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गोरखालैंड मुद्दा हल हो सकता है बातचीत से: प्रणब

गोरखालैंड मुद्दे पर कल होने वाली महत्वपूर्ण बातचीत से पहले केन्द्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने रविवार को कहा कि मुद्दे का समाधान बातचीत के जरिये निकल सकता है और आगाह किया कि यदि जीजेएम नेतृत्व अलग राज्य की मांग पर अड़ा रहा तो स्थिति नाजुक हो सकती है.

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aajtak.in
हंसा कोरंगा कोलकाता, 20 December 2009
गोरखालैंड मुद्दा हल हो सकता है बातचीत से: प्रणब

गोरखालैंड मुद्दे पर कल होने वाली महत्वपूर्ण बातचीत से पहले केन्द्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने रविवार को कहा कि मुद्दे का समाधान बातचीत के जरिये निकल सकता है और आगाह किया कि यदि जीजेएम नेतृत्व अलग राज्य की मांग पर अड़ा रहा तो स्थिति नाजुक हो सकती है.

यह पूछे जाने पर कि क्या गोरखालैंड की मांग का समाधान बातचीत के जरिये निकाला जा सकता है, मुखर्जी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरा मानना है कि ऐसी कोई भी समस्या नहीं है जिसका बातचीत के जरिये समाधान नहीं निकल सकता.’’ यह ध्यान दिलाये जाने पर कि गोरखालैंड मुक्ति मोर्चा (जीजेएम) अलग राज्य की अपनी मांग पर अड़ा हुआ है, मुखर्जी ने कहा, ‘‘यदि कोई अपनी मांग को लेकर अड़ा हुआ है और नर्मी नहीं बरतता तो स्थिति नाजुक हो सकती है.’’

मुखर्जी ने कहा, ‘‘केन्द्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम पहले ही इस बारे में गोरखालैंड मुक्ति मोर्चा से अपील कर चुके हैं तथा मैं निश्चिंत हूं कि समस्या का समाधान बातचीत से निकल सकता है.’’ चिदंबरम की अपील के जवाब में जीजेएम ने दार्जिलिंग में होने वाली अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में छूट देने का कल निर्णय किया था ताकि सोमवार को होने वाली त्रिपक्षीय बैठक के लिए उपयुक्त माहौल तैयार हो सके.

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