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तड़प रहा था मरीज, कोरोना का वीडियो बताकर किया वायरल, दर्ज होगी FIR

कानपुर के एक अस्पताल में कोरोना वार्ड के सामने मिर्गी की वजह से एक मरीज तड़प रहा था. कुछ लोगों ने उस मरीज का वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय प्रशासन के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के भी हाथ-पांव फूल गए.

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aajtak.in
aajtak.in कानपुर, 31 March 2020
तड़प रहा था मरीज, कोरोना का वीडियो बताकर किया वायरल, दर्ज होगी FIR यही वीडियो हुआ था वायरल

  • मिर्गी के वीडियो को कोरोना का बताकर किया वायरल
  • कानपुर का है वह वायरल वीडियो, अब दर्ज होगी FIR

कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया गया है और सोशल मीडिया पर इस बीमारी से जुड़े वीडियो की भरमार है. ऐसे में वीडियो को सनसनीखेज बनाने के लिए उसे कोरोना से जोड़ दिया जाता है. ऐसा ही कुछ कानपुर में हुआ है जहां मिर्गी के एक वीडियो को कोरोना मरीज का बताकर वायरल कर दिया गया.

दरअसल कानपुर के एक अस्पताल में कोरोना वार्ड के सामने मिर्गी की वजह से एक मरीज तड़प रहा था. कुछ लोगों ने उस मरीज का वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय प्रशासन के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के भी हाथ-पांव फूल गए.

वीडियो को यह कहकर वायरल किया गया था कि कोरोना मरीज को परिजन अस्पताल में भर्ती कराने लाए थे लेकिन डॉक्टरों के इलाज नहीं करने की वजह से वो तड़पने लगा. जब इस वीडियो के सच्चाई की जांच की गई तो पता चला कि उस मरीज को कोरोना नहीं बल्कि मिर्गी के दौरे आ रहे थे.

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जिस मरीज के वीडियो को कोरोना बताकर वायरल किया जा रहा था वो कानपुर देहात के अकबरपुर का रहने वाला है. उसे सोमवार को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था. परिजनों को जानकारी नहीं होने की वजह से वो सीधे कोरोना वार्ड पहुंच गए जहां उन्हें डॉक्टरों ने इमरजेंसी वार्ड में ले जाने की सलाह दी. उसी गेट के पास राजू को मिर्गी का दौरा आ गया जिसका किसी ने वीडियो बना लिया और उसे वायरल कर दिया.

वीडियो की सच्चाई सामने आने के बाद अस्पताल के डॉक्टर फर्जी वीडियो बनाए जाने के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की तैयारी कर रहे हैं.

इस मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल आरती लाल चंदानी ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण के भय से कोरोना वार्ड के किसी डाक्टर ने उसे नहीं देखा था क्योंकि वह मिर्गी का मरीज था. उसे बाद में स्ट्रेचर पर ले जाकर इंजेक्शन लगाया गया जिसके बाद वो ठीक होकर घर चला गया. प्रिंसिपल ने कहा कि इससे अस्पताल की बदनामी हुई है.

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हालांकि मरीज के नीचे पड़े होने की वजह से अस्पताल की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं.

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