एडवांस्ड सर्च

'ट्रैफिक रूल तोड़ने पर बढ़ा फाइन आत्महत्या को दे सकता है बढ़ावा'

वीएनएसएसएम के अध्यक्ष किशोर तिवारी ने कहा कि अगर किसी मंत्री पर 10 हजार रुपये का जुर्माना एक साधारण टैक्सी या टेम्पो चालक पर लगता है, जो एक महीने में मुश्किल से इतना वेतन कमा सकता है, तो उसका परिवार भूखा रह जाएगा. इसके बाद आम आदमी आत्महत्या का सहारा लेगा.

Advertisement
aajtak.in
aajtak.in नई दिल्ली, 12 September 2019
'ट्रैफिक रूल तोड़ने पर बढ़ा फाइन आत्महत्या को दे सकता है बढ़ावा' प्रतीकात्मक तस्वीर

  • किशोर ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से जुर्माने को घटाने का किया आग्रह
  • जुर्माना भरने के बाद, परिवार रह जाएगा भूखा, आम आदमी कर सकता है आत्महत्या

देश में नया मोटर व्हीकल कानून लागू हो गया है. सड़कों पर ट्रैफिक के नियम तोड़ने पर ज्यादा जुर्माना देना होगा. दरअसल, 1 सितंबर से मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम के 63 उपबंध लागू किए गए हैं. इनमें यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर भारी-भरकम जुर्माना चुकाना पड़ रहा है. इस पर महाराष्ट्र के एक किसान संगठन के प्रमुख ने बुधवार को यहां चेतावनी देते हुए कहा कि नए मोटर वाहन अधिनियम (एमवीए) के तहत लगाया गया भारी जुर्माना गलत और जनविरोधी है और यह लोगों को आत्महत्या करने पर मजबूर करने वाला फैसला हो सकता है.

वसंतराव नाइक शेट्टी स्वावलंबन मिशन (वीएनएसएसएम) के अध्यक्ष किशोर तिवारी ने कहा, 'देशभर में विशेष रूप से मध्यवर्गीय लोगों ने इस जुर्माने का विरोध किया गया है, मीडिया में सुनने और पढ़ने के बाद यह पता चलता है कि यह एक जन विरोधी कदम है.' तिवारी ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से जुर्माने को घटाने का आग्रह किया. उन्होंने अपील करते हुए कहा है कि अगर आम लोगों पर जुर्माने के लिए जोर दिया गया तो वे आत्महत्या भी कर सकते हैं.

तिवारी ने आईएएनएस को बताया, 'इस बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि गुजरात में एमवीए जुर्माने को कम कर दिया गया है, जोकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष व गृह मंत्री अमित शाह का गृह राज्य है. इससे साबित होता है कि भाजपा शासित राज्य भी इस संशोधित जुर्माने के खिलाफ हैं.'

मुंबई के एक आरटीओ अधिकारी ने कहा, 'आरटीओ के फील्ड कर्मचारियों में भी इसके लागू होने को लेकर आशंकाएं बनी हुई हैं. इन नए नियमों को लागू करने की कोशिश कर रहे आरटीओ कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार व मारपीट की गई है. लोग अपने वाहनों को छोड़कर दूर चले जाते हैं. जब एक महिला पर जुर्माना लगाया गया तो उसे दिल का दौरा पड़ गया. इस तरह की अन्य कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं.'

जब तिवारी से इस बात का जिक्र किया गया कि हाल ही में गडकरी ने खुद खुलासा किया कि उन्हें मुंबई में राजीव गांधी बांद्रा वर्ली सी लिंक पर जुर्माना भुगतना पड़ा, तो तिवारी ने कहा, 'आम जनता की तुलना किसी मंत्री के साथ नहीं की जा सकती है.'

उन्होंने कहा, 'अगर किसी मंत्री पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगता है, तो यह उसके लिए कम मायने रखता है लेकिन अगर यही जुर्माना एक साधारण टैक्सी या टेम्पो चालक पर लगता है, जो एक महीने में मुश्किल से इतना वेतन कमा सकता है, तो उसका परिवार भूखा रह जाएगा. इसके बाद आम आदमी आत्महत्या का सहारा लेगा.'

तिवारी ने एमवीए जुर्माने को पूरी तरह से बेतुका बताते हुए कहा कि इससे पहले से ही खराब हो रही अर्थव्यवस्था पर विनाशकारी प्रभाव पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल उद्योग पहले ही संकट में है और इसकी वजह से आम लोग नए वाहन खरीदना बंद कर देंगे.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay