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योगी के प्रयागराज में स्कूल के अंदर गाय, छात्र बाहर बैठे पढ़ाई करने

यूपी में बेसहारा मवेशियों का आतंक इतना बढ़ गया है कि कई इलाकों में लोग इन पशुओं को स्कूल में बंद कर दे रहे हैं. यहां के प्रयागराज में किसानों ने आवारा पशुओं को स्कूल में बंद कर दिया जिसकी वजह से कड़ाके की ठंड में स्कूल के बच्चों को खुले आसमान के नीचे पढ़ना पड़ा.

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aajtak.in
आशुतोष मिश्रा लखनऊ, 08 January 2019
योगी के प्रयागराज में स्कूल के अंदर गाय, छात्र बाहर बैठे पढ़ाई करने  स्कूल के बाहर पढ़ने बैठे छात्र (फोटो- आशुतोष मिश्रा)

उत्तर प्रदेश में बेसहारा मवेशियों का आतंक इतना बढ़ गया है कि कई इलाकों में लोग इन पशुओं को स्कूल में बंद कर दे रहे हैं. यहां के प्रयागराज में किसानों ने आवारा पशुओं को स्कूल में बंद कर दिया जिसकी वजह से कड़ाके की ठंड में स्कूल के बच्चों को खुले आसमान के नीचे पढ़ना पड़ा.

यहां के शंकरगढ़ इलाके में भदवार गांव में सोमवार की सुबह जब छोटे बच्चे अपने प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने आए तो उस स्कूल में गाय-बैलों को देखकर दंग रह गए. स्कूल के प्रिंसिपल कमलेश सिंह के मुताबिक रविवार की रात इलाके में हो रही बारिश और ओलों के चलते जो आवारा पशु खेतों में फसल खाने आते हैं वह गांव में घुस आए. गांव वालों ने उन पशुओं को लाकर स्कूल में बंद कर दिया. आधी रात से लेकर सोमवार की दोपहर तक ये जानवर स्कूल में ही बंद रहे और ठंड में बच्चों को स्कूल के बाहर त्रिपाल बिछाकर पढ़ाई करनी पड़ी.

बरवार गांव के सरपंच त्याग राज सिंह ने आजतक से बातचीत में बताया कि उन्होंने गांव वालों को ऐसा ना करने की हिदायत दी थी, लेकिन आवारा पशुओं द्वारा फसल चर जाने से नाराज गांव वालों ने किसी की बात नहीं सुनी. पशुओं ने स्कूल के अंदर लगाई गई फुलवारी को भी नष्ट कर दिया.

सोमवार को ही इलाके के प्रशासनिक अधिकारियों के आने के बाद पशुओं को स्कूल से बाहर निकाला गया. इसके बाद स्कूल की साफ सफाई की गई, लेकिन स्कूल में आज भी बदबू है और इसी बदबू के बीच बच्चों को बैठकर पढ़ना पड़ रहा है.

शंकरगढ़ इलाके के कई किसान ऐसे हैं, जिन्होंने पशुओं के आतंक से इस बार गेहूं की बुवाई ही नहीं की. इसी गांव के रहने वाले विकास सिंह ने बताया कि उनकी धान की फसल बर्बाद हो गई जिसके बाद उन्होंने पशुओं के खौफ में फसल ही नहीं लगाई.

बता दें कि योगी सरकार ने अफसरों को हाल ही में आदेश जारी करके यह कहा था कि आवारा पशुओं पर लगाम लगाई जाए, लेकिन यह आदेश फिलहाल कहीं भी अमलीजामा पहनते नजर नहीं आ रहा है और आवारा पशु अभी भी किसानों के लिए बुरा ख्वाब बने हुए हैं.

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