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अब सत्यव्रत चतुर्वेदी बोले- कांग्रेस को कॉस्मेटिक नहीं, कार्डियक सर्जरी की जरूरत

कांग्रेस नेता शशि थरूर, ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह की बात को आगे बढ़ाते हुए सत्यव्रत चतुर्वेदी ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि पार्टी को कॉस्मेटिक सर्जरी नहीं कार्डियक सर्जरी जरूरत है. कांग्रेस के लिए अब आत्मनिरीक्षण का नहीं जिम्मेदारी तय करने और सख्त कार्रवाई करने का वक्त है.

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aajtak.in
केशव कुमार/ अशोक सिंघल नई दिल्ली, 23 May 2016
अब सत्यव्रत चतुर्वेदी बोले- कांग्रेस को कॉस्मेटिक नहीं, कार्डियक सर्जरी की जरूरत कॉस्मेटिक नहीं कांग्रेस को कार्डियक सर्जरी की जरूरत

पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के हाथों से असम और केरल के निकल जाने के बाद पार्टी अपनों की आलोचना से ही घिर गई है. बाकी राज्यों में भी पुडुचेरी के अलावा तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में बुरे प्रदर्शन से कांग्रेस में सर्जरी की जरूरत बताई जाने लगी है. पार्टी के सीनियर नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस को कॉस्मेटिक नहीं कार्डियक सर्जरी की जरूरत है.

आत्मनिरीक्षण नहीं अब सख्त कार्रवाई का वक्त
कांग्रेस नेता शशि थरूर, ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह की बात को आगे बढ़ाते हुए सत्यव्रत चतुर्वेदी ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि पार्टी को कॉस्मेटिक सर्जरी नहीं कार्डियक सर्जरी जरूरत है. कांग्रेस के लिए अब आत्मनिरीक्षण का नहीं जिम्मेदारी तय करने और सख्त कार्रवाई करने का वक्त है.

बड़े पदों पर बैठे नेताओं पर हो कार्रवाई
चतुर्वेदी ने कहा कि ऐसे कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए जो लंबे समय से उच्च पदों पर बैठे हुए हैं. अब उनके परफॉर्मेंस का सही आकलन करने का समय आ गया है. उन्होंने दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग अपराधबोध से ग्रस्त हैं और सर्जरी की मांग कर रहे हैं. मैंने तो दो साल पहले जब हमारी हार हुई थी तभी कहा था कि बड़े-बड़े पदों पर बैठे नेताओं के खिलाफ कार्रवाई हो.

चंद लोगों के हाथों में गिरवी न रखें कांग्रेस
उन्होंने कहा कि चंद लोगों के हाथ में पार्टी को गिरवी नहीं रखना चाहिए. लीडरशिप के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व को अब बहुत असमंजस में नहीं रहना चाहिए और पार्टी का भविष्य किसके हाथ में होगा यह तय होना चाहिए. चतुर्वेदी ने कहा कि पार्टी में टैलेंट की कमी नहीं है. अब नए चेहरे के साथ पार्टी को आगे आना चाहिए. नए चरित्र के साथ पार्टी सामने आए और कार्यकर्ताओं में विश्वास पैदा करे.

राहुल गांधी ने अपनी भागीदारी निभाई
राहुल गांधी के लीडरशिप और कार्यशैली पर उठ रहे सवालों पर सत्यव्रत चतुर्वेदी ने उनका बचाव करते हुए कहा कि लीडरशिप में राहुल की जो भागीदारी थी उन्होंने किया. प्रदेश नेतृत्व की जिम्मेदारी भी तो बनती है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी उभरते हुए युवा हैं. वह बहुत दिनों से उपाध्यक्ष हैं और उनके अध्यक्ष बनने की बात चल रही है. इस पर सोनिया गांधी को फैसला लेना है.

लीडरशिप पर प्रियंका खुद लेंगी फैसला
चतुर्वेदी ने कहा कि प्रियंका गांधी को लीडरशिप दिए जाने के बारे में बहुत वर्षों से मांग उठती रही है. इसका फैसला खुद प्रियंका को लेना है. कांग्रेस के भीतर एक के बाद एक नेताओं की ओर से उठाए जा रहे इन सवालों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है. आने वाले समय में कई और नेता इस मुद्दे पर सवाल उठा सकते हैं.

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