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नरेंद्र मोदी का लक्ष्य 'चुस्त दुरुस्त प्रशासन', शपथ-ग्रहण से पहले जारी करवाई प्रेस रिलीज

देश के भावी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से शपथ-ग्रहण समारोह से पहले एक प्रेज रिलीज जारी की गई है और इसके मुताबिक मोदी सरकार का मकसद होगा मिनिमम गवर्मेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस. मोदी की इस प्रेस रिलीज से ये साफ हो गया है कि उनके कैबिनेट का आकार छोटा होगा.

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आज तक ब्यूरो [Edited By: नमिता शुक्ला]नई दिल्ली, 26 May 2014
नरेंद्र मोदी का लक्ष्य 'चुस्त दुरुस्त प्रशासन', शपथ-ग्रहण से पहले जारी करवाई प्रेस रिलीज नरेंद्र मोदी

देश के भावी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से शपथ-ग्रहण समारोह से पहले एक प्रेज रिलीज जारी की गई है और इसके मुताबिक मोदी सरकार का मकसद होगा 'मिनिमम गवर्मेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस.' मोदी की इस प्रेस रिलीज से ये साफ हो गया है कि उनके कैबिनेट का आकार छोटा होगा.

'चुस्त दुरुस्त प्रशासन' है लक्ष्य
मोदी के सचिवालय ने रविवार रात एक बयान जारी कर साफ संकेत दिया कि वह सरकार की संरचना में बड़े बदलाव करने जा रहे हैं. बयान में कहा गया है, 'विभिन्न मंत्रालयों की गतिविधियों को साथ लाने पर बल दिया जा रहा है जहां एक कैबिनेट मंत्री उन मंत्रालयों के समूह की अगुवाई करेंगे जो एक दूसरे के पूरक के रूप काम कर रहे हैं.' आखिरकार मोदी का लक्ष्य 'चुस्त दुरुस्त प्रशासन' है जहां सरकार के शीर्ष स्तर को छोटा किया जाएगा और जमीनी स्तर पर विस्तार होगा.

बदलेगा वर्क कल्चर...
गुजरात भवन से जारी इस प्रेस रिलीज में कहा गया है कि अपने कैबिनेट के गठन में मोदी ने 'मिनिमम गवर्मेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस' और 'वर्क कल्चर और शासन की शैली में बदलाव लाने की प्रतिबद्धता के साथ युक्तिसंगत होने' के सिद्धांत को अपनाया है. सोमवार को मोदी के कैबिनेट में शपथ लेने वाले नेताओं के नामों को लेकर चल रही अटकलों के बीच यह बयान आया है. राष्ट्रपति भवन को भी रविवार देर रात तक नामित किए गए प्रधानमंत्री से मंत्रियों के नामों की कोई सूची नहीं मिली.

लोगों की अपेक्षाओं से वाकिफ हैं मोदी...
प्रेस रिलीज के अनुसार, 'मोदी जनता की ऊंची आकांक्षाओं से भलीभांति वाकिफ हैं. पिछले चार दिनों से वह कैबिनेट के गठन को लेकर व्यस्त रहे और उन्होंने प्रभावी शासन, विभिन्न मंत्रालयों में तालमेल के लिए विभिन्न विकल्पों पर चर्चा की.' बयान में कहा गया है, 'पहले, राजनीतिक अस्थिरता और बहुदलीय सरकारें थी और कैबिनेट गठन बंटवारे के आधार पर किया जाता था. प्रधानमंत्री बनने जा रहे मोदी ने तर्कसंगत ढंग से कैबिनेट गठन में मिलते-जुलते काम वाले विभागों को आपस में मिलाने की कोशिश की है जिससे पूरा कैबिनेट एक प्रभावी रूप ले सके.' बयान में यह भी कहा गया है कि शासन के तालमेल और अंतर्संबंधी स्वरूप पर बल दिया गया है जिसमें विकास की प्रक्रिया पहले से ज्यादा समग्र होगी.

प्रेस रिलीज के बाद मोदी ने किया ट्वीट-

 

 

ऐसा होगा मोदी सरकार का कैबिनेट!
बहरहाल, ऐसे संकेत हैं कि जेटली को वित्त मंत्रालय मिलेगा, राजनाथ सिंह गृह मंत्रालय के प्रभारी बनाए जाएंगे और गडकरी को बुनियादी ढांचा से जुड़े मंत्रालयों में से एक की जिम्मेदारी दी जाएगी. गीते को भी कैबिनेट में जगह मिलेगी. कैबिनेट के लिए जिन अन्य नामों की चर्चा है कि उनमें सुषमा स्वराज, वेंकैया नायडू, अनंत कुमार, रविशंकर प्रसाद, उमा भारती, हषर्वर्धन और पीयूष गोयल शामिल हैं.

सूत्रों ने बताया कि मंत्रियों की संख्या 30 और 35 के बीच होगी जो सामान्य से बहुत कम होगी. लेकिन बाद में मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है. पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की भूमिका के बारे में अभी कुछ स्पष्ट नहीं है. कुछ खबरों के मुताबिक उन्हें लोकसभाध्यक्ष नहीं बनाया जा सकता है पर ऐसी संभावना है कि वह एनडीए अध्यक्ष बने रहें. ऐसी स्थिति में वरिष्ठ बीजेपी सांसद और पूर्व मंत्री सुमित्रा महाजन लोकसभा अध्यक्ष बनाई जा सकती हैं.

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