एडवांस्ड सर्च

AGR केस: सरकार-टेलिकॉम कंपनियों को SC की फटकार- अफसर ने कैसे रोका हमारा आदेश?

सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को AGR मामले की सुनवाई हुई. भुगतान ना किए जाने और अदालत के फैसले का उल्लंघन करने पर SC ने केंद्र सरकार और टेलिकॉम कंपनियों को कड़ी फटकार लगाई है.

Advertisement
aajtak.in
अनीषा माथुर/ संजय शर्मा नई दिल्ली, 14 February 2020
AGR केस: सरकार-टेलिकॉम कंपनियों को SC की फटकार- अफसर ने कैसे रोका हमारा आदेश? सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार

  • सुप्रीम कोर्ट में AGR केस की सुनवाई
  • सरकार-कंपनियों को SC ने लगाई फटकार
  • ‘क्या सुप्रीम कोर्ट ही बंद कर दें?’

देश की कई टेलिकॉम कंपनियों पर दूरसंचार विभाग के बकाया एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) को चुकाने के मामले में शुक्रवार को सर्वोच्च अदालत में सुनवाई हुई. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और टेलिकॉम कंपनियों को कड़ी फटकार लगाई है. सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस तरह की याचिका कभी दायर ही नहीं की जानी चाहिए थी, ऐसा क्यों ही किया जा रहा है. शुक्रवार को अदालत ने सुनवाई के दौरान क्या-क्या कहा, एक नज़र डालें...

- ऑयल इंडिया की ओर से पेश हुए वकील मुकुल रोहतगी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया. बेंच ने कहा कि आखिर ये हो क्यों रहा है? हम सख्त लहजे में कहना चाहते हैं, ये सब क्या बकवास है? हमें जो कहना था कह दिया गया है, आपने सिस्टम का क्या कर दिया है? पैसे वापस करने ही होंगे.

- जस्टिस अरुण मिश्रा ने अदालत में सुनवाई के दौरान कहा कि क्या देश में कानून बचा है? एक डेस्क ऑफिसर ने सुप्रीम कोर्ट का आदेश ही रोक दिया, ये क्या हो रहा है? उस अफसर को तुरंत यहां पर बुलाया जाए.

- AGR को चुकाने के लिए टेलिकॉम कंपनियों ने अधिक वक्त मांगा था, जिसे सरकार ने उन्हें दे दिया था. इसी मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने तुषार मेहता से पूछा कि आप बताएं कि सरकार ने ऐसा कैसे किया, क्योंकि ये अदालत की अवमानना है.

- जस्टिस अरुण मिश्रा ने अदालत में पूछा कि आखिर डेस्क ऑफिसर के खिलाफ क्या एक्शन लिए गए हैं? अगर देश में कानून ही नहीं है तो क्या हम कोर्ट बंद कर दें? क्या ये सबकुछ पैसों के लिए नहीं है? हम हर किसी के खिलाफ अवमानना का केस दायर करेंगे.

- जस्टिस अरुण मिश्रा ने पूछा कि डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकॉम ने किस अधिकार से आदेश दिया कि भुगतान ना करने पर कोई कार्रवाई नहीं होगी. अब अदालत ने सभी कंपनियों से पूछा है कि आप कारण बताएं कि आप पर अवमानना का केस क्यों ना चलाया जाए.

इसे पढ़ें... AGR पर सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट की कंपनियों और सरकार को फटकार- अदालत बंद कर दें?

सुप्रीम कोर्ट ने अदालत की अवमानना करने के लिए एयरटेल, वोडाफोन समेत अन्य कंपनियों के मैनेजिंग डायरेक्टर, सीएमडी को नोटिस जारी किया है. इसके अलावा कंपनियों, टेलिकॉम विभाग के अधिकारियों को 17 मार्च को समन किया है.

आपको बता दें कि इस मामले की सुनवाई जस्टिस अरुण मिश्रा की अगुवाई में तीन जजों की बेंच कर रही है. इस बेंच में जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस अब्दुल नज़ीर और जस्टिस जेसी. शाह शामिल हैं.

गौरतलब है कि टेलिकॉम कंपनियों पर कुल 92 हजार करोड़ रुपये का बकाया है, जिसे चुकाने की तारीख 17 मार्च ही है. बता दें कि AGR संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा टेलीकॉम कंपनियों से लिया जाने वाला यूसेज और लाइसेंसिग फीस है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay