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सांभर झील में हजारों प्रवासी पक्षियों की संदेहास्पद मौत, कारण पता नहीं?

राजस्थान की राजधानी जयपुर के पास स्थित सांभर झील में हजारों पक्षियों की मौत हो गई है. लेकिन इनकी मौत का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है. इन पक्षियों की मौत से स्थानीय प्रशासन और लोग हैरान हैं.

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aajtak.in
aajtak.in जयपुर, 12 November 2019
सांभर झील में हजारों प्रवासी पक्षियों की संदेहास्पद मौत, कारण पता नहीं? सांभर झील पर हर साल करीब 50 हजार फ्लेमिंगो पक्षी आते हैं.

  • जांच के बाद पता चलेगा मौत के कारण का
  • प्राथमिक कारण- पानी का खारापन बढ़ना
राजस्थान की राजधानी जयपुर के पास स्थित सांभर झील में हजारों पक्षियों की मौत हो गई है. लेकिन इनकी मौत का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है. इन पक्षियों की मौत से स्थानीय प्रशासन और लोग हैरान हैं. जयपुर से पहुंचे सरकारी अधिकारियों की मानें तो पक्षियों का विसेरा जांच के लिए भेज दिया गया है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पक्षियों की मौत के कारण का खुलासा हो पाएगा.

स्थानीय लोगों ने कहा कि यहां करीब 5 से 8 हजार पक्षियों की मौत हुई है, जबकि स्थानीय प्रशासन ने कहा कि करीब 1,500 पक्षियों की मौत हुई है. स्थानीय लोगों ने कहा कि उन्होंने ऐसा नजारा आजतक नहीं देखा. स्थानीय पक्षी प्रेमी अभिनव वैष्णव ने कहा कि वह रोज पक्षियों को देखने आता है. लेकिन आजतक कभी इस तरह वाकया उसके सामने नहीं आया.

25 वर्षीय अभिनव वैष्णव ने बताया कि हर रोज की तरह जब वह झील पर पहुंचा तो उसने देखा कि झील में चारों तरफ कुछ उभरी हुई चीजें तैर रही हैं. फिर मैंने अपने दो दोस्तों किशन मीणा और पवन मोदी को बुलाया. इसके बाद जब हम तीनों ने जांच की तो पता चला कि सांभर झील के चारों तरफ पक्षी मरे पड़े हैं.

साइबेरिया, हिमालय से आते हैं सांभर झील में पक्षी

अभिनव ने बताया कि मरने वाले पक्षियों में हिमालय, साइबेरिया, नॉर्थ एशिया समेत कई देशों से आने वाले प्रवासी पक्षी भी शामिल हैं. ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है कि झील में किसी तरह कोई जहरीला केमिकल पहुंचा गया या फिर झील में कोई ऐसी चीज पहुंची है, जो बेजुबान पक्षियों की जान ले रही है.

इन प्रजातियों के पक्षियों की गई जान

नॉदर्न शावलर, पिनटेल, कॉनम टील, रूडी शेल डक, कॉमन कूट गेडवाल, रफ, ब्लैक हेडड गल, ग्रीन बी ईटर, ब्लैक शेल्डर काइट कैसपियन गल, ब्लैक विंग्ड स्टील्ट, सेंड पाइपर, मार्श सेंड पाइपर, कॉमस सेंड पाइपर, वुड सेंड पाइपर पाइड ऐबोसिट, केंटिस प्लोवर, लिटिल रिंग्स प्लोवर, लेसर सेंड प्लोवर.

क्या कहती है मौत की जांच करने वाली टीम?

पक्षियों की मौत की जांच करने गई टीम के सदस्य अशोक राव ने कहा कि मामला बर्ड फ्लू का नहीं लग रहा है. हमें हमारी प्राथमिक जांच में ऐसा लग रहा है कि पानी में कोई जहरीली चीज मिल गई है जिसकी वजह से पक्षियों की मौत हुई है. पानी का खारापन बढ़ा हुआ है. ऐसा लगता है कि पानी में नमक की मात्रा बढ़ गई है. इसकी वजह से पक्षियों के खून का बहाव कम हुआ होगा और दिमाग ने काम करना बंद कर दिया होगा. इसलिए पक्षियों की मौत हुई है.

विश्व विख्यात रामसर साइट है सांभर लेक

सांभर झील एक विश्व विख्यात रामसर साइट है. यहां देशी-विदेशी कई तरह के पक्षी रहते हैं और प्रवास पर भी आते हैं. इस बार अच्छी बरसात के बाद सांभर झील में पानी की अच्छी आवक हुई थी, जिससे यहां आने वाले प्रवासी पक्षियों की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही थी. यहां हर साल 2 से 3 लाख पक्षी विभिन्न मौसम में आते हैं. जिनमें करीब 50 हजार फ्लेमिंगो और 1 लाख वेडर्स शामिल होते हैं.

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