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माल्या की जब्त संपत्ति को बेचकर बैंक करेंगे वसूली, PMLA कोर्ट ने दी इजाजत

प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के स्पेशल कोर्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) और अन्य बैंकों को विजय माल्या की जब्त संपत्ति को बेचकर कर्ज वसूली करने की अनुमति दी है.

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aajtak.in
aajtak.in 01 January 2020
माल्या की जब्त संपत्ति को बेचकर बैंक करेंगे वसूली, PMLA कोर्ट ने दी इजाजत फिलहाल लंदन में है विजय माल्या (फाइल फोटो)

  • बैंकों को माल्या की जब्त संपत्ति बेचकर कर्ज वसूली करने की इजाजत
  • प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के स्पेशल कोर्ट ने दी यह इजाजत
  • प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा था कि उसे इसमें कोई आपत्ति नहीं है
  • माल्या के वकीलों ने की है आपत्ति, मार्च 2016 में लंदन भाग गया था माल्या

प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के स्पेशल कोर्ट ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और कई अन्य बैंकों को विजय माल्या की जब्त संपत्ति को बेचकर कर्ज वसूली करने की इजाजत दी है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा था कि उसे इस वसूली में कोई आपत्ति नहीं है.

माल्या के वकीलों ने आपत्ति की थी कि यह केवल डेट रिकवरी ट्राइब्यूनल ही तय कर सकता है. हालांकि, स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने इस निर्णय पर 18 जनवरी तक स्टे लगाया है, ताकि माल्या इस आदेश के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील कर सकें.

बैंकों के करीब 9 हजार करोड़ रुपये के लोन न चुकाने, जालसाजी और मनी लॉन्ड्र‍िंग के मामले में ब्रिटेन में माल्या मुकदमे का सामना कर रहा है.

लंदन में माल्या पर आना है फैसला

गौरतलब है कि दिसंबर महीने में विजय माल्या मामले में लंदन कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट जनवरी में विजय माल्या पर फैसला सुना सकता है. वहीं, विजय माल्या पर दायर दिवालिया घोषित होने की याचिका खारिज भी हो सकती है या यह याचिका रद्द की जा सकती है या जब तक भारतीय सुप्रीम कोर्ट में माल्या के सेटेलमेंट ऑफर पर सहमति नहीं बन जाती तब तक यह याचिका स्थगित भी की जा सकती है. इस मामले में यूके कोर्ट भारतीय नियमों की प्रासंगिकता पर विचार कर सकता है.

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के नेतृत्व में भारतीय सरकारी बैंकों के एक समूह ने ब्रिटेन के उच्च न्यायालय से भगोड़ा विजय माल्या को करीब 1.145 अरब पाउंड का कर्ज न चुकाने के आरोप में दिवालिया घोषित करने का आदेश देने की फिर से अपील की थी. लंदन में उच्च न्यायालय की दिवाला शाखा में न्यायाधीश माइकल ब्रिग्स ने सुनवाई की.

बैंकों के पक्ष में आया था लंदन कोर्ट का फैसला

वहीं, उच्च न्यायालय ने पहले दिए एक फैसले में दुनियाभर में माल्या की संपत्ति के लेन-देन पर प्रतिबंध लगाए जाने के आदेश को पलटने से इनकार कर दिया था और भारत की एक अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा था कि 13 भारतीय बैंकों का समूह तकरीबन 1.145 अरब पाउंड के कर्ज की भरपाई करने के लिए अधिकृत है.

इसके बाद बैंकों ने संपत्ति जब्त करने के आदेश के तौर पर भरपाई की कवायद शुरू की. इसी के तहत कर्ज की भरपाई करने के लिए ब्रिटेन में माल्या की संपत्ति को जब्त करने की अपील करते हुए दिवाला याचिका दायर की.

कहां है माल्या

भारत के बैंकों से धोखाधड़ी के मामले में आरोपी विजय माल्या जांच के दौरान ही मार्च 2016 में लंदन भाग गया था. विजय माल्या को वापस लाने के लिए केंद्र सरकार और भारतीय जांच एजेंसियां लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन अभी तक सफल नहीं हो पाईं.

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