एडवांस्ड सर्च

नंदा देवी में जान गंवाने वाले पर्वतारोहियों के आखिरी लम्हे

12 पर्वतारोहियों के एक दल ने 13 मई को नंदादेवी की चोटी के लिए चढ़ाई शुरू की. इन्हें 26 मई तक वापस आना था, लेकिन इनमें 4 पर्वतारोही ही वापस आ सके. इन चारों ने 30 मई को प्रशासन को अपने बाकी 8 साथियों के बर्फीले तूफान में फंस जाने की सूचना दी.

Advertisement
aajtak.in
कमलजीत संधू नई दिल्ली, 09 July 2019
नंदा देवी में जान गंवाने वाले पर्वतारोहियों के आखिरी लम्हे पर्वतारोहियों की तस्वीर (Photo-India Today)

ये काम वही कर सकते थे जिनका हौसला हिमालय से भी ऊंचा होता है. यहां बात हो रही है इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के जवानों की, जिन्होंने 'ऑपरेशन डेयरडेविल' को अंजाम दिया. इन्होंने करीब 20,000 फीट की ऊंचाई पर 20 दिन मिशन को अंजाम देकर लापता 7 पर्वतारोहियों के शवों को रिकवर कर उनके परिजनों तक पहुंचाने का 'भागीरथ काम' किया.

इन पर्वतारोहियों के बर्फीले तूफान में फंसने से पहले के आखिरी क्षण हेलमेट पर लगे कैमरे में कैद हैं. इस हेलमेट को भी आईटीबीपी पर्वतारोहियों के सामान के साथ ले कर आए. इस वीडियो को आईटीबीपी ने जारी किया है.

सबसे दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में से एक यानी नंदादेवी ईस्ट शिखर, माइनस 20 डिग्री तक तापमान और बर्फीले तूफान के खतरे के बीच इस मिशन को अंजाम देना कितना मुश्किल था, ये बस अंदाजा ही लगाया जा सकता है.  

दरअसल, 12 पर्वतारोहियों के एक दल ने 13 मई को नंदादेवी की चोटी के लिए चढ़ाई शुरू की. इन्हें 26 मई तक वापस आना था, लेकिन इनमें 4 पर्वतारोही ही वापस आ सके. इन चारों ने 30 मई को प्रशासन को अपने बाकी 8 साथियों के बर्फीले तूफान में फंस जाने की सूचना दी. लापता 8 पर्वतारोहियों में ब्रिटेन के चार, अमेरिका के दो और आस्ट्रेलिया-भारत के एक-एक नागरिक शामिल थे.

इसके बाद आईटीबीपी ने शुरू किया 'ऑपरेशन डेयरडेविल'. इस मिशन में साथ देने के लिए भारतीय वायुसेना ने अपने हेलिकॉप्टर्स उतारने की पेशकश की. प्लान 'ए' के तहत हेलिकॉप्टर्स से कमांडो को नीचे उतारा जाना था और प्लान 'बी' के तहत शवों को रिकवर कर हेलिकॉप्टर्स के जरिए ही लाया जाना था, लेकिन जिस तरह का उतार-चढ़ाव वाला ये पर्वतीय क्षेत्र है, वहां हेलिकॉप्टर के इस्तेमाल के प्लान को छोड़ना पड़ा, लेकिन आईटीबीपी के ग्यारह जवानों की टीम ने उम्मीद नहीं छोड़ी.

आईटीबीपी के डीआईजी एपीएस निंबाडिया ने बताया कि आईटीबीपी के जवानों को पहले शवों को 20,000 फीट से ज्यादा की ऊंचाई तक ले जाना पड़ा, फिर दूसरी तरफ से स्लाइड करके नीचे उतरे.  

7 पर्वतारोहियों के शव हुए बरामद

निंबाडिया के मुताबिक, पर्वतारोहियों के शव गलने लगे थे और वक्त हाथ से निकला जा रहा था. आईटीबीपी टीम की पूरी कोशिश थी कि शवों को पूरी गरिमा के साथ वापस लाया जाए. लापता 8 पर्वतारोहियों में से सिर्फ उनके ग्रुप लीडर जॉन मैकलारेन को छोड़ बाकी सभी के शवों को बरामद कर लिया गया. मैकलारेन का शव ऐसी गहरी दरार में फंसा था जहां से उसे रिकवर करना नामुमकिन था.

मिशन ज्यादा मुश्किल

आईटीबीपी टीम के लीडर रतन सिंह सोनल ने बताया, 'पर्वतीय क्षेत्र बहुत मुश्किल था और वहां कच्ची बर्फ थी. एक भी गलत कदम से जान का खतरा था. माउंट एवरेस्ट की तुलना में नंदा देवी पर इस तरह का मिशन ज्यादा मुश्किल है. नंदा देवी में रास्ते को खोलना और फिक्स करना पड़ता है. टीम के हर सदस्य को एक दूसरे से पूरे तालमेल के साथ बढ़ना होता है.'

आईटीबीपी टीम ने नंदा देवी के पास एक अनाम चोटी से 23 जून को 7 पर्वतारोहियों के शव रिकवर किए और फिर इंच-इंच कर बेसकैम्प की ओर बढ़ना शुरू किया.

आईटीबीपी के डीजी एस एस देशवाल ने बताया कि शवों को 1 जुलाई को बेसकैम्प (15,250 फीट) तक लाया गया. वहां से वायुसेना के हेलिकॉप्टर्स का उड़ान भरना मुमकिन था.

पर्वतारोहियों के आखिरी क्षण कैद

आईटीबीपी की टीम ने ये भी ध्यान रखा कि पर्वतारोहियों के बैगेज भी साथ लाए जाए. इनमें एक पैंगुइन की आकृति का एक खिलौना भी मिला जिसे देख टीम के सदस्य भावुक हो गए. इसके अलावा एक हेलमेट गो प्रो कैमरा भी मिला जिसमें पर्वतारोहियों के आखिरी क्षण कैद हैं. इसमें पहले पर्वतारोही कच्ची बर्फ पर चलते दिखते हैं, फिर अचानक एक भीषण आवाज के साथ कैमरा बंद हो जाता है. ये वही वक्त था जब बर्फीले तूफान ने उन्हें अपनी चपेट में लिया.  

'ऑपरेशन डेयरडेविल' को कामयाबी से अंजाम देने वाले आईटीबीपी जवानों को डीजी ने सम्मानित किया और साथ ही कैश रिवॉर्ड का भी ऐलान किया.

डीजी देशवाल ने बताया कि आईटीबीपी कमांडो समेत फोर्स की टीमें सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में तैनात की गई है. डीजी के मुताबिक भविष्य में होने वाले किसी भी रेस्क्यू मिशन में टीम के साथ कैमरों से लैस उपकरण भी होंगे जिससे जवानों के अदम्य साहस को रिकॉर्ड किया जा सके.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay