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'मन की बात' में बोले मोदी- सियासी रोटियां सेंकने वालों ने उलझाया 'वन रैंक, वन पेंशन' मुद्दा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिए सरकार के एक साल के काम काज और आगे की योजनाओं पर चर्चा की. उन्होंने लोगों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की कि सरकार उनके हितों को ध्यान में रखकर काम कर रही है. खासकर किसानों के लिए सरकार कई खास योजनाओं पर काम कर रही है.

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aajtak.in [Edited By: ब्रजेश मिश्र]नई दिल्ली, 31 May 2015
'मन की बात' में बोले मोदी- सियासी रोटियां सेंकने वालों ने उलझाया 'वन रैंक, वन पेंशन' मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिए सरकार के एक साल के कामकाज और आगे की योजनाओं पर चर्चा की. उन्होंने लोगों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की कि सरकार उनके हितों को ध्यान में रखकर काम कर रही है. खासकर किसानों के लिए सरकार कई खास योजनाओं पर काम कर रही है.

वन रैंक वन पेंशन योजना पर चर्चा
पीएम मोदी ने सेना के जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि वन रैंक वन पेंशन की स्कीम बीते 40 सालों से उलझी हुई है, लेकिन वर्तमान सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है और इस पर लगातार काम चल रहा है. इसे सरल बनाने की दिशा में सरकारी अमला जुटा हुआ है.

मोदी ने कहा, 'राजनीतिक रोटियां सेंकने वाले लोगों ने इतने सालों उन्हें भटकाया है, लेकिन वर्तमान सरकार जल्द ही इसे लागू करेगी.' उन्होंने कहा कि राजनीति करने वालों को राजनीति मुबारक हो. मोदी सरकार सेना के जवानों के हितों की अनदेखी नहीं कर सकती, 'आपने 40 साल इंतजार किया है तो मुझे इसे सुलझाने के लिए थोड़ा वक्त दीजिए.'

एक साल पूरा होने पर पीएम मोदी और उनके मंत्रियों ने प्रेस कॉन्फेंस और रैलियों के जरिए सरकार के कामकाज का लेखा-जोखा पेश किया और पूरे देश को ये बताने की कोशिशें हुईं कि मोदी सरकार पिछली सरकार के बुरे दिनों को पीछे छोड़कर अच्छे दिनों की ओर चल पड़ी है.

पूर्व राष्ट्रपति कलाम का दिया उदाहरण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' की शुरुआत गर्मी और बच्चों के रिजल्ट से की. उन्होंने कहा कि सफलता के साथ ही विफलता से भी हम बहुत कुछ सीखते हैं और इससे हम अपनी ऊर्जा को पहचान सकते हैं. पूर्व राष्ट्रपति APJ अब्दुल कलाम के जीवन का उदाहरण देते हुए उन्होंने बच्चों को बताया कि फेल होने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और नामी वैज्ञानिक होने के साथ ही देश के राष्ट्रपति भी बने. मोदी ने फेल होने वाले बच्चों के माता-पिता से भी उनका सहयोग करने की अपील की.

किसानों का मुद्दा उठाया
पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार किसानों को लेकर बेहद चिंतित है और किसानों की बेहतरी के लिए हर संभव काम करने की कोशिश में है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 'किसान चैनल' लॉन्च किया है.  उन्होंने चैनल को एक खुला विश्वविद्यालय बताते हुए कहा, 'किसान टीवी चैनल एक ऐसा चैनल है, जहां शिक्षक और छात्र दोनों किसान हैं.' सरकार किसानों के लिए खेती के अलावा जानवरों के पालन-पोषण में भी वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल करने की योजनाओं पर विचार कर रही है. ताकि किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके.

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की अलग पहचान बनाने के लिए योग को भी सराहा. पीएम ने कहा कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की पहल विश्व कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण चेतना का काम करेगी. यह पहल पूरी दुनिया को जोड़ने का काम करेगी.

'गरीबों के लिए सरकार की खास योजना'
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने तीन महत्वपूर्ण योजनाएं लागू करके जनता को आर्थिक तौर पर मजबूत बनाने की कोशिश की है. ये योजनाएं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और अटल पेंशन योजना हैं. उन्होंने कहा कि सरकार हर किसी को जीवन बीमा का लाभ देना चाहती है. जिन लोगों को अब तक इसका लाभ नहीं मिला वे जल्द ही इससे जुड़ें.

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