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मोदी सरकार पर क्या है अमेरिका में रहने वाले इस भारतीय मूल के मुस्लिम का नजरिया

फ्रैंक इस्लाम ने बताया कि मोदी सरकार जिस प्रचंड जनादेश के साथ वापस लौटी है, उसका अमेरिका समेत तमाम मुल्कों में बड़ा असर दिखा है. फ्रैंक का मानना है कि विदेशी नेताओं के लिए एक मजबूत भारतीय सरकार के साथ ग्लोबल एजेंडे पर काम करना कहीं ज्यादा आसान है और यही वजह है कि तमाम मुल्कों ने पीएम मोदी को जीत की बधाई देने में भी उत्सुकता दिखाई है.

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जावेद अख़्तरनई दिल्ली, 01 June 2019
मोदी सरकार पर क्या है अमेरिका में रहने वाले इस भारतीय मूल के मुस्लिम का नजरिया फ्रैंक इस्लाम ने पीएम मोदी के सबका विश्वास नारे को सराहा

लोकसभा चुनाव में जबरदस्त जनादेश मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के सेंट्रल हॉल में जब अपने गठबंधन (NDA) के सभी 353 सांसदों को संबोधित किया तो अगली सरकार के लिए नया नारा दे दिया. सबका साथ, सबका विकास के एजेंडे पर काम करने वाली मोदी सरकार ने अब सबका विश्वास जीतने का टारगेट भी सामने रख दिया. मोदी सरकार ने अपने भाषण में कहा कि पंथ और जाति के आधार पर कोई विकास यात्रा में पीछे नहीं छूटना चाहिए और अब तक अल्पसंख्यकों के साथ जो छल किया गया है उसमें छेद करते हुए सबका विश्वास जीतना है.

पीएम मोदी के इस विजन की हर तरफ से सराहना की गई. भारतीय मुस्लिम समाज ने भी उनकी इस दृष्टि को सराहा. यहां तक कि अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के मुसलमान भी मोदी सरकार को लेकर काफी आश्वस्त हैं.

अमेरिका के मशहूर बिजनेसमैन और लेखक फ्रैंक एफ. इस्लाम से Aajtak.in मोदी सरकार के ग्लोबल विजन और नई सरकार के एजेंडे को लेकर बातचीत की. फ्रैंक इस्लाम ने बताया कि मोदी सरकार जिस प्रचंड जनादेश के साथ वापस लौटी है, उसका अमेरिका समेत तमाम मुल्कों में बड़ा असर दिखा है. फ्रैंक का मानना है कि विदेशी नेताओं के लिए एक मजबूत भारतीय सरकार के साथ ग्लोबल एजेंडे पर काम करना कहीं ज्यादा आसान है और यही वजह है कि तमाम मुल्कों ने पीएम मोदी को जीत की बधाई देने में भी उत्सुकता दिखाई है.

फ्रैंक ने बताया कि अमेरिका में भारतीय समुदाय के बीच भी मोदी सरकार की इस जीत पर काफी खुशी देखने को मिली. हालांकि, अमेरिकन मीडिया में जरूर मिक्स्ड रिएक्शन देखने को मिला.

सेंटर ऑफ अमेरिकन प्रोग्रेस (CAP) विदेश नीति सलाहकार परिषद् के सदस्य फ्रैंक इस्लाम ने भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने बताया कि जीएसटी जैसे फैसलों से भारतीय अर्थव्यवस्था में रुकावट आई थी और मौजूदा वक्त में इकोनॉमी चुनौती का सामना कर रही है. फ्रैंक के मुताबिक, अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए पीएम मोदी और नए वित्त मंत्री को बड़े रिफॉर्म करने होंगे.

मुस्लिम समाज और मोदी सरकार

जिस विश्वास को जीतने की बात पीएम मोदी ने अपने भाषण में कही थी, उसे सही ठहराते हुए फ्रैंक इस्लाम ने कहा कि सिर्फ मुस्लिम ही नहीं, बल्कि सभी अल्पसंख्यकों और दलितों का विश्वास जीतने के लिए पीएम मोदी को काम करना होगा. खासकर, कानून हाथ में लेने कुछ शरारती तत्वों पर काबू पाना पीएम मोदी के लिए जरूरी होगा.

फ्रैंक ने कहा कि पाकिस्तान को छोड़कर इस्लामिक देशों समेत पूरी दुनिया में मोदी सरकार के अच्छे ताल्लुकात हैं. ऐसे में भारत के अंदर अगर पोलराइजेशन होता है तो उससे लोकतंत्र कमजोर होगा.

भारतीय मुस्लिम समाज को संबोधित करते हुए फ्रैंक इस्लाम ने कहा कि जो जनादेश मोदी सरकार को मिला है, उसे खुले दिल से स्वीकार किया जाना चाहिए. फ्रैंक ने कहा कि पिछले पांच सालों की कुछ हिंसक घटनाओं ने मुस्लिमों को अलग किया है. ऐसे में मुझे उम्मीद है कि मोदी सरकार के नए विजन से एक नई शुरुआत होगी और भारत तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ेगा.

बता दें कि फ्रैंक एफ. इस्लाम यूपी के आजमगढ़ से निकलकर अमेरिका के मशहूर बिजनेसमैन बन गए हैं. वो एक लेखक भी हैं. फ्रैंक अमेरिका सरकार से जुड़ी संस्थाओं व नीति निर्धारक समूहों का हिस्सा बनते रहे हैं. एजुकेशन में उनका खासा काम है. यूएस इंटरनेशनल पीस में भी काउंसिल में भी वो शामिल हैं. फ्रैंक बराक ओबामा के काफी करीबी माने जाते हैं और भारतीयों के लिए अहम कड़ी की भूमिका निभाते रहे हैं.

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