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'दुनिया गोल नहीं', यह साबित करने में गई एस्ट्रोनॉट की जान

यह कोई पहला मौका नहीं था जब ह्यूजेस स्पेस की यात्रा पर निकले थे. 2018 में उन्होंने हवा में 1875 फीट (570 मीटर) की उड़ान भरी थी. उन्होंने अपने रॉकेट में दो पैराशूट लगाए थे लेकिन नीचे उतरते वक्त कोई गड़बड़ी आ गई और हादसे में उनकी गर्दन में गंभीर चोटें आई थीं.

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aajtak.in
aajtak.in नई दिल्ली, 24 February 2020
'दुनिया गोल नहीं', यह साबित करने में गई एस्ट्रोनॉट की जान रॉकेट के ऊपर जाते ही उसका पैराशूट फट गया और एस्ट्रोनॉट की मौत हो गई

  • लिमोजिन ड्राइवर की स्पेस में उड़ान की कहानी
  • एडवेंचर में गई 'मैड' माइक ह्यूजेस की जान

दुनिया गोल नहीं, यह बात साबित करने के चक्कर में एक अमेरिकी एस्ट्रोनॉट की कैलिफोर्निया में मौत हो गई. अपने विचार को साबित करने के लिए इस एस्ट्रोनॉट ने शनिवार को खुद के बनाए एक रॉकेट से आकाश में उड़ान भरी. लेकिन उसका रॉकेट ऊपर जाते ही धमाके के साथ फट गया और उसका सारा मलबा नीचे फैल गया. इस एस्ट्रोनॉट का नाम माइक ह्यूजेस है जिसे 'मैड' माइक ह्यूजेस के नाम से भी जाना जाता है.

इस घटना की जानकारी साइंस चैनल ने सोशल नेटवर्किंग साइट टि्वटर पर दी है. टि्वटर ने लिखा है, 'ह्यूजेस हमेशा से स्पेस में लॉन्च करना चाहते थे.' ह्यूजेस लिमोजिन ड्राइवर भी थे जिनके नाम 'लॉन्गेस्ट लिमोजिन रैंप जंप' का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है. साल 2002 में उन्होंने अपनी लिमोजिन कार को 103 फीट (31 मीटर) की ऊंचाई से जंप कराया था.

एक वीडियो में दिखाया गया है कि रॉकेट जैसे ही ऊपर उठता है उसका पैराशूट फट जाता है. भाप से उड़ने वाला रॉकेट ऊपर गया तो जरूर है लेकिन महज 10 सेकंड में ही वह धरती पर गिर गया. वीडियो में रेगिस्तान में गिरते रॉकेट से एक अजीब सी आवाज सुनी जा सकती है. चश्मदीदों का कहना है कि लॉन्चिंग के वक्त रॉकेट किसी निचली सतह से टकरा गया जिससे उसके पैराशूट में दरार आ गई. दुर्घटना की यही बड़ी वजह बताई जा रही है.

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यह कोई पहला मौका नहीं था जब ह्यूजेस स्पेस की यात्रा पर निकले थे. 2018 में उन्होंने हवा में 1875 फीट (570 मीटर) की उड़ान भरी थी. उन्होंने अपने रॉकेट में दो पैराशूट लगाए थे लेकिन नीचे उतरते वक्त कोई गड़बड़ी आ गई और हादसे में उनकी गर्दन में गंभीर चोटें आई थीं. तब उनका रॉकेट कैलिफोर्निया के मोजावे रेगिस्तान में गिर गया था. ह्यूजेस को पता था कि ऐसी लॉन्चिंग से उनके जान को खतरा है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपना प्रयोग जारी रखा.

समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक, एक वीडियो में ह्यूजेस ने कहा था कि वे आउटर स्पेस के अंतिम छोर तक जाना चाहते हैं ताकि पता लगा सकें कि दुनिया गोल है या नहीं. ह्यूजेस ने एक वीडियो मैसेज में कहा था कि वे लोगों को समझाना चाहते हैं कि वे सब कुछ कर सकते हैं जो उनकी जिंदगी में असाधारण है. एपी से ह्यूजेस ने कहा, मेरी कहानी वाकई विश्वासों से परे है.

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