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बारिश के दौरान जाएं मालशेज घाट हिल स्टेशन

अगर आप अगस्त और सितंबर माह में घूमने-फिरने का मूड बना रहे हैं तो महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित मालशेज घाट का रुख कर सकते हैं. मालशेज घाट को आप एक पहाड़ी दर्रे की तरह मान सकते हैं जो कि पश्चिमी घाट श्रृंखला की ऊंची और उबड़-खाबड़ पहाड़ियों में स्थित है.
बारिश के दौरान जाएं मालशेज घाट हिल स्टेशन मालशेज घाट
अभिजीत श्रीवास्तवनई दिल्ली, 16 September 2015

अगर आप अगस्त और सितंबर माह में घूमने-फिरने का मूड बना रहे हैं तो महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित मालशेज घाट का रुख कर सकते हैं. मालशेज घाट को आप एक पहाड़ी दर्रे की तरह मान सकते हैं जो कि पश्चिमी घाट श्रृंखला की ऊंची और उबड़-खाबड़ पहाड़ियों में स्थित है.

पहाड़ियों से घिरी इस जगह पर अगर आप अगस्त और सितंबर माह के दौरान आते हैं तो समझिए कि यहां आपके पूरे पैसे वसूल हो जाएंगे. इस दौरान यहां के हरे-हरे पुदीने की छाया में लिपटे पहाड़ और मानसून की ठंडक का अहसास आपके आनंद को कई गुना बड़ा देगा. मानसून के चलते यहां के झरनों की सुंदरता और हरियाली इतनी बढ़ जाती है कि पर्यटकों की नजरें उन्हें निहारती ही रहती हैं. इस समय यहां आपको सैकड़ों तरह के फ्लोरा और फौना भी दिखेंगे. बारिश के सीजन में पुणेवासियों के लिए तो ये सबसे पसंदीदा जगह होती है.
बारिश के दिनों में यहां का मौसम इतना निराला होता है कि प्रवासी पक्षी फ्लेमिंगो इस जगह पर सुदूर स्थलों से अपना डेरा डालने के लिए आते हैं.

कैसे पहुंचें मालशेज घाट
नजदीकी एयरपोर्ट मुंबई 154 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.
अगर आप रेल के जरिए मालशेज आना चाहते हैं तो कल्याण पहुंच सकते हैं.
कल्याण से मालशेज के लिए राज्य परिवहन की बसें चलती हैं. इस तरह की बसें करजाट और पुणे से ली जा सकती हैं.

प्रमुख स्थलों से दूरी
मुंबई से मुरबाद होते हुए मालशेज घाट की दूरी 154 किलोमीटर है. पुणे से आलेफाटा होते हुए मालशेज घाट की दूरी 164 किलोमीटर है. जबकि आलेफाटा से मालशेज घाट की दूरी महज 39 किलोमीटर है.

कहां ठहरें
यदि संभव हो तो मालशेज घाट आने से पहले ही ठहरने की व्यवस्था कर लें. खासकर अगर आप जुलाई-अगस्त के मानसून सीजन में यहां आ रहे हैं तो पहले से ही बुकिंग करा लें क्योंकि ज्यादातर होटलों के कमरे इस दौरान बुक हो जाते हैं. महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम (MTDC) का ‘प्लेमिंगो हिल्स’ यहां का सबसे बड़ा रिसोर्ट है. इसके आसपास का नजारा भी आखों को सुकून देने वाला है और यहां खाने की भी वेराइटी मिलती है. महाराष्ट्र टूरिज्म डेवलप्मेंट कार्पोरेशन के रिसोर्ट बुक करने के लिए यहां क्लिक करें.

अगर किसी होटल या रिसॉर्ट में कोई रूम खाली नहीं मिलता है तो यहां से छह किलोमीटर दूर स्थित मध गांव का भी रुख किया जा सकता है.

दर्शनीय स्थल
मालशेज घाट से 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित शिवनेरी किला स्थित है. इस किले में शिवाजी का जन्म हुआ था.

मालशेज घाट पर कुछ लोग आपको ट्रैकिंग करते भी दिख जाएंगे. पहाड़ से जंगल और वादियों का बेहद रमणीय नजारा दिखता है. यहां आसपास कई झरने गिरते दिखेंगे. यहां की हरियाली मानसून के दौरान बेहतरीन नजारा प्रस्तुत करती हैं.

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