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कैबिनेट से नए तीन तलाक बिल को मंजूरी, JK में और 6 महीने के लिए राष्ट्रपति शासन

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में आज नए ट्रिपल तलाक बिल को मंजूरी दे दी गई. इसके अलावा मंत्रिमंडल ने जम्मू और कश्मीर में छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन के विस्तार को मंजूरी दी है.

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aajtak.in [Edited By: वरुण शैलेश/हिमांशु कोठारी]नई दिल्ली, 12 June 2019
कैबिनेट से नए तीन तलाक बिल को मंजूरी, JK में और 6 महीने के लिए राष्ट्रपति शासन मोदी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक (फोटो-PIB)

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में आज नए ट्रिपल तलाक बिल को मंजूरी दे दी गई. इसके अलावा मंत्रिमंडल ने जम्मू और कश्मीर में छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन के विस्तार को मंजूरी दी है. 6 महीने के लिए राष्ट्रपति शासन 3 जुलाई 2019 से प्रभावी होगा.

मुस्लिम महिलाओं को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार संसद सत्र में तीन तलाक बिल पेश करेगी. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि पुराने अध्यादेश को ही बिल को तब्दील किया जाएगा.

200 प्वाइंट रोस्टर के लिए बिल होगा पेश

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि विश्वविद्यालयों में 200 प्वाइंट रोस्टर के हिसाब से नियुक्ति के लिए सदन में बिल लाया जाएगा. उन्होंने कहा कि कोर्ट ने 13 प्वाइंट रोस्टर का जो फैसला दिया था, उससे अनुसूचित जाति और जनजाति के वर्ग के लोगों को नुकसान हो रहा था. इसलिए केंद्रीय कैबिनेट ने फैसला किया है कि 200 प्वाइंट रोस्टर बहाल करने के लिए सरकार जो अध्यादेश लाई थी, उसे अब बिल के तौर पर सदन में पेश किया जाएगा.

जम्मू कश्मीर रिजर्वेशन बिल

मंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने जम्मू कश्मीर रिजर्वेशन बिल 2019 को मंजूरी दे दी है, जिससे जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास रहने वाले लोगों को राहत मिलेगी. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आरक्षण के लिए वहां 1954 के राष्ट्रपति आदेश में बदलाव कर आरक्षण के प्रावधान में बदलाव किया है. इसके तहत जहां जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास रहने वाले लोगों के साथ-साथ अब अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रहने वाले लोगों को भी रिजर्वेश का लाभ मिलेगा. अब तक वहां केवल नियंत्रण रेखा के पास रहने वाले लोगों के लिए यह सुविधा उपलब्ध थी.

इसके अलावा केंद्र सरकार ने आधार और अन्य कानूनों (संशोधन) विधेयक, 2019 को मंजूरी दे दी. अब किसी भी व्यक्ति को आधार नंबर मुहैया कराने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है.

बता दें कि मंत्रियों को जिम्मेदारियां सौंपे जाने के बाद केंद्रीय मंत्रिपरिषद की पहली बैठक बुधवार को हुई. इसमें सरकार के लघु और दीर्घकालिक एजेंडे पर चर्चा की गई. यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार के सभी सचिवों के साथ हुई बातचीत के अगले दिन हुई.

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