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कैसे PAK ने फर्जी तालिबान को किया प्रमोट? भारत के खिलाफ जिहाद की धमकी को फैलाया

इंडिया टुडे की ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस टीम (OSINT) की ओर से की गई जांच में पाया गया कि पश्तो और उर्दू में भारत विरोधी बयानों को प्रसारित करने के लिए कैसे अनेक फर्जी तालिबान सोशल-मीडिया अकाउंट्स का इस्तेमाल किया गया.

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aajtak.in
अंकित कुमार नई दिल्ली, 20 May 2020
कैसे PAK ने फर्जी तालिबान को किया प्रमोट? भारत के खिलाफ जिहाद की धमकी को फैलाया तालिबान के खिलाफ अफगान फोर्सेस की कार्रवाई (फाइल फोटो-PTI)

  • फर्जी तालिबान सोशल-मीडिया अकाउंट्स का इस्तेमाल
  • भारत विरोधी दुष्प्रचार के लिए अपनाए जा रहे हथकंडे

अफगान तालिबान अब तक आधिकारिक रूप से इस दावे को खारिज कर चुका है कि ग्रुप भारत के खिलाफ जिहाद का एलान करेगा. लेकिन उन हैंडल्स की बारीकी से जांच की गई, जो उस फर्जी लेकिन विस्फोटक बयान को प्रमोट कर रहे थे, तो पता चला कि इसे पाकिस्तान स्थित एक्टर्स की ओर से बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया गया. ऐसे वक्त में जब अफगानिस्तान में सत्ता के लिए संघर्ष गहराया हुआ है. इस भारत-विरोधी अभियान में तालिबान के राजनीतिक नेताओं, वार्ताकारों और प्रवक्ताओं के फर्जी सोशल-मीडिया हैंडल्स का इस्तेमाल किया गया.

टाइमिंग पर गौर किया जाए

अमेरिका के अफगानिस्तान के लिए विशेष प्रतिनिधि जल्माय खलीलज़ाद की हालिया संपन्न भारत यात्रा के साथ ऐसे फर्जी दावे की टाइमिंग पर गौर किया जाना जरूरी है. खलीलजाद हमेशा तालिबान और काबुल के बीच शांति वार्ता में भारत की बड़ी भूमिका पर जोर देते रहे हैं. इसी महीने एक इंटरव्यू में खलीलज़ाद ने यह भी सुझाव दिया कि भारत आतंकवाद पर अपनी चिंता सीधे तालिबान के साथ साझा करे.

फर्जी तालिबान

इंडिया टुडे की ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस टीम (OSINT) की ओर से की गई जांच में पाया गया कि पश्तो और उर्दू में भारत विरोधी बयानों को प्रसारित करने के लिए कैसे अनेक फर्जी तालिबान सोशल-मीडिया अकाउंट्स का इस्तेमाल किया गया. ओपन-सोर्स जांच में पाया गया, पाकिस्तान स्थित हैंडल्स की ओर से इन्हें अंग्रेजी में जोरशोर से प्रचारित किया गया. इन सभी ने एक फर्जी कहानी गढ़ने की कोशिश की कि अफगान तालिबान कश्मीर की स्थिति से नाखुश है और उसने भारत के खिलाफ जिहाद का एलान किया है. इस मकसद के लिए, अफगान तालिबान के आधिकारिक प्रवक्ता, ज़बीहुल्लाह मुजाहिद के एक फर्जी खाते का इस्तेमाल किया गया.

af1_052020091241.pngअफगान तालिबान प्रवक्ता के असल और फर्जी ट्विटर अकाउंट्स की तुलना

OSINT ने जांच में पाया कि तालिबान प्रवक्ता के पाकिस्तान स्थित फर्जी हैंडल को मूल रूप से जुलाई 2019 में बनाया गया, तालिबान के फर्जी हैंडल पर अनेक संदेश पोस्ट किए गए, जिनमें कहा गया कि अफगान तालिबान का अगला मिशन भारत पर हमला करना है.

