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'RSS के लोगों ने गांधी जी को गोली मारी' वाला बयान वापस नहीं लेंगे राहुल गांधी, चलता रहेगा केस

आरएसएस मानहानि केस में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निचली अदालत में केस चलता रहेगा. दरअसल कांग्रेस उपाध्यक्ष के वकील ने गुरुवार को कोर्ट से कहा कि राहुल गांधी अपने उस बयान पर अब भी कायम है कि महात्मा गांधी को आरएसएस के लोगों ने मारा था और आज ये लोग गांधी जी की बात करते हैं.

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aajtak.in
अहमद अजीम / रोहित गुप्ता नई दिल्ली, 01 September 2016
'RSS के लोगों ने गांधी जी को गोली मारी' वाला बयान वापस नहीं लेंगे राहुल गांधी, चलता रहेगा केस  कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी

महात्मा गांधी की हत्या में RSS के लोगों का हाथ बताने वाले बयान पर निचली अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला चलता रहेगा. राहुल गांधी के वकील ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि वो ट्रायल फेस करने को तैयार हैं. राहुल ने अपनी अपील सुप्रीम कोर्ट से वापस ले ली.

राहुल ने कहा कि वो RSS वाले अपने बयान पर कायम हैं, थे और रहेंगे. राहुल ने कहा था कि RSS के लोगों ने महात्मा गांधी को गोली मारी, इस बयान पर वो अडिग हैं, वो अपना बयान वापस नहीं लेंगे. वहीं याचिकाकर्ता राजेश महादेव कुंटे के वकील यू आर ललित का कहना था कि राहुल ये कह दें कि उनका मकसद RSS को दोषी ठहराना नहीं था तो वो केस को वापस लेने को तैयार हैं.

श‍िकायतकर्ता ने रखी ये शर्त
ललित ने अदालत से कहा कि‍ अगर राहुल गांधी अपने बयान के आगे ये बयान भी जोड़ दें कि आरएसएस गांधी जी की हत्या में शामिल नहीं थी और भविष्य में राहुल गांधी इस तरह का बयान नहीं देंगे तो वो मुकदमा वापस ले लेंगे. ललित ने कहा कि‍ पिछले 60 साल से कांग्रेस, मौके दर मौके आरएसएस को गांधी जी हत्या का दोषी बताती रही है. जब भी चुनाव आता है अल्पसंख्यक वोटों के लिए ऐसे बयान दिए जाते हैं.

निचली अदालत में राहुल को पेशी में छूट नहीं
राहुल गांधी के वकील ने सुप्रीम कोर्ट से निचली अदालत में राहुल गांधी को पेशी से माफी की मांग के लिए निर्देश की मांग की थी. लेकिन जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस रोहिंटन नरीमन की बेंच ने तकनीकी वजह से पेशी से राहत देने से इनकार कर दिया.

सिब्बल ने कहा- हम ट्रायल का सामना करेंगे
राहुल गांधी के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि‍ वो अपने बयान पर पूरी तरह कायम हैं कि 'गांधी जी को आरएसएस के लोगों ने मारा और ये लोग गांधी जी की बात करते हैं'. इसके अलावा वो कुछ नहीं कहेंगे. सिब्बल ने कहा ये बात तो गोडसे का भाई भी कहता है. अगर शिकायतकर्ता सुलह को तैयार नहीं तो हम ट्रायल का सामना करेंगे.

SC ने निचली अदालत को दिया ये निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत को ये निर्देश भी दिया है कि‍ वो हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों से प्रभावित हुए बिना कानून के मुताबिक मामले की सुनवाई करेगा. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि‍ हम राहुल गांधी के बयान का ये मतलब समझे हैं कि 'एक संस्था के तौर पर आरएसएस, गांधी जी की हत्या के लिए ज‍िम्मेदार नहीं है. सिर्फ कुछ लोगों ने गांधी जी को मारा था.' सुप्रीम कोर्ट ने शिकायतकर्ता राजेश महादेव कुंटे के वकील से कहा था कि‍ इस निष्कर्ष पर वो अगली तारीख पर शिकायतकर्ता राजेश महादेव कुंटे से निर्देश ले कर आएं और कोर्ट को बताएं ताकि कोर्ट अपने आदेश में ये बात लिखवाए.

राहुल गांधी के वकील ने सुप्रीम कोर्ट से निचली अदालत में राहुल गांधी को पेशी से छूट देने की मांग के लिए निर्देश देने की मांग की थी, लेकिन जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस रोहिंटन नरीमन की बेंच ने तकनीकी वजह से पेशी से राहत देने से इनकार कर दिया.

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