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मीटिंग से पहले बोले ट्रंप- सिंगापुर समिट किम जोंग के लिए आखिरी मौका

डोनाल्‍ड ट्रंप इस मुलाकात को लेकर काफी सकारात्‍मक रवैया अख्‍तियार किए हुए हैं. उनका मानना है कि किम के साथ मुलाकात 'शांति का मिशन' है. इससे पहले भी डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि 12 जून को सिंगापुर में किम के साथ होने वाली उनकी मुलाकात सिर्फ तस्वीरें खिंचाने का अवसर नहीं बल्कि इससे कहीं बढ़कर होगी.

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aajtak.in
रणविजय सिंह वॉशिंगटन, 10 June 2018
मीटिंग से पहले बोले ट्रंप- सिंगापुर समिट किम जोंग के लिए आखिरी मौका किम जोंग उन-डोनाल्‍ड ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की मुलाकात 12 जून को सिंगापुर में होगी. इससे पहले ट्रंप ने चेताया है कि किम जोंग के लिए सिंगापुर शिखर सम्‍मेलन आखिरी मौका है. ट्रंप ने ये बात G7 सम्मेलन के दौरान कही. बता दें, इन दोनों नेताओं की इस ऐतिहासिक मुलाकात के लिए तैयारी भी तकरीबन पूरी कर ली गई हैं और किम जोंग आज सिंगापुर के लिए रवाना होंगे. 

डोनाल्‍ड ट्रंप इस मुलाकात को लेकर काफी सकारात्‍मक रवैया अख्‍तियार किए हुए हैं. उनका मानना है कि किम के साथ मुलाकात 'शांति का मिशन' है. इससे पहले भी डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि 12 जून को सिंगापुर में किम के साथ होने वाली उनकी मुलाकात सिर्फ तस्वीरें खिंचाने का अवसर नहीं बल्कि इससे कहीं बढ़कर होगी. ट्रंप ने ये भी कहा था कि, 'सिंगापुर वार्ता सफल रहती है तो अगली मुलाकात व्हाइट हाउस में होगी.'

सिंगापुर ने मंगलवार की ऐतिहासिक वार्ता के लिये पर्यटक रिसॉर्ट द्वीप सेंटोसा के एक विशेष स्थल को चुना है. माना जाता है कि इस वार्ता को दुनिया भर से 2,500 से अधिक पत्रकार कवर करेंगे. बहरहाल शुरुआत में इस बात को लेकर अनिश्चितता थी कि वार्ता आखिरकार कहां होगी.

इससे पहले टल गई थी मुलाकात

बता दें, दोनों नेताओं के बीच होने ये मुलाकात पहले रद्द हो गई थी. उस वक्‍त ट्रंप ने कहा था कि किम के हाल के बयानों से यह मुलाकात संभव नहीं है. दरअसल, मुलाकात तय होने के बाद ही किम ने चीन का दौरा किया था, जो अमेरिका की आंखों में खटकने लगा था. उसके बाद ही इस मुलाकात पर ग्रहण लग गया था. हालांकि उत्तर कोरिया ने संयम से काम लिया और इस मुलाकात को बहाल करने के लिए कूटनीतिक वार्ता शुरू.

इस सिलसिले में किम ने उत्तर कोरिया के वरिष्ठ अधिकारी किम योंग चोल को अपना राजदूत बनाकर अमेरिका भेजा. किम योंग चोल ने वहां अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो से मुलाकात की और इसके बाद व्हाइट हाउस पहुंचकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिले. इस दौरान उन्होंने किम के खत को ट्रंप को सौंपा और वार्ता को लेकर उत्तर कोरिया का पक्ष रखा. इस पर ट्रंप सिंगापुर में 12 जून को किम से मुलाकात करने को फिर तैयार हो गए और फौरन इसका ऐलान कर दिया.

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