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कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी की बढ़ी मुश्किलें, सीबीआई ने दर्ज किया FIR

मामले की जांच कर रहे अधिकारियों के मुताबिक सीबीआई ने रतुल पुरी के अलावा कंपनी के चार अन्य डायरेक्टरों को भी आरोपी बनाया गया है. बता दें कि इससे पहले जांच एजेंसी ने कंपनी के दफ्तरों और  आरोपी बनाए गए निदेशकों के घर पर भी छापा मारा था.

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aajtak.in
मुनीष पांडे नई दिल्ली, 18 August 2019
कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी की बढ़ी मुश्किलें, सीबीआई ने दर्ज किया FIR रतुल पुरी (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी पर 354 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले के मामले में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर ली है. इस घोटाले को लेकर मोजरबेयर कंपनी के तत्कालीन कार्यकारी निदेशक और अन्य के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है.

सीबीआई के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी. जांच एजेंसी के अधिकारी ने बताया कि एमबीआईएल के प्रबंध निदेशक दीपक पुरी, कंपनी में पूर्णकालिक निदेशक उनकी पत्नी नीता पुरी, एमबीआईएल के पूर्व कार्यकारी निदेशक उनके पुत्र रतुल पुरी, निदेशक संजय जैन, विनीत शर्मा और अन्य अज्ञात सरकारी सेवकों और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक दुर्व्यव्यवहार और आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज किया है.

अधिकारी ने बताया, 'सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के उप महाप्रबंधक मुरली छेत्री की शिकायत पर उनके खिलाफ शनिवार को मामला दर्ज किया गया. छेत्री ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपियों ने बैंक के साथ 354.51 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की.'

इससे पहले अगस्ता वेस्टलैंड डील घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में कारोबारी रतुल पुरी ने सीबीआई कोर्ट का रुख किया था. रतुल पुरी ने अपने खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट को रद्द करने की मांग की थी.

पुरी ने कहा था कि वह जांच में शामिल होना चाहते हैं और इसलिए वारंट रद्द किया जाना चाहिए. बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भतीजे रतुल पुरी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के लिए प्रतिक्रिया मांगी थी. रतुल पुरी ने अपनी अग्रिम जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट के फैसले को पहले ही चुनौती दे दी थी.

आयकर विभाग ने कथित तौर पर बेनामी लेनदेन (निषेध) अधिनियम, 1988 के तहत पुरी और उनके पिता दीपक पुरी से संबंधित एक संपत्ति अटैच की है. पुरी ने अगस्ता वेस्टलैंड मामले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपनी अग्रिम जमानत को खारिज करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है.

ईडी ने 9 अगस्त को पुरी द्वारा मामले में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाते हुए उन्हें गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था. विशेष सीबीआई न्यायाधीश अरविंद कुमार ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर आवेदन के तौर पर पुरी को गैर-जमानती वारंट जारी करने की अनुमति दी थी. अदालत ने पिछले हफ्ते पुरी द्वारा दायर की गई अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था.

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