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चीन पर जारी रहेगी डिजिटल स्ट्राइक! और कई चीनी ऐप पर लग सकती है पाबंदी

मोदी सरकार ने देश के खतरा बने 59 चाइनीज मोबाइल ऐप पर पाबंदी लगा दी है. इस आदेश के बाद सरकार ने गूगल और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को भी संबंधित ऐप हटाने के निर्देश दे दिए हैं. इस बीच जानकारी ये भी आ रही है कि सरकार चीन को आगे भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर झटका दे सकती है.

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aajtak.in
हिमांशु मिश्रा नई दिल्ली, 30 June 2020
चीन पर जारी रहेगी डिजिटल स्ट्राइक! और कई चीनी ऐप पर लग सकती है पाबंदी पीएम मोदी के साथ आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद (फोटो-PTI)

  • चीन पर डिजिटल अटैक जारी
  • और ऐप पर भी लग सकता है बैन
  • 59 ऐप पर बैन लगा चुकी है सरकार

मोदी सरकार ने देश के लिए खतरा बने 59 चाइनीज मोबाइल ऐप पर पाबंदी लगा दी है. इस आदेश के बाद सरकार ने गूगल और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को भी संबंधित ऐप हटाने के निर्देश दे दिए हैं. इस बीच जानकारी ये भी आ रही है कि सरकार चीन को आगे भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर झटका दे सकती है. अगर जरूरत पड़ी तो आगे भी चीनी ऐप पर पाबंदी लगाई जा सकती है.

सरकार ने 29 जून को ही 59 ऐप पर बैन लगाया है, जिनमें टिकटॉक और शेयरइट जैसे मशहूर ऐप भी शामिल हैं. सरकार ने दावा किया है कि इन ऐप के जरिए जानकारी दूसरे देशों को पहुंचाई जा रही थी, जो देश के लिए सही नहीं था. अब सरकार ने ये कहा है कि अगर आगे भी ऐसा पाया गया कि कोई ऐप देश हित के खिलाफ है तो ऐसे और ऐप के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है.

मोदी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए टिकटॉक, वीचैट, यूसी ब्राउजर जैसे 59 चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है. भारत सरकार ने सोमवार को यह फैसला पूर्वी लद्दाख में बीते दिनों चीन और भारत की सेना के बीच हुए हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवानों के शहीद होने के बाद उपजे तनाव के बीच लिया है.

इलेक्टॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ऐसे 59 चीनी एप की सूची जारी की है, जो अब भारत में प्रतिबंधित है.

मंत्रालय ने कहा, "हमारे पास विश्वसनीय सूचना है कि ये एप ऐसे गतिविधि में लगे हुए थे, जिससे हमारी संप्रभुता और अखंडता और रक्षा को खतरा था, इसलिए हमने ये कदम उठाए."

बयान के अनुसार, "डाटा का संकलन, माइनिंग और प्रोफाइलिंग राष्ट्रीय सुरक्षा और भारत की रक्षा के लिए सही नहीं थे, जिससे हमारे देश की संप्रभुता और अखंडता प्रभावित हो रही थी और यह गहरी चिंता का विषय था और इस पर तत्काल कदम उठाने की जरूरत थी." मंत्रालय ने ये भी कहा कि यह कदम करोड़ों भारतीय मोबाइल यूजर्स के हितों की रखवाली करेगा.

सरकार ने इस फैसले के बाद अब इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स और गूगल को भी आदेश जारी कर दिया है कि प्रतिबंधित ऐप उपलब्ध न कराए जाएं.

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