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घर चलाने के लिए एक नेत्रहीन मां ने बेच दिए 4 बच्‍चे

क्‍या कभी आपने सुना है कि अपना परिवार चलाने और बच्‍चों को अच्‍छी शिक्षा देने के लिए एक मां अपने ही बच्‍चों को बेच दे. शायद नहीं, लेकिन चीन में एक मां ने कुछ ऐसा ही किया. जी हां, एक नेत्रहीन मां ने परिवार चलाने के लिए अपने 4 बच्‍चों को बेचने की बात कबूल की है.

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aajtak.in
आज तक वेब ब्‍यूरोबीजिंग, 31 May 2013
घर चलाने के लिए एक नेत्रहीन मां ने बेच दिए 4 बच्‍चे Du Xiurong

क्‍या कभी आपने सुना है कि अपना परिवार चलाने और बच्‍चों को अच्‍छी शिक्षा देने के लिए एक मां अपने ही बच्‍चों को बेच दे. शायद नहीं, लेकिन चीन में एक मां ने कुछ ऐसा ही किया. जी हां, एक नेत्रहीन मां ने परिवार चलाने के लिए अपने 4 बच्‍चों को बेचने की बात कबूल की है.

चीन के शिहुआन प्रांत में रहने वाली द्वयू जिरॉन्‍ग नाम की महिला ने साल 2005 से 2012 के बीच अपनी 3 नवजात लड़कियों और एक लड़के को बेच दिया. द्वयू ने अब तक कुल 6 बच्‍चों को जन्‍म दिया है, लेकिन उसने सिर्फ अपने बड़े बेटे और बेटी को अपने पास रखा है.

उसका कहना है, 'मेरे पास दूसरा कोई विकल्‍प नहीं था. अगर मैं अंधी नहीं होती तो मैं ऐसा नहीं करती. मैं उन्‍हें बेच नहीं रही हूं, बल्कि अपने से दूर रख रही हूं. बदले में मैं सिर्फ गर्भवती होने की फीस ले रही हूं.'

उसने कहा, 'मुझे बच्‍चों से प्‍यार है. अगर मैं सक्षम होती तो मैं जरूर खुद उन्‍हें बड़ा करती. लेकिन मैं उन्‍हें सहयोग नहीं दे सकती इसलिए मुझे उनके लिए अच्‍छे परिवार ढूंढने पड़ते हैं जो उन्‍हें गोद ले सकें.'

यह दावा करते हुए कि उसने कुछ गलत नहीं किया है द्वयू ने कहा, 'मैं उन परिवारों को बच्‍चे दे देती हूं जो उन्‍हें पैदा नहीं कर सकते.  उन्‍हें बच्‍चे चाहिए और मैं उनकी मदद करती हूं.'

वह कहती है, 'बेटी की शादी में अमीर पैसे खर्च करते हैं, मिडिल क्‍लास बेटी की शादी के लिए पैसे कमाता है और गरीब आदमी बेटा और बेटी बेच देता है.'

इस साल जनवरी में द्वयू को बच्‍चे बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन नेत्रहीन होने की वजह से उसे छोड़ दिया गया. उसके मुताबिक वह जब 5 साल की थी तभी एक हादसे में वह नेत्रहीन हो गई और 14 साल की उम्र में उसकी शादी हो गई.

उसने कहा, 'मेरे माता-पिता मुझे बोझ समझते थे. वह जितना जल्‍दी हो सके मुझसे छुटकारा पाना चाहते थे. जब उन्‍हें पता चला कि कोई मुझसे शादी करना चाहता है तो उन्‍होंने जरा भी देर नहीं की.'

हालांकि द्वयू को जल्‍द ही एहसास हो गया कि उसका पति नौकरी नहीं पकड़ सकता. उसके मुताबिक, 'पूरी तरह ठीक होने के बावजूद वह पैसे नहीं कमा सकता. जबकि इसके उलट नेत्रहीन होते हुए भी मुझे पूरे परिवार की देखभाल करनी है.'

जैसे-जैसे द्वयू के दोनों बच्‍चे बड़े हो रहे थे उसे उनकी पढ़ाई के लिए पैसों की जरूरत होने लगी थी. ऐसे में उसने और बच्‍चे पदा कर उन्‍हें बेचने का फैसला किया. साल 2005 में उसने अपनी दूसरी बेटी को 2,500 युआन में बेच दिया. इसके बाद उसने 3 और बच्‍चे भी बेचे. कुल मिलाकर उसने अब तक 10,000 युआन में अपने 4 बच्‍चों का बेचा है.

चीन में एक परिवार एक ही बच्‍चा पैदा कर सकता है. ऐसे में द्वयू ने बार-बार अपनी गर्भवती होने की बात छिपाई. द्वयू अब दादी बन गई है और अब वह अपने पोते की पढ़ाई के लिए पैसे जुटाने की योजना बना रही है. उसका कहना है, 'मैं लड़को को अच्‍छी शिक्षा दूंगी भले ही मुझे सबकुछ क्‍यों न बेचना पड़ जाए.'

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