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पीएमसी बैंक घोटाले का मुख्य आरोपी अस्पताल में भर्ती, कोर्ट से मांगी जमानत

अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि वाधवान ने सीने में तेज दर्द की शिकायत की है और संदेह है कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा है, जिसके चलते उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया है.

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aajtak.in
दिव्येश सिंह मुंबई, 29 February 2020
पीएमसी बैंक घोटाले का मुख्य आरोपी अस्पताल में भर्ती, कोर्ट से मांगी जमानत राकेश वाधवान की तबीयत बिगड़ी

  • HDIL कंपनी के चेयरमैन राकेश वाधवान की तबीयत
  • स्वास्थ्य को आधार बनाकर जमानत अर्जी की दाखिल

पीएमसी बैंक घोटाले का मुख्य आरोपी और HDIL कंपनी के चेयरमैन राकेश वाधवान की तबीयत बिगड़ने के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वाधवान ने सीने में दर्द की शिकायत की थी, जिसके चलते गुरुवार को उन्हें मुंबई के जेजे अस्पताल में ले जाया गया. अस्पताल में उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया है. वाधवान के अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनके वकीलों ने मुंबई की सत्र अदालत में स्वास्थ्य ठीक न होने को आधार बनाकर जमानत की अर्जी दाखिल की है.

उधर, अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि वाधवान ने सीने में तेज दर्द की शिकायत की है और संदेह है कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा है, जिसके चलते उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया है. जेजे अस्पताल की डीन डॉ. पल्लवी सापले ने कहा, "वाधवान को ICU में भर्ती कराया गया है और उनकी नब्ज स्थिर है और यह गंभीर नहीं है."

दूसरी ओर वाधवान के स्वास्थ्य को आधार बनाकर कोर्ट में दाखिल उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए सेशन कोर्ट ने अस्पताल से शनिवार को रिपोर्ट तलब की है. वाधवान की ओर से पेश वकीलों ने अदालत से कहा कि उन्हें एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया जाना चाहिए और उन्हें चिकित्सीय आधार पर जमानत दी जानी चाहिए.

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HDIL के प्रमोटर राकेश वाधवान और सारंग वाधवान पीएमसी बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी हैं, जिसके कारण पीएमसी बैंक को लगभग 6800 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. पिछले साल 23 सितंबर को यह घोटाला सामने आने के बाद देश के आठ राज्यों में लाखों खाताधारक तब से ही परेशान हैं.

और पढ़ें- PMC Bank Scam: नहीं बिकेगी HDIL की संपत्ति, SC ने बॉम्बे HC के फैसले पर लगाई रोक

भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देश पर पीएमसी बैंक से नकद निकासी पर पाबंदी भी लगाई थी, जिसके कारण बैंक के ग्राहकों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी. इस घोटाले के सामने आने के बाद से ग्राहकों की गाढ़ी कमाई बैंक में फंस गई और तब से अब तक लगभग आठ खाताधारकों की मौत हो गई है.

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