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घुसपैठियों से परेशान नगालैंड भी चला असम की राह, एनआरसी का फैसला

असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस को अपडेट करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब पड़ोसी नगालैंड ने भी इस तरह की सूची अपडेट करने का फैसला किया है. इसकी लिस्ट 60 दिनों में तैयार की जाएगी जिसकी शुरुआत 10 जुलाई 2019 से होगी.

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aajtak.in
aajtak.in गुवाहाटी, 01 July 2019
घुसपैठियों से परेशान नगालैंड भी चला असम की राह, एनआरसी का फैसला नागरिकों की सूची तैयार करेगा नगालैंड (ANI)

असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (एनआरसी) को अपडेट करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब पड़ोसी नगालैंड ने भी इस तरह की सूची अपडेट करने का फैसला किया है. इसकी लिस्ट 60 दिनों में तैयार की जाएगी जिसकी शुरुआत 10 जुलाई 2019 से होगी. नकली और फर्जी प्रमाणपत्र की समस्या से निपटने के लिए नगालैंड सरकार ने रजिस्टर ऑफ इंडिजिनियस इनहैबिटेंट्स ऑफ नगालैंड (RIIN) स्थापित करने जा रही है.

नगालैंड सरकार के गृह आयुक्त आर. रामकृष्णन ने 29 जून को एक अधिसूचना जारी की, जिसमें रजिस्टर ऑफ इंडिजिनियस इनहैबिटेंट्स ऑफ नगालैंड (आरआईआईएन) स्थापित किए जाने की बात कही गई है. इसका उद्देश्य राज्य में रहने वाले सभी नागरिकों की सूची तैयार करना और नकली निवासी प्रमाण पत्र जारी करने से रोकना है.

अधिसूचना के मुताबिक लिस्ट तैयार करने का काम 10 जुलाई 2019 से शुरू होगा  और यह काम दो महीने यानी 60 दिनों में पूरा किया जाएगा. इसके टीम गठित की जाएंगी जो गांवों और कस्बों में जाकर नागरिकों की सूची तैयार करेगी. ये टीमें नगालैंड में रहने वाले लोगों का विवरण तैयार करेगी. इसके बाद सरकार इस सूची को प्रकाशित करेगी.

बता दें कि यह राज्य भी बांग्लादेशी घुसपैठ की समस्या से परेशान है और राज्य में समय-समय पर विभिन्न संगठनों की ओर से 'बांग्लादेशी भगाओ' अभियान चलाए जाते रहे हैं. मगर सरकार अब कानूनी प्रक्रिया के तहत एनआरसी को अपडेट कर अवैध आप्रवासियों को राज्य से बाहर निकालना चाहती है.

इस बीच, नगालैंड सरकार 30 जुलाई को राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का अंतिम मसौदा प्रकाशित करने जा रही है. इसके बाद प्रदेश में अवैध शरणार्थियों के आने की आशंका को देखते हुए एहतियात के तौर पर असम की सीमा पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार ने एक बुलेटिन जारी किया जिसके अनुसार राज्य सरकार ने मॉब लिंचिंग को रोकने के लिए प्रत्येक जिले में विशेष कार्य बल ( एसटीएफ) का गठन करने का निर्णय किया है.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक नगालैंड के मुख्य सचिव तेमजेन टॉय की अध्यक्षता में गृह विभाग और पुलिस विभाग की बैठक हुई जिसमें एहतियाती कदम उठाने पर चर्चा हुई. इसमें कहा गया है कि राज्य पुलिस नगालैंड-असम सीमा पर भारतीय रिजर्व बटालियन की टुकड़ियों सहित अतिरिक्त बलों की तैनाती कर रही है.

केंद्र ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्ट्रेशन के अंतिम मसौदे के प्रकाशन के बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए असम और आस-पास के क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी करने के लिए पहले ही केंद्रीय अर्धसैनिक बल के 22,000 जवानों को भेज दिया है. बुलेटिन में कहा गया है कि राज्य सरकार गांव की परिषदों को सतर्क रहने और अवैध शरणार्थियों को घुसने नहीं देने के साथ ही उन्हें किसी भी तरह का रोजगार नहीं देने के लिए पत्र लिख रही है.  

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