एडवांस्ड सर्च

TDB प्रमुख के विवादित बोल, कहा- महिलाओं को प्रवेश देकर सबरीमाला मंदिर को क्या थाईलैंड बना दें?

केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का मामला गर्माया हुआ है. सुप्रीम कोर्ट ने एक ओर जहां यह मामला संविधान पीठ को सौंप दिया है, वहीं मंदिर का प्रबंधन संभालने वाले त्रावणकोर देवस्वामी बोर्ड (टीडीबी) के अध्यक्ष पी. गोपालकृष्ण ने एक बेहद ही विवादित बयान दिया है.

Advertisement
aajtak.in [Edited by: साद बिन उमर]तिरुवनंतपुरम, 14 October 2017
TDB प्रमुख के विवादित बोल, कहा- महिलाओं को प्रवेश देकर सबरीमाला मंदिर को क्या थाईलैंड बना दें? सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर रोक है

केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का मामला गर्माया हुआ है. सुप्रीम कोर्ट ने एक ओर जहां यह मामला संविधान पीठ को सौंप दिया है, वहीं मंदिर का प्रबंधन संभालने वाले त्रावणकोर देवस्वामी बोर्ड (टीडीबी) के अध्यक्ष पी. गोपालकृष्ण ने एक बेहद ही विवादित बयान दिया है.

गोपालकृष्ण ने कहा कि मंदिर में महिलाओं को प्रवेश देकर इसे थाईलैंड बनाने की कोशिश न की जाए. अगर महिलाओं को प्रवेश दिया गया तो यह मंदिर एक टूरिस्ट सेंटर बनकर रह जाएगा. उन्होंने साथ ही कहा, 'क्या होगा जब 10 साल से 50 साल की महिलाएं कठिन मौसम में बिना किसी सुरक्षा के पहाड़ी पर चढ़ेंगी? क्या हम सबरीमाला को थाईलैंड बना दें?'

गोपालकृष्ण ने कहा, हमारी महिलाओं से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं, बस इन्हीं कारणों से हम मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ हैं. सुप्रीम कोर्ट भले अनुमति दे दे, लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि कोई सम्मानित परिवार ऐसा नहीं चाहेगा.'

गोपालकृष्ण के इस बयान की काफी आलोचना हो रही है. केरल के मंत्री के. सुरेंद्रन ने इसे लेकर कहा कि गोपालकृष्णन ने इस तरह की टिप्पणी कर महिला समुदाय और भगवान अय्यपा के भक्तों का अपमान किया है और वे इसके लिए माफी मांगे.

बता दें कि इंडिया यंग लायर्स एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर रोक को लिंग आधारित भेदभाव बताते हुए निरस्त करने की मांग की है. इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह मामला संविधान पीठ को भेज दिया.

इससे पहले इसी साल फरवरी में शीर्ष अदालत ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. सुनवाई के दौरान पिछले साल अप्रैल में केरल सरकार ने कहा था कि वो मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के समर्थन में है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay