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वायरल वीडियो का सच: मोदी सरकार पर वरिष्ठ पत्रकारों के कौन से बयान सुनाए, कौन से छुपाए?

इंडिया टुडे फैक्ट चेक ने अपनी पड़ताल में पाया कि वीडियो को शरारत के ढंग से एडिट किया गया. कुछ टिप्पणियों को चुनींदा तौर पर उठा कर एक साथ वीडियो में पेश किया गया जो भ्रामक है. मूल वीडियो 25 मिनट लंबा है और डेढ़ साल से ज़्यादा पुराना है.

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बालकृष्ण [Edited by:खुशदीप सहगल/पन्ना लाल]नई दिल्ली, 11 February 2019
वायरल वीडियो का सच: मोदी सरकार पर वरिष्ठ पत्रकारों के कौन से बयान सुनाए, कौन से छुपाए? वीडियो को भ्रामक कैप्शन के साथ अपलोड किया जा रहा है.

राजनीति के बारे में अक्सर कहा जाता है कि ये अवधारणा (परसेप्शन) का खेल है. देश जैसे जैसे आम चुनाव की ओर बढ़ रहा है लोगों ने मीडिया रिपोर्ट्स, ओपनियन मेकर्स और वरिष्ठ पत्रकारों के लिखे-बोले पर बारीकी से नजर रखना शुरू कर दिया है. लोग जानना चाहते हैं कि निवर्तमान सरकार के कामकाज को लेकर इनकी क्या राय है जिससे उन्हें अपना ओपिनियन बनाने में मदद मिल सके.

सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप खूब शेयर किया जा रहा है जिसमें इंडिया टुडे से जुड़े वरिष्ठ पत्रकारों को इस तरह प्रोजेक्ट किया गया है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘गतिशील नेतृत्व’ की प्रशंसा करते प्रतीत हों. 4 मिनट 6 सेकंड के इस वीडियो को फेसबुक पेज “पॉलिटिक्स टुडे” (@NamoBharat2019) से 9 फरवरी को पोस्ट किया. ये स्टोरी लिखे जाने तक इस पोस्ट को हज़ारों बार शेयर किया जा चुका है.

इस वीडियो को यहां आर्काइव देखा जा सकता है.

इंडिया टुडे फैक्ट चेक ने अपनी पड़ताल में पाया कि वीडियो को शरारत के ढंग से एडिट किया गया. कुछ टिप्पणियों को चुनिंदा तौर पर उठाकर एक साथ वीडियो में पेश किया गया जो भ्रामक है. मूल वीडियो 25 मिनट लंबा है और डेढ़ साल से ज़्यादा पुराना है. इंडिया टुडे टीवी ने मई 2017 में मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने पर एक खास शो "The Good The Bad The Ugly - Three Years Under Modi" तैयार किया था. इंडिया टुडे के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर इस शो को 20 मई 2017 को अपलोड किया गया. इसे यहां देखा जा सकता है.

फेसबुक पेज पॉलिटिक्स टुडे (@NamoBharat2019) ने इस भ्रामक वीडियो को इस कैप्शन के साथ अपलोड किया- “क्यों मोदी फिर से?? इसे देखिए!” इस फेसबुक पेज के 4 लाख फॉलोअर्स हैं. इंडिया टुडे के मूल वीडियो को देखा जाए तो साफ हो जाता है कि राजदीप सरदेसाई, जावेद अंसारी और राज चेंगप्पा जैसे वरिष्ठ पत्रकारों ने शो में जो आलोचनात्मक टिप्पणियां की थीं, उन्हें वायरल हुए वीडियो में जानबूझ कर हटा दिया गया. जैसे कि इंडिया टुडे के शो के नाम से ही झलकता है- the good, the bad and the ugly (अच्छा, खराब और भद्दा), मोदी सरकार के तीन साल के कामकाज का 2017 में विश्लेषण किया गया. लेकिन इस शो के शुरुआती हिस्से (The Good) को ही वायरल वीडियो में इस्तेमाल किया गया. वीडियो मे ऊपर और नीचे की पट्टियों (बैंड्स) के साथ इंडिया टुडे के लोगो और उस मूल टेक्स्ट को ढक दिया गया जिससे कि शो के 2017 में टेलीकास्ट होने का पता चलता था.

इस स्टोरी को लिखे जाने तक वीडियो को 22,000 से ज्यादा लोग शेयर कर चुके थे. हजारों यूजर्स ने वीडियो वाली पोस्ट पर कमेंट किए. 

इंडिया टुडे के शो में राजदीप सरदेसाई को ये कहते देखा जा सकता है, “अगर आज के भारत में मैं अल्पसंख्यक हूं तो मुझे डर का एहसास होता है.” वहीं जावेद अंसारी ने कमेंट किया- कश्मीर और नक्सल समस्या पहले जैसी ही हैं. शो में राज चेंगप्पा ने देश में बढ़ती बेरोजगारी पर साफ शब्दों में चिंता जताई थी. इनमें से किसी भी कमेंट को फेसबुक पेज "पॉलिटिक्स टुडे" पर अपलोड किए गए वीडियो में शामिल नहीं किया गया.

हमने इन वरिष्ठ पत्रकारों से भ्रामक वीडियो पर उनकी प्रतिक्रिया जानने के लिए संपर्क किया. राजदीप सरदेसाई ने इसे शरारती राजनीतिक घुमाव बताते हुए कहा, “मोदी सरकार के तीन साल पर रिपोर्ट को मरोड़ने के लिए चुनिंदा फुटेज का इस्तेमाल किया गया जिससे कि झूठी तस्वीर को आगे बढ़ाया जा सके. सत्ता में जो हैं ना मैं उनका सहयोगी हूं और ना ही विरोधी, मैं आईना थामने में विश्वास रखता हूं, जैसा कि उपरोक्त शो में भी किया गया.” राज चेंगप्पा ने अपने ट्वीट में कहा- “आधे-अधूरे तथ्य ख़तरनाक होते हैं.” 

वरिष्ठ पत्रकार जावेद अंसारी ने वीडियो को डर्टी ट्रिक्स डिपार्टमेंट का ‘हथकंडा’ बताया. उन्होंने कहा, “जिस हिस्से में मैंने आलोचना की उसे शरारती ढंग से एडिट कर दिया गया जिससे कि मुड़ी हुई तस्वीर लोगों के सामने जाए. लोगों को कोई जजमेंट देने से पहले मूल वीडियो को सतर्कता के साथ देखना चाहिए.”

इंडिया टुडे ने फेसबुक पेज के एडमिन से भी संपर्क किया कि क्यों इंडिया टुडे के वीडियो को उन्होंने तोड़ा-मरोड़ा. इस एडमिन से हमें ये संदेश मिला- “मुझे मेरे वीडियो एडिटर से वीडियो का लिंक मिला था...चिंता मत करिए, वीडियो का अन्य हिस्सा भी हम पोस्ट कर रहे हैं.” बाद में इस फेसबुक पेज में वायरल वीडियो के नीचे एक लाइन जोड़ दी गई, जिसमें कहा गया- “वीडियो का अन्य हिस्सा भी है जिसमें वे मोदी सरकार की आलोचना कर चुके हैं.”

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