एडवांस्ड सर्च

चालान पर केंद्र Vs राज्य! ये राज्य 12 दिन भी नहीं झेल पाए रोड सेफ्टी पर कानून

भाजपा शासित राज्यों समेत कई राज्य सरकारों ने इस कानून को लागू करने से इनकार कर दिया या फिर जुर्माने की राशि आधी कर दी. एक देश एक विधान की बात करने वाली भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड बहुमत वाली सरकार अपनी ही राज्य सरकारों से केंद्र द्वारा पारित कानून लागू नहीं करवा पाई.

Advertisement
aajtak.in
aajtak.in नई दिल्ली, 12 September 2019
चालान पर केंद्र Vs राज्य! ये राज्य 12 दिन भी नहीं झेल पाए रोड सेफ्टी पर कानून चालान पर केंद्र बनाम राज्य!

  • मोटर व्हीकल एक्ट पर केंद्र बनाम राज्य
  • कई राज्यों ने चालान राशि में की कटौती
  • BJP शासित कई राज्य भी इस लिस्ट में शामिल

सड़क पर लाल बत्ती पार कर जाना या फिर बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन को चलाना बीते कुछ समय से भारत की सड़कों पर आम बात हो रही थी. इसी धारणा को बदलने के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का मंत्रालय ट्रैफिक नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना लगाने की नीति लाया. 1 सितंबर को कानून लागू हुआ और 11 सितंबर तक उसका जुगाड़ भी निकल गया.

भाजपा शासित राज्यों समेत कई राज्य सरकारों ने इस कानून को लागू करने से इनकार कर दिया या फिर जुर्माने की राशि आधी कर दी. एक देश एक विधान की बात करने वाली भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड बहुमत वाली सरकार अपनी ही राज्य सरकारों से केंद्र द्वारा पारित कानून लागू नहीं करवा पाई. अभी तक किन राज्यों ने चालान की जुर्माना राशि को कम किया है, उनकी लिस्ट यहां है...

1.    गुजरात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के गृह राज्य गुजरात ने सबसे पहले इस नियम के छुटकारे का तरीका अपनाया. राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कई जुर्मानों पर भारी छूट का ऐलान कर दिया. गुजरात सरकार ने औसतन 90 फीसदी की कटौती की है.

जैसे एम्बुलेंस का रास्ता रोकने पर 10 हजार की जगह 1 हजार, बाइक पर ओवरलोड पर 1 हजार की जगह 100 रुपये, बिना रजिस्ट्रेशन की बाइक पर 5 हजार की जगह सिर्फ एक हजार रुपये का जुर्माना.

2.    महाराष्ट्र

एक और भाजपा शासित राज्य महाराष्ट्र ने भी इस कानून के आगे हाथ खड़े कर दिए हैं. महाराष्ट्र केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का गृह राज्य भी है. गौर करने वाली बात ये भी है कि महाराष्ट्र में कुछ ही महीनों में चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में राज्य के मुखिय देंवेंद्र फडणवीस कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं. महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री इस मुद्दे पर नितिन गडकरी को चिट्ठी भी लिखने वाले हैं.

3.    उत्तराखंड

भाजपा शासित राज्य उत्तराखंड ने भी जुर्माना राशि को काफी ज्यादा बताया. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्य में नए मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन किया और कई जुर्माने की राशि आधी कर दी. उदाहरण के तौर पर बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर 5000 की जगह 2500 रुपये का जुर्माना.

4.    झारखंड

महाराष्ट्र की तरह ही कुछ महीनों में झारखंड में भी चुनाव होने वाले हैं और यहां पर भी वोटों की चिंता है. राज्य में भी नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू नहीं हुआ है और राज्य सरकार ने पहले ही जुर्माने में कटौती के संकेत दे दिए हैं. गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के बाद झारखंड में जुर्माना राशि में कटौती हो सकती है.

5.    हरियाणा

इस साल हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने हैं और राज्य के मुखिया मनोहर लाल खट्टर ने अभी नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू करने से इनकार किया है. राज्य सरकार की ओर से पूरे हरियाणा में ट्रैफिक नियमों के लिए जागरूक अभियान चलाया जाएगा. राज्य सरकार 45 दिनों तक ये अभियान चलाएगी.

इन अहम राज्यों के अलावा पश्चिम बंगाल, कर्नाटक जैसे कुछ अन्य राज्य भी मोटर व्हीकल एक्ट के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं. तृणमूल कांग्रेस ने इस कानून का संसद में भी विरोध किया था और अब ममता सरकार ने राज्य में इसे लागू नहीं किया है. वहीं, बीजेपी शासित कर्नाटक की राज्य सरकार भी बढ़ी हुई जुर्माना राशि से परेशान नजर आ रही है और जल्द ही जुर्माना राशि में कटौती के संकेत दिए हैं.

आपको बता दें कि अगर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की बात करें तो उनका कहना है कि केंद्र की तरफ ये जुर्माना कमाई के लिए नहीं बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए लगाया गया है. अगर कानून कड़ा होगा तो लोग उसका पालन करेंगे.

हालांकि, राज्य सरकारों के द्वारा जो कानून में बदलाव किया जा रहा है उसपर नितिन गडकरी का कहना है कि राज्यों के पास अपने हिसाब से बदलाव करने का अधिकार है, लेकिन उन्होंने ये भी अपील की है कि किसी राज्य सरकार को राजनीतिक दबाव में नहीं आना चाहिए और कानून को कड़ा ही रखना चाहिए.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay