एडवांस्ड सर्च

व्यंग्यः के.आर.के. ने किया फेसबुक पेज पर बैन, फेसबुक यूजर ने बांटी मोहल्ले में कढ़ी-फुलौरी

खुशियां कब किस मोड़ पर सामने आ जाएं कोई नहीं कह सकता ऐसी ही खुशी मिली रीवा के नेहरू नगर में रहने वाले रामलुभावन मिसरा को, जब उन्हें पता चला कि बॉलीवुड के सुपर सितारे कमाल राशिद खान ने उन्हें फेसबुक पेज पर बैन कर दिया है. नियमित रूप से सोशल नेट्वर्किंग साइट्स का इस्तेमाल करने वाले जानते ही होंगे कि फेसबुक-ट्विटर पर कमाल राशिद खान का क्या महत्त्व है!

Advertisement
aajtak.in
आशीष मिश्रा [Edited By: नमिता शुक्ला]नई दिल्ली, 24 January 2015
व्यंग्यः के.आर.के. ने किया फेसबुक पेज पर बैन, फेसबुक यूजर ने बांटी मोहल्ले में कढ़ी-फुलौरी केआरके

खुशियां कब किस मोड़ पर सामने आ जाएं कोई नहीं कह सकता ऐसी ही खुशी मिली रीवा के नेहरू नगर में रहने वाले रामलुभावन मिसरा को, जब उन्हें पता चला कि बॉलीवुड के सुपर सितारे कमाल राशिद खान ने उन्हें फेसबुक पेज पर बैन कर दिया है. नियमित रूप से सोशल नेट्वर्किंग साइट्स का इस्तेमाल करने वाले जानते ही होंगे कि फेसबुक-ट्विटर पर कमाल राशिद खान का क्या महत्त्व है!

देशद्रोही जैसी फिल्म बनाकर उन्होंने मानवजाति और बॉलीवुड पर चाहे जितना बड़ा अत्याचार किया हो लेकिन सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर एक वो ही हैं, जो माहौल को जीवंत बनाए रखते हैं, एक आम फेसबुक यूजर की मानें तो लल्लनपुरा की सरपंची का चुनाव भी सामने आ जाए तो फेसबुक पर ढेरों राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता सक्रिय हो जाते हैं जो लिंक टीप-टीप कर सारे फेसबुक पर गंध मचा डालते हैं, ऐसे माहौल में एक के.आर.के. ही हैं जो सबको समान रूप से सतत स्वस्थ मनोरंजन उपलब्ध कराते हैं.

रामलुभावन से जब हमने बात की तो स्क्रीनशॉट दिखाते हुए उन्होंने बताया कि रतहरा के छन्नूलाल तिवारी टेक्निकल कॉलेज से इंजीनियरिंग के सेकंड ईयर में पहली बार उन्होंने फेसबुक चलाना सीखा, शुरू में तो वो लड़कियों के इनबॉक्स में ‘प्लीज एड मी माह रिख्भेस्ट इज ब्लॉक्ड’ लिखते-लिखते ही दिन गुजार दिया करते थे लेकिन जल्द ही अपने साथियों को देख उन्हें भी फेसबुक के फंडे पता चलने शुरू हुए. रुंधे हुए गले से बताते हैं कि जब तक उन्हें होश आता बहुत देर हो चुकी थी उन्हें छोड़ उनके सारे क्लासमेट्स कमाल राशिद खान से ट्विटर और फेसबुक पर बैन हो चुके थे.

रामलुभावन की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुई, सीएस की जिस जूनियर के फोटो एल्बम वो पिछले तीन महीने से लाइक किए जा रहे थे उसे भी जब इस बात का पता चला तो उसने बात करनी बंद कर दी, रामलुभावन आंखों में तैर आई नमी को पोंछते हुए बताते हैं वो दौर उनकी जिंदगी का सबसे बुरा दौर था, उनका आत्मविश्वास बुरी तरह डगमगा गया था, उनकी बहन ने दो साल से उन्हें राखी बांधना छोड़ दिया था, उनके रिश्तेदार उनके पिता से ‘हुआ आपका बेटा ब्लॉक के.आर.के. से?’ पूछते और बताते कि कैसे उनके बेटे को तो के.आर.के. ने ट्विटर-फेसबुक पर एक ही दिन में ब्लॉक कर दिया था, उनके दोस्तों में वो एक मजाक की वस्तु बनकर रह गए थे, क्लासमेट्स उन्हें हेय दृष्टि से देखते थे. कॉलेज की फैकल्टी तक उन्हें ताने देती कि 'जो आजतक के.आर.के. से बैन न हो सका वो इंजीनियरिंग क्या खाक करेगा?'

बावजूद इसके रामलुभावन ने हार नहीं मानी हर रोज सुबह दातून करने से भी पहले वो कमाल राशिद खान के ट्विटर हैंडल और फेसबुक पेज पर ढेरों टिप्पणियां करते फिर भी कोई नतीजा नहीं निकलता, वक्त बीतता जा रहा था, रामलुभावन सातवें सेमेस्टर की परीक्षा दे चुके थे, के.आर.के. को जाने कहां से ‘एक विलेन’ फिल्म में दो मिनट का लीड रोल मिल चुका था लेकिन अब तक रामलुभावन के बैन होने के आसार नजर नहीं आ रहे थे.

ऐसे में कल रात सोने के पहले उन्हें के.आर.के. की शोएब अख्तर के साथ हवाई जहाज में क्लिक गई एक तस्वीर नजर आई, उन्हें याद आया ये तस्वीर के.आर.के. ने मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने पर भी अपलोड कर देश छोड़ने की घोषणा की थी, उस तस्वीर सा एक चलताऊ सा ‘वही फोटो कितनी बार अपलोड करोगे’ कमेन्ट कर रामलुभावन सोने चले गए, सुबह उठने पर अचानक उनकी नजर फिर उस पोस्ट पर पड़ी जहां लाइक और कमेन्ट के बजाय सिर्फ शेयर का ऑप्शन नजर आ रहा था, रामलुभावन को समझते देर नहीं लगी कि आखिरकार उनके पसंदीदा सितारे ने उन्हें फेसबुक पेज पर बैन ही कर दिया है.

तत्क्षण उन्होंने स्क्रीनशॉट लेकर कॉलेज के फेसबुक पेज से लेकर देवतालाब वाली मौसी के लड़के तक को भेज डाली. रामलुभावन के पिता ने बेटे के बैन होने की खुशी में पूरे नेहरू नगर को कढ़ी-फुलौरी की दावत दे डाली. रामलुभावन की मां बताती हैं इतनी खुशी उन्हें तब भी नहीं हुई थी जब बेटे ने मर्सी में पहुंचने पर इंजीनियरिंग ड्राइंग का परचा निकाला था, उनकी बहन ने कहा कि एक बहन होने के नाते उन्हें बड़ी तकलीफ होती थी जब लोग उनसे कहते कि उनका भाई के.आर.के. तक से ब्लॉक न हो सका. इस रक्षाबंधन वो एक साथ तीन-तीन राखियां बांध सकेंगी, चिरहुला नाथ की खुरहुरी देते हुए रामलुभावन ने बताया कि के.आर.के. से बैन होने के बाद उनके हौसले सातवें आसमान पर हैं, उनका अगला लक्ष्य जनसत्ता वाले ओम थानवी, आम आदमी पार्टी के कुमार विश्वास और जस्टिस मार्कन्डेय काटजू के पेज पर बैन होना है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay