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यूथ फॉर इक्वॉलिटीः कभी जातिगत आरक्षण के विरोधी, अब इंटरकास्ट मैरिज के साथ

डॉक्टर कौशलकांत मिश्रा ने बताया कि यूथ फॉर इक्वॉलिटी उन सभी अंतरजातीय विवाहों के समर्थन में खड़ा है जो कानूनी रूप से सही हैं. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम बेमेल शादियों के पक्ष में हैं. हम उनके साथ बिल्कुल खड़े नहीं हो सकते हैं जिसमें लड़की की उम्र कम हो जबकि लड़का उम्रदराज हो.

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aajtak.in
वरुण शैलेश नई दिल्ली, 05 August 2019
यूथ फॉर इक्वॉलिटीः कभी जातिगत आरक्षण के विरोधी, अब इंटरकास्ट मैरिज के साथ  अंतरजातीय विवाह के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर (फाइल फोटो-IANS)

जातिगत आरक्षण के विरोध में खड़े संगठन यूथ फॉर इक्वॉलिटी ने जाति मिटाने की एक पहल की है. जाति नामक बुराई को खत्म करने के लिए इस संगठन ने अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहन देने का फैसला किया है. यूथ फॉर इक्वॉलिटी ने रविवार को इस दिशा में एक कदम बढ़ा दिया. मिशन-2020 के दूसरे चरण के तहत यूथ फॉर इक्वॉलिटी ने जाति खत्म करने को लेकर अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने के वास्ते देश में इंटरकास्ट मैरिज हेल्पलाइन नंबर की शुरुआत की है.

यूथ फॉर इक्वॉलिटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर कौशलकांत मिश्रा ने बताया कि संगठन उन सभी अंतरजातीय विवाहों के समर्थन में खड़ा है जो कानूनी रूप से सही हैं. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम बेमेल शादियों के पक्ष में हैं. हम उनके साथ बिल्कुल खड़े नहीं हो सकते हैं जिसमें लड़की की उम्र कम हो जबकि लड़का उम्रदराज हो. डॉक्टर कौशलकांत मिश्रा ने aajtak.in से बातचीत में बताया कि देश में अक्सर अंतरजातीय विवाह करने वाले लड़के-लड़कियों की हत्या की खबरें आती रहती हैं. ऐसे युवाओं को इंटरकास्ट मैरिज को लेकर अपने अभिभावकों और समाज की तरफ से विरोध का सामना करना पड़ता है. लिहाजा संगठन इंटरकास्ट मैरिज करने वाले लड़के-लड़कियों के माता-पिता की काउंसलिंग करेगा.  

कौशलकांत मिश्रा ने बताया कि यूथ फॉर इक्वॉलिटी इस प्रयास को देशभर में विस्तार देगा. जहां भी ऐसी समस्या होगी, युवक और युवती संगठन के व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क कर सकेंगे. संगठन ऐसे युवकों की मदद करेगा और उनके अभिभावकों को काउंसलिंग मुहैया कराएगा. यूथ फॉर इक्वॉलिटी ने जातिगत भेदभाव मिटाने और अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने के लिए हेल्प लाइन नंबर 7065160416, 8448144265 और व्हाट्सएप नंबर 9868340420 जारी किया है.

डॉक्टर कौशलकांत मिश्रा ने बताया कि यूथ फॉर इक्वॉलिटी उन सभी अंतरजातीय विवाहों के समर्थन में खड़ा है जो कानूनी रूप से सही हैं. उन्होंने कहा कि लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम बेमेल शादियों के पक्ष में खड़े हैं. हम उनके साथ बिल्कुल खड़े नहीं हो सकते हैं जिसमें लड़की की उम्र कम हो जबकि लड़का उम्रदराज हो.

जाति उन्मूलन कानून की मांग

उन्होंने बताया कि यूथ फॉर इक्वॉलिटी ने 14 अप्रैल 2019 को देशव्यापी एक शांतिपूर्ण सत्याग्रह की शुरुआत की थी. इसके बाद संगठन ने 4 अगस्त 2019 को दूसरा शांतिपूर्ण सत्याग्रह शुरू किया. यह सत्याग्रह देश से जाति के समूल विनाश के लिए संसद के दोनों सदनों से जाति उन्मूलन कानून बनाने के लिए है.  

डॉ. कौशलकांत मिश्रा ने बताया कि जातिगत नीतियों के विरोध के जरिये सामाजिक सद्भाव के लिए 2006 से निरंतर काम कर रही उनकी संस्था अब फिर से समूचे देश में जाति हटाओ का संदेश देगी. कौशलकांत मिश्रा ने सभी देशवासियों को इस सामाजिक आंदोलन का हिस्सा बनने का आह्वान किया है. उन्होंने कहा कि 2020 तक संसद से जातियों के समूल विनाश के लिए जाति उन्मूलन कानून पास कराना है.

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