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बजट 2019: होम लोन पर टैक्स छूट के फायदे में ये हैं पेच, दूर कर लें सारे भ्रम

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साल 2019-20 का बजट पेश करते हुए जब होम लोन लेने के ब्याज पर इनकम टैक्स के मामले में 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त राहत देने की बात की तो बहुत से लोगों के चेहरे खिल गए. लेकिन इसके बारे में कई तरह के भ्रम बने हैं जिसे आपको दूर कर लेना चाहिए.

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aajtak.in
दिनेश अग्रहरि नई दिल्ली, 06 July 2019
बजट 2019: होम लोन पर टैक्स छूट के फायदे में ये हैं पेच, दूर कर लें सारे भ्रम वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने होम लोन पर राहत दी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को साल 2019-20 का बजट पेश करते हुए जब होम लोन लेने के ब्याज पर इनकम टैक्स के मामले में 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त राहत देने की बात की, तो बहुत से लोगों के चेहरे खिल गए. वाकई टैक्स के लिहाज से यह अतिरिक्त राहत काफी अच्छी खबर है, लेकिन इसके बारे में कई तरह के भ्रम बने हुए हैं जिसे आपको दूर कर लेना चाहिए.

क्या हुआ है प्रावधान

सबसे पहले तो यह जान लें कि वित्त मंत्री ने होम लोन पर अतिरिक्त टैक्स छूट देने का क्या प्रावधान किया है. असल में अभी तक होम लोन के प्रिंसिपल अमाउंट और इंटरेस्ट दोनों के रीपेमेंट पर टैक्स बचाने की सुविधा मिलती है. इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत होम लोन के प्रिंसिपल अमाउंट पर सालाना 1.5 लाख रुपये तक डिडक्शन की सुविधा मिलती है, यानी इतनी रकम को आप अपनी टैक्सेबल इनकम से घटा सकते हैं. इसी तरह इनकम टैक्स की धारा 24 बी के तहत होम लोन के ब्याज पर सालान 2 लाख रुपये तक की रकम पर टैक्स छूट मिलती है. अब वित्त मंत्री ने कहा कि एक अलग धारा 80EEA तहत 45 लाख रुपये तक के मकान पर 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त छूट होम लोन के ब्याज अदायगी पर मिलेगी. इस तरह अब साल में आप 3.5 लाख रुपये तक के चुकाए हुए होम लोन ब्याज के बदले टैक्स छूट हासिल कर सकते हैं.

इस प्रावधान में क्या नया है

टैक्स एक्सपर्ट बलवंत जैन ने कहा, 'इस प्रावधान में एक अच्छी बात यह है कि यह फायदा निर्माणाधीन या तैयार दोनों तरह के मकान खरीदने के लिए लिए जाने वाले लोन पर मिलेगा. हां, एक बात गौर करने वाली है कि क्या 45 लाख के मकान पर लेने वाले लोन पर आदमी जो ब्याज देता है वह साल भर में साढ़े तीन लाख रुपये तक होगा कि वह इस प्रावधान का पूरा फायदा उठा पाएगा. इस प्रावधान का फायदा 45 लाख रुपये की कीमत तक के मकान पर ही मिलेगा. यानी लोन की राशि अगर अधिकतम 90 फीसदी भी मानें तो करीब 40 लाख रुपये का ही होगा.' 

ये हैं पेच जिनसे कुछ लोगों को हो सकती है निराशा

वित्त मंत्री की इस घोषणा में एक पेच यह है कि यह कि यह 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 तक के बीच यानी एक साल की इस अवधि में लिए जाने वाले लोन पर ही मिलेगा. यानी आपका लोन इस अवधि में ही मंजूर होना चाहिए, भले ही मकान की रजिस्ट्री बाद में हो. इसका मतलब यह है कि पुराने होम लोन धारकों को इसका कोई फायदा नहीं मिलेगा, यानी बहुत से लोगों को इस प्रावधान से निराशा ही होगी. यह प्रावधान इसलिए किया गया है ताकि नए लोगों को मकान खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके.

क्या सिर्फ 15 साल के लोन पर मिलेगा फायदा?

बलवंत जैन ने बताया, 'बजट दस्तावेज में इसकी कोई चर्चा नहीं है कि यह सिर्फ 15 साल के लोन पर मिलेगा, यह फायदा ज्यादा अवधि के लोन पर भी मिल सकता है. वित्त मंत्री ने बजट भाषण में बस एक उदाहरण से समझाया है कि 15 लाख का लोन लेने वालों को कितने का फायदा होगा.'

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