एडवांस्ड सर्च

सीमा विवाद पर अब चीन कर रहा विक्टिम कार्ड खेलने की कोशिश

अब पैंगॉन्ग त्सो के फिंगर 4 से फिंगर 8 क्षेत्रों में बड़े हिस्से पर कब्जा करने के बाद चीन प्रोपेगेंडा चर्चा के जरिए विक्टिम कार्ड खेलने की कोशिश कर रहा है. ऐसी चर्चा जिनमें बाहर का कोई पक्ष शामिल नहीं है.

Advertisement
aajtak.in
aajtak.in नई दिल्ली, 07 July 2020
सीमा विवाद पर अब चीन कर रहा विक्टिम कार्ड खेलने की कोशिश चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (PTI)

  • प्रोपेगेंडा चर्चा में भारत पर लगा रहा LAC के उल्लंघन का आरोप
  • चीन ने 2016 से पहले हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में प्रवेश कर लिया था
  • PLA के सैनिकों ने 06 जून के समझौते का पालन नहीं किया

कोरोना वायरस को लेकर चीन अपने रवैये की वजह से पूरी दुनिया में उपहास का पात्र बना. चीन ने वुहान वायरस की रिपोर्टिंग और उस पर काबू पाने की कोशिश में कई तरह की मूर्खताएं कीं. इन्हीं से ध्यान हटाने के लिए चीन ने बिना उकसावे वाली आक्रामकता दिखाई. वुहान वायरस को ही बाद में nSARSCov2 और इससे फैली महामारी को Covid-19 नाम दिया गया.

अब पैंगॉन्ग त्सो के फिंगर 4 से फिंगर 8 क्षेत्रों में बड़े हिस्से पर कब्जा करने के बाद चीन प्रोपेगेंडा चर्चा के जरिए विक्टिम कार्ड खेलने की कोशिश कर रहा है. ऐसी चर्चा जिनमें बाहर का कोई पक्ष शामिल नहीं है. बता दें कि फिंगर 4 से फिंगर 8 के बीच का क्षेत्र ऐसा है जहां 1962 के बाद से ही दोनों पक्ष पारंपरिक तौर पर गश्त लगाते रहे हैं.

victim1_070720104158.jpg

victim2_070720104211.jpg

vic3_070720104224.jpg

vic4_070720104244.jpg

vic5_070720104302.jpg

vic6_070720104345.jpg

6 जुलाई, सोमवार को चीन ने गलवान घाटी पर एक वीडियो चर्चा अपलोड की. इसमें एक सैटेलाइट तस्वीर दिखाई गई जो इसी साल मई महीने के आखिर की संभवत: लगती है. एक और एरियल तस्वीर दिखाई गई जिसे संभवत: एक क्वाडकॉप्टर से खींचा गया. दोनों तस्वीरें बिना तारीख की हैं और उनकी सत्यता की पुष्टि नहीं की जा सकती है.

वीडियो में कुछ जमीनी तस्वीरें भी दिखाई गई हैं जिन्हें भारतीय सोशल मीडिया से लिया गया है. इनमें कुछ भारतीय सैनिकों को स्टील बोर्ड के साथ किसी नदी को पार करते दिखाया गया है.

चीनी तस्वीरों का विश्लेषण

चीन के आधिकारिक टीवी चैनल CCTV4 पर यह चर्चा दिखाई गई.

vic7_070720105245.jpg

इस चैनल को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) का भोंपू माना जाता है. इस चर्चा के दावे के मुताबिक भारतीय फॉरवर्ड सैनिकों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) का उल्लंघन किया था और चीनी सेना PLA ने चीन की क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित करने के लिए आत्मरक्षा में जवाब दिया.

सैटेलाइट तस्वीर में गलवान घाटी में PP14 में एक हेलीपैड, और इससे थोड़ा आगे एक फुट ब्रिज दिखता है. हेलीपैड के चारों ओर हरे और सफेद रंग के कुछ तंबू और कुछ फुट ब्रिज के पास दिखाई देते हैं.

एरियल तस्वीर को सत्यापित नहीं किया जा सकता है क्योंकि चीन के पास भी इसी तरह के JCBs हैं और PLA के पास इसी तरह के ट्रक हैं.

LAC पर चीन का दखल

चीन और PLA जो इस गतिरोध के दौरान खुद को पीड़ित दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, वो वास्तव में इस प्रकरण से जुड़े हर मामले में आक्रामक रहे हैं.

vic7_070720105440.jpg

PLA ने फिंगर 6 पर लगभग एक दशक पहले 2009 से एक रडार और एक पोस्ट का निर्माण किया था. इसने जो सड़क चोरी छुपे फिंगर 4 तक बनाई है, जहां डोकलाम से ठीक पहले 2017 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हाथापाई वाली लड़ाई हुई थी.

vic8_070720105456.jpg

vic9_070720105516.jpg

चीन ने 2016 से पहले हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में प्रवेश कर लिया था. क्षेत्र की सैटेलाइट तस्वीरें बहुत स्पष्ट रूप से PLA की बनाई हुई सड़क दिखाती हैं जो चीनी क्लेम लाइन (CCL) से कम से कम 2 किलोमीटर पार जा कर दिखती है.

ताजा घुसपैठ

चीनी PLA ने दो स्थानों पर निर्लज्ज घुसपैठ की है. इन दोनों की दूरी 1.5 से 2 किलोमीटर के बीच है. PLA ने अहंकारी आक्रामकता दिखाते हुए वहां लाल तंबू भी गाड़ दिए.

vic10_070720105626.jpg

जून 2020 की सैटेलाइट तस्वीरों से स्पष्ट है कि PLA के सैनिकों ने 06 जून 2020 को अपने वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से किए गए समझौते का पालन नहीं किया.

मौजूदा गतिरोध के दौरान चीनी बिना कोई शक आक्रामक रहे हैं और उनके पास CCL के पार जाने का कोई कारण नहीं है. दूसरी ओर, भारत के पास LAC की अपनी धारणा के मुताबिक गश्त करने का अधिकार और सारे कारण मौजूद हैं.

(कर्नल विनायक भट (रिटायर्ड) इंडिया टुडे के एक सलाहकार हैं, जो सैटेलाइट तस्वीरों के विशेषज्ञ हैं, उन्होंने 33 वर्ष भारतीय सेना में सेवा की है)

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay