एडवांस्ड सर्च

कांग्रेस के हमलों के बीच राफेल सौदे पर खुलासा करेंगे वायुसेना के अधिकारी

इस सौदे में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए वायुसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी को फ्रांसीसी कंपनी दसॉल्ट एविएशन के साथ करार पर वार्ता करने वाले दल का प्रमुख बनाया था.

Advertisement
aajtak.in
परमीता शर्मा / मंजीत सिंह नेगी नई दिल्ली, 05 September 2018
कांग्रेस के हमलों के बीच राफेल सौदे पर खुलासा करेंगे वायुसेना के अधिकारी राफेल जेट (फाइल फोटो)

राफेल लड़ाकू विमान को लेकर कांग्रेस के सरकार पर हमलों के बीच वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी राफेल विमान सौदे पर तथ्यों को सामने रखेंगे. 12 सितंबर को एक सेमिनार का आयोजन होना है जिसकी थीम 2035 तक वायुसेना का ढांचा है. इस कार्यक्रम में राफेल सौदे से जुड़े अधिकारी भी शिरकत करेंगे. माना जा रहा है कि वो फ्रांस के साथ सितंबर, 2016 में हुए इस सौदे के हर पहलू से जुड़े सवालों का जवाब दे सकते हैं.

इस सौदे में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए वायुसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी को फ्रांसीसी कंपनी दसॉल्ट एविएशन के साथ करार पर वार्ता करने वाले दल का प्रमुख बनाया था.

वायुसेना में हथियार प्रणाली एवं प्लेटफॉर्म से जुड़ी सभी नई खरीद उपवायुसेना प्रमुख की निगरानी में हुई हैं. वायुसेना के मौजूदा उप-प्रमुख और कारगिल युद्ध के हीरो एयरमार्शल रघुनाथ नांबियार के भी इस सेमिनार को संबोधित कर सकते हैं. इस सेमिनार में उद्घाटन भाषण वायुसेना प्रमुख मार्शल बीएस धनोआ द्वारा दिए जाने की संभावना है.

इस सेमिनार का आयोजन वायुसेना का थिंक टैंक सेंटर फॉर एयर पावर स्टडीज (सीएपीएस) कर रहा है. इसमें वायुसेना की मध्य कमान के प्रमुख एयर मार्शल एसबीपी सिन्हा भी शामिल होंगे. वह राफेल सौदे की सभी अहम प्रक्रियाओं का हिस्सा रहे हैं. वह राफेल अनुबंध वार्ता समिति (सीएनसी) के शुरुआती प्रमुख भी रहे. ट्रेनिंग कमान के मौजूदा प्रमुख और देश के उप-वायुसेना प्रमुख के अधीन इस अनुबंध को अंतिम रूप दिया गया.

बता दें कि कांग्रेस राफेद सौदे को लेकर बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अक्सर घेरती नजर आती है. कांग्रेस ने राफेल के मुद्दे पर देशभर में करीब 100 से अधिक प्रेस कॉन्फ्रेंस की हैं. इसके अलावा कांग्रेस की कोर कमेटी ने अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ मिलकर बैठक भी की. पार्टी ने बैठक में मोदी सरकार को घेरने का प्लान बनाया.

फ्रांस मीडिया ने भी उठाए थे राफेल पर सवाल

इस सौदे पर हाल ही में फ्रांस मीडिया ने भी सवाल उठाया था. फ्रांस मीडिया ने भारत में चल रहे राफेल 'घोटाला' विवाद की तुलना 1980 के दशक में बोफोर्स घोटाले से करते हुए सवाल खड़े करते हुए कहा था कि आखिर कैसे 2007 में शुरू हुई डील से 2015 में हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को बाहर करते हुए निजी क्षेत्र की रिलायंस डिफेंस को शामिल किया गया?

क्या हैं कांग्रेस के आरोप?

कांग्रेस का दावा है कि यूपीए सरकार ने जिस विमान की डील की थी, उसी विमान को मोदी सरकार तीन गुना कीमत में खरीद रही है. कांग्रेस का आरोप है कि इस नई डील में किसी भी तरह की टेक्नोलॉजी के ट्रांसफर की बात नहीं हुई है. पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी के मुताबिक यूपीए सरकार की डील के अनुसार, 126 में से 18 एयरक्राफ्ट ही फ्रांस में बनने थे बाकी सभी HAL के द्वारा भारत में बनने थे.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay