एडवांस्ड सर्च

शिव का बारहवां रुद्र अवतार है ‘घुश्मेश्वर’ ज्योतिर्लिंग

शिव का बारहवां अवतार ‘घुमेश्वर’के नाम से प्रसिद्ध है. घुश्मा के मृत पुत्र को जीवित करने के लिए अवतरित प्रभु शिव ही घुमेश्वर या घुश्मेश्वर के नाम से जाने जाते हैं. इसका स्थान द्वादश ज्योतिर्लिंगों में आता है.

Advertisement
aajtak.in
अभिजीत श्रीवास्तवनई दिल्ली, 16 September 2015
शिव का बारहवां रुद्र अवतार है ‘घुश्मेश्वर’ ज्योतिर्लिंग घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंग

शिव का बारहवां अवतार ‘घुमेश्वर’के नाम से प्रसिद्ध है. घुश्मा के मृत पुत्र को जीवित करने के लिए अवतरित प्रभु शिव ही घुमेश्वर या घुश्मेश्वर के नाम से जाने जाते हैं. इसका स्थान द्वादश ज्योतिर्लिंगों में आता है.

यह ज्योतिर्लिंग अजन्ता एवं एलोरा की गुफाओं के देवगिरी के समीप तड़ाग में अवस्थित है.

शिव पुराण के अनुसार भगवान शिव अपने भक्तों के कल्याण के लिए पूरी धरती पर जगह-जगह भ्रमण करते रहे हैं. अपने भक्तों की उपासना से अभिभोर होकर भगवान शिव ने उन्हें दर्शन दिया और अपने भक्तों के अनुरोध पर अपने अंश रूपी शिवलिंग के रूप में वहां सदा के लिए विराजमान हो गए.

शिवलिंग के रूप में भगवान शिव जिन-जिन स्थानों पर विराजमान हुए, उन्हें आज प्रसिद्ध तीर्थस्थलों के रूप में महत्व दिया जाता है. वैसे तो धरती पर असंख्य शिवलिंग स्थापित हैं लेकिन इनमें 12 शिवलिगों को ज्योतिर्लिंग का विशेष दर्जा प्राप्त है.

इन्हीं ज्योतिर्लिंगों में द्वादशवें ज्योतिर्लिंग का नाम ‘घुश्मेश्वर’ है. इन्हें ‘घृष्णेश्वर’ और ‘घुसृणेश्वर’ के नाम से भी जाना जाता है.

घुमेश्वर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के दौलताबाद से लगभग 18 किलोमीटर दूर बेरूलठ गांव के पास स्थित है.

शिवमहापुराण में घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंग का वर्णन है. ज्योतिर्लिंग ‘घुश्मेश’ के समीप ही एक सरोवर भी है. जिसे शिवालय के नाम से जाना जाता है. कहा जाता है कि जो भी इस सरोवर का दर्शन करता है उसकी सभी इच्छाओं की पूर्ति होती है.

जगद्गुरु आदि शंकराचार्य ने घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंग की प्रार्थना इस प्रकार की है–
इलापुरे रम्याविशालकेऽस्मिन्।
समुल्लसन्तं च जगदवरेण्यम्।।
वन्दे महोदारतरस्वभावं।
घुश्मेश्वराख्यं शरणं प्रपद्ये।।

आसपास क्या देखें

1. अजंता और एलोरा गुफाएं

2. देवगिरी या दौलताबाद किला

कैसे पहुंचे

दौलताबाद महाराष्ट्र के औरंगाबाद के बाहरी इलाके में स्थित है. दौलताबाद स्टेशन से श्री घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंग लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित है. दौलताबाद रेल और सड़क मार्ग से पूरे देश से जुड़ा हुआ है. यह औरंगाबाद-एलोरा सड़क पर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 211 के समीप है.

दक्षिण-मध्य रेलवे के काचीगुड़ा-मनमाड खंड पर स्थित दौलताबाद औरंगाबाद के समीप है. मनमाड से लगभग 100 किलोमीटर पर दौलताबाद स्टेशन पड़ता है. दौलताबाद से आगे औरंगाबाद रेलवे-स्टेशन है. यहां से वेरूल जाने का अच्छा मोटरमार्ग है, यहां से अनेक वाहन घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंग तक के लिए चलते हैं. दौलताबाद से वेरूल का रास्ता मनोहारी पहाड़ियों के बीच से होकर गुजरता है. तो आप जब यहां जाएं तो इन प्राकृतिक झरोखों का आनंद लेना ना भूलें.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay