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राज्यसभा में PM मोदी के भाषण पर मनमोहन समेत कांग्रेस सांसदों का वॉकआउट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में बुधवार को अपने भाषण की शुरुआत नोटबंदी के मुद्दे से की. राष्ट्रपति के भाषण पर पीएम मोदी ने जवाब देते हुए माना की नोटबंदी से कुछ परेशानी तो हुई है लेकिन नोटबंदी का ये किसी को परेशान करने के लिए नहीं उठाया गया था.

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aajtak.in
सबा नाज़ नई दिल्ली, 08 February 2017
राज्यसभा में PM मोदी के भाषण पर मनमोहन समेत कांग्रेस सांसदों का वॉकआउट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

राज्यसभा में बुधवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद ज्ञापन रखा. मोदी ने नोटबंदी को आम जन से जुड़ा फैसला बताया. कुछ दिनों पहले नोटबंदी को आर्थिक व्यवस्था के लिए घातक बताने वाले पूर्व पीएम मनमोहन सिंह पर निशाना साधा. इसके बाद कांग्रेस के सदस्य हंगामा करने लगे. वे राज्यसभा से वॉक आउट कर गए. बता दें कि मंगलवार को पीएम ने लोकसभा में भी स्पीच दी थी.

मोदी बोले- जनता को नहीं हुई नोटबंदी से परेशानी
मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि सदन में ज्यादातर जो चर्चा रही है वो नोटबंदी के आसपास हो रही है. इस बात से हम इनकार नहीं कर सकते, इससे काफी परेशानी हुई. लेकिन ये कोई राजनीतिक लड़ाई नहीं है. ये राजनीतिक दल को परेशान करने का कारण नहीं है. इस सदन में हम सबका दायित्व बनता है कि इसके खिलाफ जो भी संविधान की मर्यादा हो करना चाहिए. ये भी सही है कि पैरलल इकोनॉमी के कारण सबसे ज्यादा गरीब का नुकसान हुआ, मध्यम वर्ग का शोषण होता है. पहले भी इससे जुड़े प्रयास हुए होंगे,
हमने नोटबंदी इसलिए लागू की क्योंकि कब तक इन समस्याओं को लेकर आगे बढ़ेंगे.

नोटबंदी ईमानदार लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए की गई
मोदी ने विपक्ष के हंगामे के बीचे कहा कि नोटबंदी ईमानदार लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए की गई. नोटबंदी का लाभ ईमानदार लोगों को मिलेगा. इस बीच उन्होंने जाली नोट की चर्चा भी की. उन्होंने कहा कि आतंकवाद, नक्सलवाद को बढ़ावा देने में जाली नोट का उपयोग होता है. कुछ लोग उछल-उछल कर कह रहे हैं कि आतंकियों के पास से दो हजार की नोट मिले थे. पता होना चाहिए कि नोटबंदी के दौरान बैंक लूटने का प्रयास हुआ जम्मू-कश्मीर में. नोट लूटने के बाद जो एनकाउंटर हुआ उसमें आतंकी मारे गए. ईमानदार व्यक्ति को ताकत तब तक नहीं मिलेगी जब तक कि बेईमानों के खिलाफ कठोरता नहीं बरतेंगे. इसलिए इन कदमों का लाभ ईमानदार को ही मिलेगा.

सदन में इंदिरा का जिक्र होने पर हंगामा
राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पीएम मोदी ने धन्यवाद भाषण के दौरान नोटबंदी का मुद्दा तो उठाया ही साथ ही उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जिक्र भी किया. जिसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया.पीएम ने कहा कि इंदिरा गांधी जी ने कमेटी बनाई थी. उस वक्त मंत्री चव्हाण ने नोटबंदी का सुझाव दिया था गोडबोले जी की किताब में इसका जिक्र है, इंदिरा जी ने नहीं माना. इस पर सदन में मौजूद कांग्रेस के सदस्य हंगामा करने लगे. फिर मोदी ने कहा कि गोडबोले जी, इतना बड़ा आरोप लगा रहे हैं, मैं होता तो मैं केस कर देता. क्या आप सोए थे?

मोदी ने कहा- ब्याज दरें कम हुईं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माना कि ये भी बात सही है कि देश की फॉर्मल व्यवस्था में धन होना बहुत जरूरी है. 100 की नोट छपने के बाद सामान्य चलन में जाती ही नहीं है. ये हकीकत है, कोई इनकार नहीं कर सकता. अब इतनी बड़ी करेंसी बैंकों को पास आई है. एक साथ सभी बैंकों ने ब्याज दरें कम की है. ऐसा बहुत दिनों बाद पहली बार हुआ.

नोटबंदी पर सरकार और जनता साथ-साथ थी
राज्यसभा में पीएम मोदी ने कहा कि पहली बार देश में होरिजोंटल डिवाइड उभर कर सामने आया है. नेता जनता से इतने कटे हुए हैं, पहली बार ऐसा हुआ. पहले जनता और सरकार आमने-सामने रहती थी, पहली बार सरकार और जनता साथ-साथ थी.' उन्होंने कहा कि इसी प्रकार से हमें गर्व होना चाहिए, इस बात को हमें समझना होगा कि इस देश के सवा सौ करोड़ ऐसे हैं जो अपनी भीतर की बुराइयों से बाहर निकलने के लिए मेहनत कर रहे हैं. ये हम लोगों के लिए गर्व का विषय है. इस देश में ऐसे जन, नागरिक हैं जो बुराइयों से निकालने के रास्ते खोज रहे हैं. हमें समझना होगा.

अर्थशास्त्रियों के पास नोटबंदी का लेखाजोखा करने का मापदंड नहीं
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के अर्थशास्त्रियों के पास नोटबंदी का लेखाजोखा करने का मापदंड नहीं है. उन्होंने कहा कि विश्व में नोटबंदी का कोई इतना बड़ा फैसला कभी हुआ ही नहीं. इसलिए दुनिया के अर्थशास्त्रियों के पास, इसका लेखाजोखा करने का कोई मापदंड नहीं है. दुनिया भर की यूनिवर्सिटीज के लिए बहुत बड़ी केस स्टडी बन सकता है.

आनंद शर्मा ने साधा मोदी पर निशाना
इससे पहले कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने बुधवार को राज्यसभा में मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सुनने में आ रहा है कि मौजूदा सरकार हर काम पहली बार कर रही है. इतना ही नहीं उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए ये भी कहा कि गुस्से और डांट से पीएम पद की गरिमा कम होती है.

पीएम ने गिनवाईं सरकार की उपलब्धियां
पीएम मोदी ने राज्यसभा में कहा कि रेलवे में कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर कदम उठाए गए हैं. कई शहरों में बिजली के बिलों जैसी सुविधाओं को ऑनलाइन किया गया है. समाज के छोटे लोगों की इच्छाओं को पूरा करने की दिशा में प्रयास होना चाहिए. डायरेक्ट ट्रांसफर बेनिफिट से 50 हजार करोड़ रुपये की लीकेज रोकी गई है. इससे देश के खजाने की लूट रुकी है. हमें डिजिटल पेमेंट को बढ़ाने की कोशिश जारी रखनी होगी. बहुत तेजी से मोबाइल और पॉश मशीन बढ़ाए जा रहे हैं. आधार बेस्ड पेमेंट को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. करीब 30 फीसदी लोग डिजिटल ट्रांसेक्शन कर रहे हैं. चंद्रबाबू नायडू कमेटी की अंतरिम रिपोर्ट का अध्ययन हो रहा है.

ग्लोबल स्तर पर लाएंगे बैंकिंग
पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने बैंकिंग सिस्टम को ज्यादा पेशेवर बनाने की कोशिश की है. हम देश की बैंकिंग को ग्लोबल स्तर पर लाने की कोशिश कर रहे हैं. पार्टी और सरकार पर हमला स्वाभाविक है. रिजर्व बैंक और उसके गवर्नर को विवादों में नहीं घसीटना चाहिए. ऐसे संस्थानों की गरिमा का पालन होना चाहिए. अर्थव्यवस्था चलाने में रिजर्व बैंक की बड़ी भूमिका होती है. उसकी क्रेडिबिलिटी में हम सबका योगदान होना चाहिए.

अपने गिरेबां में झांके उपदेश देने वाले
पीएम मोदी ने कहा कि रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर को लेकर भी बातें हुईं, मैंने उनका विरोध किया. पूर्व गवर्नर सुब्बाराव ने अपनी किताब में लिखा- 2008 में तत्कालीन वित्त सचिव के तहत एक नियुक्ति से मैं नाराज था. चिदंबरम ने रिजर्व बैंक के अधिकार क्षेत्र में ओवरस्टेप किया था. अभी तक किसी ने इस आरोप का जवाब नहीं दिया है. जो आज उपदेश देते हैं वो अपने गिरेबां में झांकें. हमने आरबीआई की ताकत बढ़ाने के लिए कई फैसले किये हैं. आरबीआई एक्ट में संशोधन करके मॉनिटरी पॉलिसी के लिए समिति को पूरी स्वायत्तता दी. इस समिति में केंद्र का एक भी सदस्य नहीं है.

स्वच्छता आंदोलन के लिए मीडिया का शुक्रिया
स्वच्छता आंदोलन को बढ़ावा देने के लिए मीडिया का अभिवादन- ये कार्यक्रम ऐसा अपवाद जिसे नेताओं और सरकार से आगे बढ़कर मीडिया ने बढ़ाया है. आज गांधीजी होते और स्वच्छता की बात करते तो भी क्या हम विपक्ष की भाषा बोलते. मुझे खुशी है कि ग्रामीण क्षेत्र में सेनिटेशन कवरेज 42 फीसदी से बढ़कर 60 फीसदी पहुंचा है. महिलाओं के लिए टायलेट का ना होना गांव और शहर में दर्द का विषय है. इस पर मजाक नहीं हो सकता. महिलाओं की सुरक्षा के लिए 181 हेल्पलाइन. 18 राज्य और यूटी ने इसे आगे बढ़ाया है. हरियाणा ने महिला पुलिस वालिंटयर्स का नेटवर्क खड़ा किया है.

फसल बीमा योजना सरकार का अहम कदम
किसानों के लिए सशक्तिकरण के लिए कई कदम उठाए हैं. किसान को सुरक्षा देने के लिए उसकी इनकम इंश्योर करनी होगी. इसके लिए फसल बीमा योजना अहम कदम है. कुछ राज्यों ने 50 फीसदी से ज्यादा किसानों का बीमा किया. कुछ राज्य फसल बीमा योजना में पीछे, ये चिंता का विषय है. नई उर्वरक नीति के तहत नीम कोटिंग से जमीन की उर्वरता बढ़ी, यूरिया का दुरुपयोग खत्म हुआ. यूरिया की ब्लैक-मार्केटिंग बंद हो गई है. दालों के उत्पादन में 50-60 फीसदी बढ़ोत्तरी की संभावना है. 500 मंडियों में किसानों के लिए इलेक्ट्रॉनिक मार्केट की व्यवस्था की है.

आदिवासियों को बड़ा लाभ
सरकार ने फूड प्रोसेसिंग में 100 फीसदी एफडीआई को इजाजत दी है. आदिवासियों के लिए वनबंधु कल्याण योजना के तहत आउटकम की दिशा में काम किया है. फॉरेस्ट राइट एक्ट को मजबूती से लागू करने के लिए काम किया है. सरकार ने पहली बार डिस्ट्रिक्ट मिनिरल फाउंडेशन बनाकर खदानों पर टैक्स लगाया. छत्तीसगढ़ के सीएम ने बताया इसके चलते 7 जिलों के विकास के लिए कभी अतिरिक्त बजट की जरुरत नहीं होगी. रर्बन मिशन का सबसे बड़ा लाभ आदिवासियों को होगा. आदिवासी इलाकों में मार्केट प्लेस विकसित होने चाहिए. इससे वहां विकास होता है. रर्बन मिशन से ट्राइबल बेल्ट में 300 नए शहर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं. स्वच्छता एक जन-आंदोलन बनना चाहिए. इसमें सबका योगदान होना चाहिए. स्वच्छता के लिए रैंकिंग शुरू करने के बाद शहरों में स्पर्धा शुरू हुई है. हमें इस कॉम्पिटिशन को बल देना चाहिए.

मोदी बोले-मुझे यकीन है कि मेरा ही कसूर निकलेगा
राज्यसभा में मोदी ने कहा कि वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ स्वच्छता की कमी के कारण हेल्थ बजट पर 2.5 लाख करोड़ का बोझ पड़ता है. हम स्वच्छता से इसे बचा सकते हैं. नकारात्मक सोच ने देश को आगे बढ़ने से रोका है. अड़ोस-पड़ोस के देश जैसे साउथ कोरिया, मलेशिया, थाइलैंड जैसे देश स्वच्छता के मामले में हमारे लिए मिसाल हैं. क्यों हम यही काम हिंदुस्तान में नहीं कर सकते? पीएम मोदी अपने भाषण के अंत में बोले कि किसी शायर ने कहा है- शहर तुम्हारा, कातिल तुम, शाहिद तुम, हाकिम तुम, मुझे यकीन है कि मेरा ही कसूर निकलेगा.

आनंद शर्मा ने साधा मोदी पर निशाना
आनंद शर्मा ने मोदी सरकार पर वार करते हुए कहा कि सुनने में आता है कि देश में पहली बार व्यापार हो रहा है, पहली बार विश्व स्तर पर भारत को सम्मान मिल रहा है पहली पहली चंद्रयान और मंगलयान जैसी चीजें हो रही हैं.

वो यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि हर दिन नए नए तरह के नाम सुनने में आते हैं जैसे डिजिटल इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया और स्टैंड अप इंडिया ये नाम भारत की मानसिकता को नहीं दर्शाते.

जानें क्या कहा पीएम ने लोकसभा में अपने स्पीच में...
इससे पहले पीएम मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बहस में हिस्सा लेते हुए विपक्षी दल कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि आखिरकार भूकंप आ ही गया. इसके साथ ही पीएम ने कांग्रेस नेता खड़गे के उस बयान का भी जिक्र किया कि देश में लोकतंत्र को कांग्रेस ने बचाकर रखा है.

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