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Saradha Chit Fund Scam: मद्रास HC ने पी चिदंबरम की पत्नी की गिरफ्तारी पर लगाई अंतरिम रोक

Saradha Chit Fund Scam नलिनी ने अपनी याचिका में कहा कि यह राशि पॉजीटिव टीवी के संबंध में मनोरंजन सिंह की तरफ से शारदा रियलिटी लिमिटेड ने वैध भुगतान किया था. उन्होंने कहा कि कथित चिटफंड घोटाले के संबंध में शारदा समूह के मालिक सुदिप्तो सेन और उनकी कंपनियों के खिलाफ सीबीआई के पूर्व आरोप पत्रों में उनका नाम नहीं है.

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aajtak.in [Edited by:पन्ना लाल]चेन्नई, 12 January 2019
Saradha Chit Fund Scam: मद्रास HC ने पी चिदंबरम की पत्नी की गिरफ्तारी पर लगाई अंतरिम रोक फोटो- पीटीआई फाइल

मद्रास उच्च न्यायालय ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की पत्नी नलिनी को राहत देते हुए शारदा चिट फंट मामले में सीबीआई की गिरफ्तारी से शनिवार को उन्हें अंतरिम राहत दे दी. उन्हें यह सुरक्षा तब तक हासिल है जब तक उन्हें पश्चिम बंगाल में एक अदालत से अग्रिम जमानत नहीं मिल जाती. न्यायमूर्ति जी. के. इलान्तिरैयन ने नलिनी चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते अंतरिम आदेश पारित किया.

उन्होंने नलिनी को चार सप्ताह की अंतरिम जमानत दी और उन्हें यहां एगमोर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष आत्मसमर्पण करने और जमानत देने के निर्देश दिए. इसके बाद उन्हें पश्चिम बंगाल में अदालत का रुख करने और नियमित अग्रिम जमानत हासिल करने के निर्देश दिए गए.

विशेष लोक अभियोजक (प्रवर्तन निदेशालय) जी. हेमा ने याचिका का विरोध किया और दलील दी कि अदालत को नलिनी की याचिका पर सुनवाई नहीं करनी चाहिए क्योंकि यह मामला उसके अधिकार क्षेत्र का नहीं है. ईडी ने धन शोधन निरोधक कानून के तहत इस मामले में प्रवर्तन मामला प्राथमिकी रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की थी.

वरिष्ठ वकील नलिनी ने गिरफ्तारी की आशंका से यह याचिका दायर की. इससे एक दिन पहले सीबीआई ने कोलकाता की एक अदालत में उनके खिलाफ आरोपपत्र दायर किया जिसमें कहा गया है कि उन्होंने शारदा समूह की कंपनियों से 1.4 करोड़ रुपये प्राप्त किए. ये कंपनियां चिटफंड घोटाले में शामिल हैं.

नलिनी ने अपनी याचिका में कहा कि यह राशि पॉजीटिव टीवी के संबंध में मनोरंजन सिंह की तरफ से शारदा रियलिटी लिमिटेड ने वैध भुगतान किया था. उन्होंने कहा कि कथित चिटफंड घोटाले के संबंध में शारदा समूह के मालिक सुदिप्तो सेन और उनकी कंपनियों के खिलाफ सीबीआई के पूर्व आरोपपत्रों में उनका नाम नहीं है.

नलिनी की ओर से पेश वकील ने कहा, ‘‘पूर्ववर्ती आरोपपत्र के विपरीत 11 जनवरी को सीबीआई ने आईपीसी के तहत साजिश समेत अन्य अपराधों के लिए पश्चिम बंगाल के समक्ष छठा पूरक आरोपपत्र दायर किया जिसमें घोटाले में उनके शामिल होने का आरोप लगाया गया.’’ उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ‘‘राजनीतिक प्रतिशोध’’ के कारण उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ झूठ मामले दायर करके केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है.

सीबीआई ने आरोप लगाया था कि नलिनी ने सेन और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर शारदा समूह की कंपनियों के फंड का गबन करने और धोखाधड़ी करने की साजिश रची. (भाषा से इनपुट)

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