्टी के तौर पर एंट्री कर रहा है. चीन का साफ मानना है कि भारत का इसमें कोई रोल नहीं है.

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aajtak.in
जावेद अख़्तर/ BHASHA नई दिल्ली, 03 August 2017
चीन पर भारत का पलटवार- सीमा पर शांति के बिना नहीं होगा रिश्तों में सुधार भारत ने कहा सीमा पर शांति पहली शर्त

डोकलाम विवाद पर चीन के अड़ियल रुख पर भारत ने पलटवार किया है. भारत ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि सीमाई इलाके में शांति से ही आपसी रिश्ते मजबूत होंगे. इससे पहले बुधवार को ही चीन ने भारत को बिना शर्त डोकलाम से सेना हटाने को लेकर 15 पेज का बयान जारी किया था.

चीन के इस बयान के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपना पक्ष सामने रखा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि इस मुद्दे पर भारत का रुख और संबंधित तथ्य 30 जून के वक्तव्य में पेश कर दिए गए हैं. चीन के दस्तावेज के सवाल विदेश मंत्रालय ने बताया ''चीन के साथ हमारे द्विपक्षीय रिश्तों के सुधार में दोनों देशों के सीमाई इलाकों में अमन-शांति अहम पूर्वशर्त है.''

सड़क निर्माण पर व्यक्त की चिंता

भारत ने डोकलाम में सड़क निर्माण पर भी चिंता जाहिर की है. विदेश मंत्रालय ने अंदेशा जताया है कि यहां सड़क निर्माण से चीन को पूर्वोत्तर राज्यों तक भारत की पहुंच काटने का मौका मिल सकता है.

बता दें कि भारत इस इलाके को डोक ला मानता है. जबकि भूटान इसे डोकलाम के नाम से मान्यता देता है, वहीं चीन का दावा है कि यह इलाका उसके दोंगलांग क्षेत्र का एक हिस्सा है.

जम्मू-कश्मीर से अरूणाचल प्रदेश तक भारत और चीन के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा है. इसमें से 220 किलोमीटर सीमाई इलाका सिक्किम राज्य में पड़ता है.

ये है चीन का पक्ष

चीन का मानना है कि ये विवाद चीन और भूटान के बीच का है और भारत में इसमें तीसरी पार्टी के तौर पर एंट्री कर रहा है. चीन का साफ मानना है कि भारत का इसमें कोई रोल नहीं है. चीन ने 15 पेज की फैक्ट शीट में दावा किया है कि डोकलाम के बहाने भारत जो इस मुद्दे में एंट्री कर रहा है, वह सिर्फ चीन की संप्रभुता ही नहीं, बल्कि भूटान की आजादी और संप्रभुता को भी चुनौती दे रहा है. फैक्ट शीट में कहा गया ''चीन अपनी जमीन की रक्षा करने में सक्षम है, कोई भी देश हमारी संप्रभुता को चुनौती नहीं दे सकता है.''

ये भी पढ़ें: डोकलाम विवाद पर चीन ने जारी किया 15 पेज का बयान

 

 

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