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क्या नेटफ्लिक्स,अमेजन के कंटेंट की होती है मॉनिटरिंग, सरकार ने दिया ये जवाब

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से हमारा पहला सवाल यह था कि क्या भारत सरकार अमेजन या नेटफ्लिक्स जैसे स्ट्रीमिंग वीडियो प्लेटफॉर्म पर कंटेंट को सेंसर या रेग्युलेट करती है?

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aajtak.in
अशोक उपाध्याय नई दिल्ली, 10 October 2019
क्या नेटफ्लिक्स,अमेजन के कंटेंट की होती है मॉनिटरिंग, सरकार ने दिया ये जवाब सांकेतिक फोटो

  • आरटीआई के जवाब में प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने दी ये जानकारी
  • आईटी मिनिस्ट्री भी ऐसे कंटेंट को सेंसर या रेगुलेट नहीं करती
क्या नेटफ्लिक्स और अमेजन जैसे ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म शो पर 'एंटीनेशनल' और 'हिंदू विरोधी' कंटेंट को बैन कर सकते हैं? इसका जवाब है कि अभी ऐसी कोई निगरानी नहीं है, यानी ऐसे प्लेटफॉर्म पर इस तरह के कंटेंट पर नकेल नहीं कसी जा रही है. इंडिया टुडे के आरटीआई के जवाब में प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ये जानकारी दी है.

कौन रखता है नजर?

न केवल अभद्र कंटेंट अपमानजनक भाषा के साथ, बल्कि हिंसा और नग्नता से भरे हुए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के लिए यह एक अजीब स्थिति है. ये कई लोगों के लिए आक्रामक हो सकता है. ऐसे में सवाल है कि भारत सरकार ऐसे ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म को विनियमित करने के लिए क्या कर रही है? नेटफ्लिक्स और अमेजन जैसे प्लेटफॉर्मों के कंटेंट पर कौन नजर रख रहा है, जो 2016 से चल रहा है?

इसको लेकर इंडिया टुडे के अशोक उपाध्याय ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय (I&B) के साथ सूचना का अधिकार (RTI) आवेदन दायर किया क्योंकि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) I&B के मंत्रालय के तहत सेंसरशिप और वर्गीकरण निकाय है जिसे फिल्मों की सार्वजनिक प्रदर्शनी को विनियमित करने का काम सौंपा गया है.

इस आरटीआई के जवाब में I&B मंत्रालय ने कहा, 'जहां तक ​​इस मंत्रालय का संबंध है, वर्तमान में ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों पर कंटेंट को विनियमित नहीं किया जा रहा है. हालांकि, आपके आवेदन को अधिनियम की धारा 6 (3) के तहत सीपीआईओ को ट्रांसफर किया जा रहा है.

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से हमारा पहला सवाल यह था कि क्या भारत सरकार अमेजन या नेटफ्लिक्स जैसे स्ट्रीमिंग वीडियो प्लेटफॉर्म पर कंटेंट को सेंसर या रेग्युलेट करती है? जवाब में कहा गया, 'इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) कंटेंट को सेंसर या विनियमित नहीं करता है.'

दूसरा प्रश्न यह था कि क्या मंत्रालय ऐसे प्लेटफॉर्म के कंटेट को विनियमित करने की योजना बना रहा है. इस पर MeitY की प्रतिक्रिया थी 'आईटी अधिनियम 2000 में परिभाषित मध्यस्थों को सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थता दिशा-निर्देश) नियम, 2011 का पालन करना होगा.' हालांकि ये जांचने के लिए कोई नहीं है कि ये स्व-नियामक तंत्र काम कर रहे हैं या नहीं.

MeitY के पास कोई विवरण नहीं है

हमारा अगला सवाल यह था कि अगर स्ट्रीमिंग वीडियो प्लेटफॉर्म की निगरानी के लिए कोई विभाग है तो जवाब आश्चर्यजनक मिला. जवाब में कहा गया कि 'MeitY के पास ऐसा कोई विवरण नहीं है.

नहीं मिली कोई शिकायत

हमने यह भी पूछा कि क्या सरकार को वीडियो प्लेटफॉर्म पर अश्लील कंटेंट के बारे में लोगों से शिकायतें मिल रही हैं? इस पर प्रतिक्रिया थी, 'इस मंत्रालय के साइबर कानून और साइबर सुरक्षा समूह के साथ कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है.'

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