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लाइसेंसी हथियार हो तो रहें सतर्क, वरना बन जाएंगे 'चैंम्पियन'

हथियार लहराते हुए वीडियो वायरल होने के बाद से भारतीय जनता पार्टी के विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन की मुश्किलें बढ़ गई है. हरिद्वार के एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. साथ ही देहरादून में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है. अगर किसी के पास हथियार का लाइसेंस है, तो उन लोगों को बेहद सतर्क रहना चाहिए. उनकी किसी भी गलती से उनका लाइसेंस रद्द हो सकता है. आइए जानते हैं कि कब हथियार का लाइसेंस रद्द हो सकता है.

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राम कृष्णनई दिल्ली, 13 July 2019
लाइसेंसी हथियार हो तो रहें सतर्क, वरना बन जाएंगे 'चैंम्पियन' विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन के वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट

उत्तराखंड के हरिद्वार के खानपुर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन का हथियार लहराते वीडियो सामने आया है, जिसके बाद से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं. हरिद्वार के एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. उत्तराखंड के डीजी (कानून और व्यवस्था) अशोक कुमार ने बताया कि विधायक चैम्पियन और उनके परिवार को हथियार लाइसेंस जारी करने में नियमों के उल्लंघन की जांच के आदेश दिए गए हैं. अगर नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा.

वहीं, बीजेपी नेतृत्व उनको पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी कर रहा है. बीजेपी उपाध्यक्ष और उत्तराखंड प्रभारी श्याम जाजू ने बताया कि कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक संस्तुति पत्र केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिया गया है. इसके अलावा बंदूक और पिस्टल लहराने को लेकर देहरादून में चैम्पियन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है. अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या अब प्रणव चैम्पियन के हथियारों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे?

इस संबंध में एडवोकेट मार्कण्डेय पंत का कहना है कि सबसे पहली बात तो यह है कि पुलिस को इसकी जांच करनी चाहिए कि प्रणव चैम्पियन जिन हथियारों के साथ वीडियो में नजर आ रहे हैं, उन सभी हथियारों के लाइसेंस हैं या नहीं? अगर किसी भी हथियार का लाइसेंस नहीं है, तो यह आर्म्स एक्ट 1959 की धारा 5 के तहत गैरकानूनी है. इसके लिए धारा 27 के तहत 3 साल से 7 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है.

एडवोकेट पंत का कहना है कि वैसे यह वीडियो बंद कमरे का है, इसलिए यह पब्लिक प्लेस नहीं माना जाएगा. लिहाजा इससे पब्लिक पीस यानी लोक शांति बिगड़ने की बात पूरी तरह सही नहीं बैठती है. हालांकि अगर पुलिस को लगता है कि वीडियो के सार्वजनिक होने से लोगों में भय का माहौल बना है, तो पुलिस प्रणव चैम्पियन के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है. साथ ही उनके हथियारों के लाइसेंस को रद्द करने की सिफारिश जिलाधिकारी से कर सकती है.

इसके अलावा अगर जांच में यह पाया जाता है कि हाथियारों का लाइसेंस कानूनों का उल्लंघन करके जारी किया गया है, तो भी लाइसेंस रद्द किया जा सकता है. एडवोकेट पंत ने बताया कि हथियारों के लाइसेंस जारी करने और रद्द करने का अधिकार जिलाधिकारी को होता है. अगर जिलाधिकारी को लगता है कि आर्म्स एक्ट 1959 और आर्म्स रूल्स 2016 के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है, तो वह लाइसेंस को रद्द कर सकता है.

कब रद्द हो सकता है बंदूक या पिस्टल का लाइसेंस

एडवोकेट मार्कण्डेय पंत का कहना है कि हथियारों का लाइसेंस आत्मरक्षा के लिए दिया जाता है. किसी को डराने, धमकाने या लोगों में भय का माहौल बनाने के लिए नहीं दिया जाता है. प्रशासन नियमों के उल्लंघन होने पर लाइसेंस को रद्द कर सकता है. लाइसेंस रद्द होने के बाद हथियार को फौरन जमा करना पड़ता है. अगर आपके पास बंदूक या पिस्टल का लाइसेंस है, तो आप भी समझ लीजिए कि आपका लाइसेंस कब रद्द हो सकता है.......

1. अगर प्रशासन को लगता है कि किसी का बंदूक या पिस्टल के लाइसेंस को रद्द करना पब्लिक के हित और सुरक्षा के लिए जरूरी है, तो वह रद्द कर सकता है.

2. जिस व्यक्ति को बंदूक या पिस्टल का लाइसेंस मिला है, अगर वो दिमागी रूप से डिस्टर्ब हो जाता है, तो प्रशासन उसके लाइसेंस को रद्द कर देता है.

3. अगर किसी ने झूठी जानकारी देकर या किसी जानकारी को छिपाकर लाइसेंस हासिल किया है यानी नियमों का उल्लंघन करके लाइसेंस हासिल किया है, तो ऐसे लाइसेंस को रद्द किया जा  सकता है.

4. लाइसेंस की शर्तों, आर्म्स एक्ट और आर्म्स रूल्स के कानून का उल्लंघन होने पर भी लाइसेंस रद्द हो सकता है.

5. अगर हथियार को जमा करने का निर्देश दिया जाता है और लाइसेंस रखने वाला उसका पालन करने में विफल रहता है, तो भी लाइसेंस को रद्द करने की कार्रवाई की जा सकती है.

6. जिसके नाम लाइसेंस है, अगर वो चाहे, तो आवेदन देकर अपने लाइसेंस को रद्द करवा सकता है.

7. अगर हाईकोर्ट आर्म्स कानून का उल्लंघन पाता है, तो अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए भी लाइसेंस रद्द कर सकता है.

8. केंद्र सरकार निर्देश पर भी हथियारों के लाइसेंस को रद्द करने किया जा सकता है.

9. अगर किसी को आर्म्स एक्ट या आर्म्स रूल्स के तहत अदालत से सजा मिली है, तो भी उसके लाइसेंस को रद्द किया जा सकता है.

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