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सोशल नेटवर्किंग के उस्ताद होते हैं हाथी

हाथी जितना आप सोचते हैं, उससे कहीं ज्यादा चालाक होते हैं. वे अपने पुराने दोस्तों को नहीं भूलते और सोशल नेटवर्क में भी माहिर होते हैं. पेनिसिल्वानिया विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया कि हाथी इंसानों के जैसे ही होते हैं.

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aajtak.in
भाषालंदन, 27 July 2011
सोशल नेटवर्किंग के उस्ताद होते हैं हाथी

हाथी जितना आप सोचते हैं, उससे कहीं ज्यादा चालाक होते हैं. वे अपने पुराने दोस्तों को नहीं भूलते और सोशल नेटवर्क में भी माहिर होते हैं.

पेनिसिल्वानिया विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया कि हाथी इंसानों के जैसे ही होते हैं. उनमें से कुछ सामाजिक तौर पर सक्रिय होते हैं तो कुछ अपने करीबी दोस्तों के समूह में ही सीमित रहते हैं. पिछले अध्ययनों में बताया गया कि हाथी आम तौर पर छोटे समूहों में रहते हैं जिसके केंद्र में मादा ओर उनके बच्चे होते हैं जबकि वयस्क हाथी स्वतंत्र रहते हैं.

हालांकि नये अध्ययन में पाया गया कि भले ही नर अलग रहते हों लेकिन मादा और उनके बच्चों के दोस्तों, रिश्तेदारों और परिचितों का जटिल नेटवर्क होता है. अनुसंधानकर्ता डॉ. शेर्मिन डी सिल्वा के हवाले से डेली मेल ने बताया, ‘हाथी बड़ी दूरियों में भी आवाज देकर और सूंघ कर एक दूसरे का पता लगा लेते हैं.’
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