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BRICS सम्मेलन में बोले मोदी, 'आतंकवाद किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं'

ब्रिक्स देशों के सम्मेलन के लिए ब्राजील दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने की हिमायत की है. उन्होंने पांच सदस्यीय ब्रिक्स देशों के नेताओं से कहा कि वे अभी जो कुछ चुनेंगे वह अंतत: दुनिया का भविष्य तय करेगा.

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aajtak.in
भाषा [Edited By: कुलदीप मिश्र]फोर्तालेजा, 16 July 2014
BRICS सम्मेलन में बोले मोदी, 'आतंकवाद किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं' Prime Minister Modi

ब्रिक्स देशों के सम्मेलन के लिए ब्राजील दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने की हिमायत की है. उन्होंने पांच सदस्यीय ब्रिक्स देशों के नेताओं से कहा कि वे अभी जो कुछ चुनेंगे वह अंतत: दुनिया का भविष्य तय करेगा.

ब्रिक्स ब्राजील, रूस, चीन, भारत और दक्षिण अफ्रीका का संगठन है. ब्रिक्स की शिखर बैठक को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि अफगानिस्तान से अफ्रीका तक का क्षेत्र अशांति और संघर्ष के दौर से गुजर रहा है और जिन देशों को यह सब झेलना पड़ रहा है उनकी दशा पर मूक दर्शक बने रहने के गंभीर नतीजे होंगे.

मानवता के खिलाफ है आतंकवाद: मोदी
पहली बार इस शिखर बैठक में भाग ले रहे मोदी ने कहा, 'मेरा दृढ़ विश्वास है कि आतंकवाद, किसी भी रूप और आकार में हो, मानवता के खिलाफ है. आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए.’ उन्होंने कहा कि आज हम जो चुनेंगे वह न केवल हमारे देश का भविष्य तय करेगा बल्कि कुल मिलाकर पूरी दुनिया का भविष्य तय करेगा.

प्रधानमंत्री ने साइबर जगत के मुद्दे का जिक्र किया और कहा, ‘साइबर जगत अनेक मौकों का स्रोत है लेकिन साइबर सुरक्षा एक अहम चिंता का विषय बन चुका है.' मोदी ने कहा कि ब्रिक्स देशों को साइबर क्षेत्र को समान वैश्विक हित के लिए बनाए रखने के मामले में अगुवाई करनी चाहिए.

मोदी ने यह कहते हुए एक ‘खुली, नियम आधारित, अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था’ की वकालत की कि यह वैश्विक आर्थिक वृद्धि के लिए अहम है. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘इसे (वैश्विक आर्थिक वृद्धि को) विकासशील दुनिया की आकांक्षाओं पर जरूर खरा उतरना चाहिए और हमारे समाज, खासकर खाद्य सुरक्षा जैसे क्षेत्रों के सबसे ज्यादा कमजोर वर्गों की विशेष जरूरतों को पूरा करना चाहिए.’

 PM ने किया 'वसुधैव कुटुंबकम' का जिक्र
मोदी ने कहा कि वह एक ऐसी सरजमीं से ताल्लुक रखते हैं जहां ‘वसुधव कुटुम्बकम’ के मूल्यों का महत्व है . उन्होंने कहा, ‘हम सभी प्रकृति की देन में हिस्सेदारी कर सकते हैं . हालांकि, प्रकृति का दोहन एक अपराध है.’ भारत के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘वृद्धि के रास्ते में बाधा डाले बगैर हम अपने विकास की निरंतरता बनाए रखने के लिए स्वच्छ और मितव्ययी तरीके से संसाधनों का इस्तेमाल करेंगे.’ प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार आधारभूत संरचना, सस्ते मकान, चिकित्सा, शिक्षा और स्वच्छ ऊर्जा में भारी निवेश करेगी.

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