एडवांस्ड सर्च

सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में गड़बड़ करने वालों को पकड़ेगी सीबीआई

वकील, उद्योगपति और कोर्ट स्टाफ के बीच साठगांठ से मुकदमों की मनमानी लिस्टिंग और आदेश टाइप करने में गड़बड़ी की बार-बार शिकायतें मिल रही थीं. इन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने यह फैसला लिया.

Advertisement
aajtak.in
aajtak.in नई दिल्ली, 08 July 2019
सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में गड़बड़ करने वालों को पकड़ेगी सीबीआई सुप्रीम कोर्ट की फाइल फोटो

सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में गड़बड़ी की जांच अब सीबीआई के अफसर करेंगे. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने यह बड़ा फैसला किया है. इसके मुताबिक सीबीआई के एसएसपी, एसपी और इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी डेप्यूटेशन पर सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में एडिशनल, डिप्टी रजिस्ट्रार और ब्रांच अफसर के पद पर तैनात किए जाएंगे. इनकी मदद दिल्ली पुलिस भी करेगी.

चीफ जस्टिस दफ्तर से जारी आदेश के मुताबिक सीबीआई के एसएसपी, एसपी और इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी डेप्यूटेशन के आधार पर सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में एडिशनल रजिस्ट्रार, डिप्टी रजिस्ट्रार और ब्रांच अफसर के पद पर तैनात किए जाएंगे.

इस आदेश के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में नया पन्ना जुड़ गया. सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब सीबीआई की सबसे ऊंची अदालत की रजिस्ट्री में प्रवेश हो रहा है. यानी आइंदा गड़बड़ी वाली घटनाओं की जांच में सीबीआई के अधिकारियों की मदद के लिए दिल्ली पुलिस का अमला भी होगा.

हाल के महीनों में रजिस्ट्री या कोर्ट स्टाफ की कारगुजारियां उजागर हुई हैं. बिना बेंच के निर्देश के मुकदमों की मनमाने ढंग से लिस्टिंग की कई जजों और बेंच की ओर से मिली शिकायतों के बाद चीफ जस्टिस ने ये फैसला किया है. इस बाबत केंद्र सरकार को भी जानकारी दे दी गई है. ऐसे कई वाकए हुए जिनमें वकील, उद्योगपति और कोर्ट स्टाफ के बीच साठगांठ से मुकदमों की मनमानी लिस्टिंग और आदेश टाइप करने में गड़बड़ी की बार बार शिकायतों के बाद ये फैसला किया गया है.

दरअसल, वकील, उद्योगपति और कोर्ट स्टाफ के बीच साठगांठ से मुकदमों की मनमानी लिस्टिंग और आदेश टाइप करने में गड़बड़ी की बार-बार शिकायतें मिल रही थीं. इन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने यह फैसला किया है. इस बाबत केंद्र सरकार को भी जानकारी दे दी गई है.

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट कह चुका है कि उसके आदेश में फॉरेंसिक ऑडिटर का नाम बदल दिया गया. सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले फरवरी में अपने दो कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था. यह मामला एरिक्सन मामले में उद्योगपति अनिल अंबानी को कोर्ट में हाजिर होने को लेकर था. इसमें कोर्ट के आदेश में इस तरह छेड़छाड़ की गई जिससे ऐसा लगा कि अनिल अंबानी को कोर्ट में खुद हाजिर होने से छूट दी गई है. बाद में आदेश में छेड़छाड़ को लेकर मामला दर्ज किया गया.

आम्रपाली मामले में सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच कह चुकी है, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण, हैरान और चकित करने वाला है कि इस अदालत के आदेशों में हेराफेरी और उन्हें प्रभावित करने की कोशिशें हो रही है. यह सुप्रीम कोर्ट के लिहाज से काफी निराशाजनक है. इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. इससे कुछ दिन पहले भी इसी तरह का मामला जस्टिस आरएफ नरीमन की अदालत में हुआ और अब फिर से यह हुआ है.'

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay