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डॉक्टर पायल तडवी केस में नया मोड़, वकील का दावा- हत्या कर लटकाया गया

शिकायतकर्ता के वकील ने कहा कि मृतका के शरीर पर निशान हैं. ऐसा भी हो सकता है कि आरोपियों ने पायल तडवी को फांसी से लटका दिया हो. पायल के प्राइवेट पार्ट पर भी निशान मिले हैं. शिकायतकर्ता की ओर से 14 दिन की पुलिस कस्टडी की अपील की गई है.

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aajtak.in
aajtak.in नई दिल्ली, 29 May 2019
डॉक्टर पायल तडवी केस में नया मोड़, वकील का दावा- हत्या कर लटकाया गया पायल तडवी मामले में नया मोड़ (फाइल फोटो)

डॉक्टर पायल तडवी की आत्महत्या मामले में उनके परिवार की ओर से मुंबई सेशन कोर्ट में कहा गया है कि यह केस खुदकुशी का नहीं, बल्कि हत्या का है. पीड़िता के परिवार की ओर से वकील ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पीड़िता के शरीर पर कुछ दाग मिले हैं, जो साबित करते हैं कि शरीर को खिसकाया गया है. यह हत्या का मामला है कि जिसकी जांच होनी चाहिए. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में अभी मौत की वजह का खुलासा नहीं हो सका है. विसरा को सुरक्षित रख लिया गया है. पीड़ित परिवार की ओर से विस्तृत जांच की मांग की गई है.

कोर्ट में पीड़ित परिवार के वकील ने कहा कि तीनों आरोपी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को लगातार निशाना बना रही थीं. इस मामले की जांच जरूरी है. शिकायत के बाद भी विभागाध्यक्ष ने कोई जांच नहीं बैठाई. यह लॉ एंड ऑर्डर का मामला है, जिसमें हॉस्पिटल भी निशानों के घेरे में है. शिकायतकर्ता के वकील ने पीड़ित परिवार की ओर से अपना पक्ष रखा है.

शिकायतकर्ता की ओर से प्राथमिक साक्ष्य के तौर पर पेश किए गए चैट से यह जानकारी मिली है कि आरोपी पायल तडवी के साथ सही ढंग से बातचीत नहीं कर रही थीं. वे पायल को 'भगौड़ी' के नाम से बुलाती थीं.

14 दिन की पुलिस कस्टडी की मांग

शिकायतकर्ता के वकील ने कहा कि पीड़िता के शरीर पर निशान हैं. ऐसा भी हो सकता है कि आरोपियों ने पायल तडवी को फांसी से लटका दिया हो. पायल के प्राइवेट पार्ट पर भी निशान हैं. शिकायतकर्ता की ओर से 14 दिन की पुलिस कस्टडी की अपील की गई है.

कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं

इस मामले में कोर्ट में मामले की जांच कर रहे इन्वेस्टिगेशन ऑफीसर ने कोर्ट से कहा कि दोनों आरोपी आत्महत्या के वक्त वहां थीं, लेकिन उनका दरवाजा बंद था. मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद किया गया. सूचना यह है कि तीनों आरोपी महिला डॉक्टरों ने आत्महत्या करने के लिए उकसाया है. गवाह का बयान भी इसकी पुष्टि करता है. हम ऐसे में सुसाइड नोट की तलाशी कर रहे हैं. फोन सीज कर लिया गया है. फोन के सभी डेटा को ट्रैक करने की कोशिश की जा रही है.

पायल तडवी पारिवारिक कारणों से परेशान

आरोपी भक्ति मेहर के वकील ने कोर्ट से कहा कि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. इसलिए भक्ति मेहर की कस्टडी का कोई आधार नहीं बनता है.भक्ति मेहर ने कोर्ट से कहा कि मेरा पता पुलिस के पास है, मैं जांच में सहयोग करूंगी. पायल तडवी का रूम अंदर से बंद था.

पायल तडवी की शादी एक ही अस्पताल में काम करने वाले एक डॉक्टर से हुई थी. वह अस्पताल में रहती थी. उसकी जिंदगी में कुछ पारिवारिक और शादीशुदा जिंदगी में तनाव चल रहा था. कुछ दिनों पहले तक वह 15 दिन तक कॉलेज ही नहीं आई.

वकील ने कहा कि डॉक्टर भक्ति मेहर भी आरक्षित वर्ग से आती हैं. आरोपी ने कहा कि 23 मई को 11 बजे से 2 बजे दोपहर तक हम डीन ऑफिस में अपना बयान देने गए थे, लेकिन उन्होंने कहा कि बयान अब दर्ज नहीं किया जाएगा. एक अन्य बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि एसटी/एससी एक्ट इस केस में लागू नहीं हो सकता.

वहीं पीड़िता की मां का कहना है कि पायल तडवी ने बताया था कि उन्होंने आरोपी महिला डॉक्टरों को ऑपरेशन थिएटर में भी आने की इजाजत नहीं दी थी.

बचाव का दावा- नहीं दी प्रताड़ना

वहीं बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि पायल तडवी ने आत्महत्या वाले दिन ही ऑपरेशन थिएटर में दो आरोपियों के साथ ऑपरेशन किया था. जिस चैट को प्राथमिक साक्ष्य के तौर पर पेश किया गया है उसमें किसी भी तरह की गाली या प्रताड़ना का इस्तेमाल नहीं किया गया है. इस केस को मीडिया की ओर से उछाला गया और मीडिया ट्रायल हुआ. बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि मंगलवार को पुलिस ने उनके दफ्तर में भी तलाशी ली. मेरे कार्यकर्ता को जरूरी दस्तावेज तक फाइल नहीं करने दिया गया उसे एक पुलिस इंस्पेक्टर ने रोक लिया.

वहीं प्रोसीक्यूशन की ओर से गवाह के बयान कोर्ट में सबमिट किए गए. गवाह ने कहा कि वह आत्महत्या से पूर्व हुए सभी मामलों की साक्षी है. बचाव पक्ष के वकील अबद पोंडा ने दो आरपियों की ओर से सबमिशन दाखिल किया.

तीनों आरोपी डॉक्टरों ने बचाव में कहा कि हम डॉक्टर हैं, जिंदगी बचाते हैं, हम दूसरों से जिंदगी छीनते नहीं हैं. बचाव पक्ष ने कहा कि जिस चैट की बात की जा रही है उसमें जातिवाद की बात की गई है. लेकिन पायल तडवी कहती थीं कि कोई नहीं जानता कि उनकी जाति क्या है और वह आदिवासी समुदाय से आती है. कोई किसी की जाति पर टिप्पणी नहीं करता.

तीनों आरोपी गिरफ्तार

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में पायल तडवी आत्महत्या मामले के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. गिरफ्तार आरोपियों में अंकिता लोखंडवाला, हेमा आहुजा और भक्ति मेहर का नाम शामिल है. हेमा आहुजा को मंगलवार रात गिरफ्तार किया गया, वहीं भक्ति मेहर को मुंबई सेशन कोर्ट से मंगलवार शाम में गिरफ्तार किया गया. अंकिता खंडेलवाल को मुंबई पुलिस ने बुधवार सुबह गिरफ्तार कर लिया है.

पायल तडवी ने कथित तौर पर अपनी वरिष्ठ सहकर्मियों द्वारा रैगिंग और जातीय टिप्पणी किए जाने से परेशान होकर खुदकुशी कर ली थी. डॉक्टर पायल तडवी की आत्महत्या के बाद से ही दोनों आरोपी फरार चल रही थीं. तडवी ने 22 मई को खुदकुशी कर ली थी.

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