ऐसे ही एक अंग्रेजी संदेश में लिखा है: "मुसलमान कुफ़र के साथ दोस्त नहीं हो सकते. जब तक कश्मीर मुद्दा हल नहीं होता है; हम #India के साथ दोस्त नहीं होंगे; हम #kabul में सेंध के बाद #kashmir में भी सेंध लगाएंगे और फिर भारत को इस्लामिक शासन के सामने सरेंडर का मौका दिया जाएगा या फिर गजवा-ए-हिन्द में तबाह होने का.

af2_052020091313.pngअफगान तालिबान प्रवक्ता के फर्जी अकाउंट से भारत विरोधी संदेश पोस्ट किया गया

इसके बाद पाकिस्तान स्थित हजारों हैंडल्स से इसे प्रमोट किया गया. अफगान तालिबान के मुख्य राजनीतिक वार्ताकार शेर मोहम्मद अब्बास स्टानिकजई के एक और नकली ट्विटर अकाउंट का इस्तेमाल झूठी कहानी को कुछ धार देने के इरादे से किया गया. इस फर्जी अकाउंट पर पोस्ट किए गए एक संदेश में कहा गया- “यह इस्लामिक अमीरात का दायित्व है कि वो काफ़िर #India से #Kashmir को जीते. #Kabul पर काबू पाने के बाद हमारा अगला निशाना कश्मीर होगा. हम अपने #jihad को #India के साथ जारी रखेंगे जब तक कि हम कश्मीर पर काबू नहीं पा लेते और अपने कश्मीरी भाईयों के लिए इंसाफ नहीं लाते. #Kashmir को मिलेगी आज़ादी, इंशाअल्लाह. ”

af3_052020091418.pngतालिबान राजनीतिक वार्ताकार शेर मोहम्मद अब्बास

स्टानिकजई के नाम से फर्जी ट्विटर अकाउंट पर भारत विरोधी संदेश पोस्ट किया गया. दिलचस्प बात ये है कि तालिबान नेता स्टानिकजई के पास खुद का कोई ट्विटर अकाउंट नहीं है. ट्विटर ने अस्थायी रूप से उनके नाम के फर्जी हैंडल को अस्थाई रूप से प्रतिबंधित कर दिया है.

af4_052020091508.pngफर्जी अकाउंट होल्डर के प्रतिबंधित ट्विटर प्रोफाइल का स्नैपशॉट

फर्जीवाड़े की मेनस्ट्रीमिंग

पाकिस्तान स्थित एक्टर्स के सोशल मीडिया पर फर्जी संदेशों का प्रसार जल्द ही पाकिस्तान के मुख्यधारा के मीडिया में पहुंच गया, जिसने स्टानिकजई के एक हालिया इंटरव्यू के इस्तेमाल का घालमेल कर फर्जी संदेश को अफगान नेतृत्व से जोड़ने की कोशिश की. यह कहानी डेली टाइम्स जैसे मुख्यधारा के पब्लिकेशन्स में प्रकाशित की गई. जिसमें कहा गया-"तालिबान ने भारतीयों के खिलाफ खुले तौर पर बदला लेने का एलान किया है."

लेकिन असल में, तालिबान नेता ने केवल यह कहा था कि वह भारत और अन्य देशों के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं. साथ ही यह इंगित भी किया था कि भारत ने अपने स्थानीय विरोधियों के साथ ऐतिहासिक रूप से डील किया है. भारत विरोधी इन मीडिया रिपोर्टों को बाद में अफ़ग़ान तालिबान के राजनीतिक कार्यालय की ओर से आधिकारिक तौर पर खारिज किया गया.

af5_052020091711.pngपाकिस्तान स्थित पब्लिकेशन डेली टाइम्स की रिपोर्ट का स्नैपशॉट

सोमवार को, अफगान तालिबान के आधिकारिक प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने एक बयान जारी करके स्पष्ट किया कि कश्मीर में ग्रुप की भूमिका के बारे में हाल ही में प्रकाशित मीडिया स्टोरीज गलत थीं. तालिबान के प्रवक्ता ने बयान में कहा, "भारत के बारे में कुछ मीडिया में प्रकाशित किया गया बयान इस्लामिक अमीरात के लिए प्रासंगिक नहीं है, इस्लामिक अमीरात की नीति स्पष्ट है कि यह अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता है."

af6_052020091844.pngअफगानिस्तान के इस्लामी अमीरात के राजनीतिक कार्यालय के आधिकारिक प्रवक्ता सुहैल शाहीन की ओर से जारी स्पष्टीकरण

पाकिस्तान के दुष्प्रचार अभियान का मकसद अफगान तालिबान और भारत के बीच धर्म आधारित दरार की फर्जी तस्वीर खींचना था.

अफगान शांति प्रक्रिया

अमेरिका ने तालिबान और अफगान सरकार को शांति वार्ता शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने की अपनी कोशिशों को बढ़ा दिया है. अमेरिका और तालिबान के बीच बीते महीने कैदियों की अदला-बदली से जुड़े समझौते को लेकर वार्ता टूट गई. अप्रैल में तालिबान ने वार्ता से बाहर निकलकर अफगान सरकार के अधिकारियों पर कैदियों की रिहाई में देरी का आरोप लगाया.

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