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जिनपिंग से मिले PM मोदी, सीमा विवाद पर अगले दौर की बातचीत के लिए राजी दोनों देश

भारत और चीन के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) को लेकर सीमा विवाद है. चीन दावा करता है कि अरुणाचल प्रदेश दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा है जबकि भारत इस दावे का विरोध करता आया है.

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aajtak.in ब्रासीलिया/बीजिंग, 15 November 2019
जिनपिंग से मिले PM मोदी, सीमा विवाद पर अगले दौर की बातचीत के लिए राजी दोनों देश ब्रिक्स सम्मेलन में मिले पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (PTI फोटो)

  • मोदी और जिनपिंग 11वें ब्रिक्स सम्मेलन के लिए ब्राजील में हैं
  • 21वें दौर की बातचीत पिछले साल नवंबर में आयोजित हुई थी

ब्राजील में हो रहे ब्रिक्स सम्मेलन (BRICS Summit) के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि दोनों देश सीमा विवाद के मुद्दे पर आगे की बातचीत के लिए तैयार हैं.

भारत और चीन के ​बीच सीमा विवाद के मुद्दे पर 21वें दौर की बातचीत पिछले साल नवंबर में आयोजित हुई थी, जब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और उनके समकक्ष और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच चीन में मुलाकात हुई थी.

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति जिनपिंग ने कहा 'सीमा से संबंधित मामलों पर विशेष प्रतिनिधियों की एक और बैठक होगी और उन्होंने सीमा क्षेत्रों पर शांति और सुरक्षा बनाए रखने के महत्व को दोहराया.'

हालांकि, इस बयान में यह नहीं बताया गया कि सीमा विवाद के मसले पर यह वार्ता कब होगी. पीएम मोदी और जिनपिंग 11वें ब्रिक्स (BRICS: ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) सम्मेलन के लिए ब्राजील में हैं.

21वें दौर की बातचीत के बाद दोनों पक्षों के आधिकारिक बयान के मुताबिक, भारत और चीन ने सीमा विवाद के जल्द निपटारे के लिए बातचीत को तेज करने और मामले में प्रगति का संकल्प लिया था. दोनों अधिकारियों ने सीमा पर शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए दोनों देशों की सेनाओं के परस्पर सहयोग और आपसी रिश्ते सुधारने पर भी जोर दिया.

विशेष प्रतिनिधियों की यह बातचीत उच्चस्तरीय अधिकारियों का फोरम है ​जो न सिर्फ सीमा विवाद के समाधान के लिए बातचीत करने के लिए है ​बल्कि दोनों देशों से जुड़े दूसरे मामलों पर बातचीत करता है.

भारत और चीन के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) को लेकर सीमा विवाद है. चीन दावा करता है कि अरुणाचल प्रदेश दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा है जबकि भारत इस दावे का विरोध करता है.

इस साल विशेष प्रतिनिधियों की यह बातचीत सितंबर महीने में भारत में रखी जानी थी,  लेकिन चीनी राष्ट्रपति के भारत दौरे के चलते इसे टाल दिया गया. पिछले महीने चीन के राष्ट्र​पति शी जिनपिंग भारत दौरे पर आए थे और प्रधानमंत्री मोदी व जिनपिंग के बीच चेन्नई मामल्लापुरम में अनौपचारिक मुलाकात हुई थी. दोनों देशों के अधिकारियों का कहना है कि जिनपिंग के इस दौरे के चलते सीमा विवाद पर वार्ता के लिए समय तय  नहीं किया जा सका. अब ब्रासीलिया में मोदी और जिनपिंग की मुलाकात के बाद यह वार्ता होने की उम्मीद है.

मामल्लापुरम में अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के बाद जिनपिंग ने कहा था कि 'हम सीमा विवाद के मामले का एक उचित और तार्किक समाधान चाहते हैं जो राजनीतिक मार्गदर्शक सिद्धांतों पर समझौते के अनुसार दोनों पक्षों को स्वीकार्य हो.' एक बयान में उन्होंने कहा, 'हमें एक-दूसरे के हितों से जुड़े मुद्दों को सावधानीपूर्वक संभालना चाहिए. हमें उन समस्याओं का उचित नियंत्रण और उनका समाधान करना चाहिए जिन्हें कुछ समय के लिए हल नहीं किया जा सकता है.'

शी जिनपिंग ने यह भी सुझाव दिया था कि दोनों देशों को सैन्य और सुरक्षा आदान-प्रदान और आपसी सहयोग के स्तर में भी सुधार करना चाहिए.

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